सीएम योगी का आगरा में ऐलान: शिक्षकों को छात्रों को सोशल मीडिया दुष्प्रचार और AI के जिम्मेदार उपयोग का पाठ पढ़ाना होगा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 जुलाई 2026 को आगरा में स्पष्ट किया कि बदलते तकनीकी परिवेश में शिक्षकों की भूमिका केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रही — उन्हें अब छात्रों को सोशल मीडिया के दुष्प्रचार से बचने के तरीके और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग का प्रशिक्षण भी देना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत-विरोधी शक्तियाँ इन्हीं डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर समाज में भ्रम, विद्वेष और अव्यवस्था फैलाने का प्रयास कर रही हैं।
कार्यक्रम और योजना का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने वाली 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के बीच शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने हेतु एक एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधा भेंटकर किया गया।
योजना के मुख्य प्रावधान
इस योजना के अंतर्गत राजकीय, शासकीय सहायता प्राप्त अशासकीय एवं स्ववित्तपोषित विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों के शिक्षकों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इससे लगभग 10 लाख लोग आच्छादित होंगे। शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस योजना से जोड़ा जा रहा है — अब तक इस वर्ग को इस सुविधा से वंचित रखा गया था।
PNB के साथ एमओयू के तहत किसी शिक्षक के साथ दुर्घटना या स्थायी विकलांगता की स्थिति में परिवार को ₹1.5 करोड़ से ₹3 करोड़ तक की सहायता राशि मिलेगी। इसके अतिरिक्त ₹60,000 तक की हॉस्पिटल कैश सुविधा और ₹12 लाख तक का टर्म लाइफ बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने PNB से आग्रह किया कि स्ववित्तपोषित एवं निजी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को भी इस दायरे में लाया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत लगभग 50,000 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
डिजिटल युग में शिक्षकों की नई जिम्मेदारी
योगी ने कहा कि आज लगभग 60 प्रतिशत युवा स्मार्टफोन और यूट्यूब के माध्यम से देश-दुनिया को समझने का प्रयास करते हैं और अक्सर वहाँ उपलब्ध सामग्री को बिना जाँचे सच मान लेते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट और गुमनाम प्लेटफॉर्म के माध्यम से कोई भी समाज में भ्रम व विद्वेष फैला सकता है, जबकि पारंपरिक प्रिंट मीडिया में रिपोर्टर, संपादक और संस्थान की जवाबदेही स्पष्ट होती थी। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अच्छा कंटेंट तैयार करें, प्रेरक उद्धरणों के माध्यम से छात्रों को सकारात्मक दिशा दें और उन्हें भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने के लिए जागरूक करें।
तकनीक और AI प्रशिक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीस के सहयोग से इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और आईटीआई में AI, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और 3D प्रिंटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रों व शिक्षकों को AI का व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाए ताकि इन तकनीकों का उपयोग समाज और देश के कल्याण के लिए हो सके।
गुरु परंपरा और शिक्षण पद्धति पर संदेश
योगी ने भारतीय परंपरा में गुरु के सर्वोच्च स्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालय इसी परंपरा की देन हैं। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि नए सत्र की पहली कक्षा में सीधे पाठ्यक्रम शुरू करने के बजाय परिचयात्मक और रोचक वातावरण बनाएँ — प्रेरक प्रसंग, उद्धरण और जीवन से जुड़े उदाहरण शामिल करने से वही पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अधिक आकर्षक और सहज बन सकता है। यह समारोह गुरु पूर्णिमा से ठीक पहले आयोजित हुआ, जो इस संदेश को और अधिक प्रासंगिक बनाता है।