उत्तर प्रदेश: विश्वास का नया प्रतीक, सीएम योगी का स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बयान

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उत्तर प्रदेश: विश्वास का नया प्रतीक, सीएम योगी का स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बयान

सारांश

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगरा में विश्वास को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और निजी निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया। यूपी अब स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।

Key Takeaways

  • विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी है।
  • स्वास्थ्य सेवाएं सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए।
  • निजी निवेश स्वास्थ्य क्षेत्र की आवश्यकता है।
  • यूपी में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।
  • आयुष्मान भारत के तहत 5.60 करोड़ गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं।

आगरा, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब समाज, सरकार और संस्थाएं एकजुट होकर एक ही दिशा में सक्रिय होती हैं, तो उसका परिणाम विश्वास में रूपांतरित होता है। यही विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए, और इसके लिए सभी को प्रयासरत रहना होगा। आज उत्तर प्रदेश विश्वास का प्रतीक बन चुका है।

सीएम योगी ने शनिवार को आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल का उद्घाटन करते हुए उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य सेवाएं सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए।

सीएम ने आशा व्यक्त की कि यथार्थ ग्रुप निश्चित रूप से अच्छे परिणाम देगा और लोगों को स्वास्थ्य प्रदान करके पुण्य अर्जित करेगा। सरकार इस क्षेत्र में हर संभव सहयोग देने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार मिलना चाहिए, और हर स्वतंत्र देश को अपने नागरिकों को यह सुविधा प्रदान करनी चाहिए। पीएम मोदी के नेतृत्व में 11 वर्षों में भारत ने दुनिया में एक नई पहचान बनाई है। हम सभी नए भारत का अनुभव कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम एक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते भारत को देख रहे हैं। यहाँ विरासत और विकास का अद्भुत समन्वय है। हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, और नई रेलवे लाइनों के साथ वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत में यात्रा करने का आनंद मिल रहा है।

योगी ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर प्रयासरत है, लेकिन जब सरकार और समाज मिलकर काम करते हैं तो परिणाम कई गुना बेहतर होते हैं। इस क्षेत्र में निजी निवेश की आवश्यकता है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए सरकार को भी प्रयास करना होगा और निजी क्षेत्र को भी आगे आना होगा। सरकार नए मेडिकल कॉलेजों के लिए नई नीति लेकर आ रही है।

सीएम योगी ने यथार्थ ग्रुप से आग्रह किया कि वे किसी जनपद में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि मेडिकल काउंसिल ने अपनी शर्तों को सरल बना दिया है। यह सबसे अनुकूल समय है जब नए मेडिकल संस्थान स्थापित कर उत्तर प्रदेश को चिकित्सा शिक्षा का केंद्र बनाया जा सकता है। सरकार हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यथार्थ ग्रुप का यह आठवां हॉस्पिटल है। अष्टसिद्धि के रूप में आगरा में हॉस्पिटल की स्थापना की गई है, जो नवनिधि की प्रतीक बनेगा। पहले देश में एक एम्स था, फिर अटल जी ने इसकी संख्या छह की और पीएम मोदी ने इसे 23 तक पहुंचा दिया। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, और ट्रिपल आईटी की एक लंबी श्रृंखला खड़ी हुई है। जब देश आगे बढ़ रहा है, तो सबसे बड़ी जनसंख्या का राज्य भी पीछे नहीं है। 2017 से पहले यूपी में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ का राज था। जब सरकारों की सोच माफिया तक सीमित थी, तब उन्होंने माफिया को जन्म दिया। जबकि डबल इंजन सरकार ने हर जनपद को मेडिकल कॉलेज प्रदान किया। आज प्रदेश में दो एम्स (रायबरेली और गोरखपुर) संचालित हो रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने विकास और कल्याण योजनाएं लागू की हैं, जिसके परिणामस्वरूप छह करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

सीएम ने कहा कि पहले जब कोई बीमार होता था तो परिवार में कोहराम मच जाता था, और सामान गिरवी रखने तक की नौबत आ जाती थी। आज मोदी जी ने आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य बीमा का कवर दिया है। यूपी में 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। यह संख्या जल्द ही 10 करोड़ तक पहुंचने वाली है। राज्य में शिक्षामित्रों, शिक्षकों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी और आशा वर्कर की संख्या 10 लाख से अधिक है, जिन्हें भी पांच लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 1300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस, सीटी स्कैन समेत कई सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, और नई तकनीकें भी लाने का कार्य प्रारंभ किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेडटेक के लिए आईआईटी कानपुर और एसजीपीजीआई लखनऊ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित हो रहे हैं। दवाएं बाहरी देशों से न आएं, बल्कि उनका उत्पादन यूपी में हो, इसके लिए ललितपुर में 1500 एकड़ में फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। मेडिकल उपकरणों के लिए भी मैन्युफैक्चरिंग यूपी में हो, इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश में आज टेलीमेडिसिन की व्यवस्था की गई है।

सीएम योगी ने कहा कि हर क्षेत्र में नवाचार का प्रयास किया गया है। सरकार बनने के बाद सामूहिक प्रयास से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी समाप्त हो गई है। पिछले 40 वर्षों में इससे 50 हजार से अधिक मौतें हुई थीं। डेंगू, कालाजार, मलेरिया, और चिकनगुनिया को समाप्त करने की दिशा में यूपी सरकार, भारत सरकार के साथ मिलकर अपने सर्विलांस कार्यक्रम को बढ़ा रही है। कोविड के दौरान सरकार ने सामूहिक प्रयास से इसे नियंत्रित किया।

Point of View

बल्कि निजी निवेश के महत्व को भी रेखांकित किया। यह दृष्टिकोण न केवल स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण है बल्कि समाज के समग्र विकास के लिए भी आवश्यक है।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

सीएम योगी ने आगरा में किस हॉस्पिटल का उद्घाटन किया?
सीएम योगी ने आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल का उद्घाटन किया।
योगी आदित्यनाथ ने विश्वास को किस रूप में बताया?
योगी आदित्यनाथ ने विश्वास को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी बताया।
उत्तर प्रदेश में आज कितने मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं?
उत्तर प्रदेश में आज 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं।
सीएम योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कितने करोड़ रुपये दिए?
सीएम योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं।
मोदी जी ने आयुष्मान भारत के तहत कितने गोल्डन कार्ड जारी किए?
मोदी जी ने यूपी में 5.60 करोड़ गोल्डन कार्ड जारी किए हैं।
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