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यूपी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना: 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षकों की ई-केवाईसी पूरी

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यूपी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना: 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षकों की ई-केवाईसी पूरी

सारांश

22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षकों की ई-केवाईसी — उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना मिशन मोड में आगे बढ़ रही है। घोषणा से लेकर क्रियान्वयन तक महज 138 दिन, और तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख पात्र कार्मिकों को कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा देने की दिशा में यह अब तक की सबसे तेज़ सरकारी पहल बन रही है।

मुख्य बातें

8 जुलाई 2026 को वाराणसी से शुरू हुई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के मात्र 22 दिनों में 5,23,144 से अधिक शिक्षक-कार्मिकों ने ई-केवाईसी पूरी की।
तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र लाभार्थियों में से 5,40,878 अब तक योजना से जुड़ चुके हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में 11,03,464 पात्रों में से 4,57,390 ने ई-केवाईसी पूरी की; माध्यमिक में 1,47,543 में से 65,754 ।
26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को जोड़ने के चार दिनों में ही 47 प्रतिशत यानी 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी की।
योजना की घोषणा 20 फरवरी 2026 को हुई थी और 138 दिनों के भीतर क्रियान्वयन शुरू हो गया।
ई-केवाईसी के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन ने रिकॉर्ड गति पकड़ी है — 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों के भीतर 5,23,144 से अधिक पात्र शिक्षक-कार्मिकों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है, जो कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 42 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान करना है।

योजना की पृष्ठभूमि और शुभारंभ

20 फरवरी 2026 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर सरकार ने योजना का पोर्टल, प्रारूप, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था और विभागीय तैयारियाँ पूरी कर 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना लागू कर दी। इसके 18 दिन बाद, 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया गया।

विभागवार ई-केवाईसी की प्रगति

बेसिक शिक्षा विभाग में 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों का पंजीकरण हो चुका है। उच्च शिक्षा विभाग में मात्र चार दिनों के भीतर 38,011 पात्र लाभार्थियों में से 17,734 ने ई-केवाईसी पूरी की — यह कुल पात्रों का लगभग 47 प्रतिशत है।

कुल उपलब्धि और निगरानी तंत्र

तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर योजना से जुड़ चुके हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग और शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।

लाभार्थियों को क्या मिलेगा

ई-केवाईसी पूरी होने के बाद पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। सरकार इस योजना को मिशन मोड में लागू कर रही है और सभी जिलों एवं शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में कल्याणकारी योजनाओं को तेज़ गति से लागू करने पर जोर दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ई-केवाईसी की रफ्तार वास्तविक कैशलेस उपचार तक पहुँचने में भी बनी रहती है या नहीं। असली परीक्षा तब होगी जब सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या, दावा-निपटान की गति और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधा की उपलब्धता जाँची जाएगी। 12.89 लाख पात्र कार्मिकों में से अभी भी लगभग 58 प्रतिशत पंजीकरण से बाहर हैं — शत-प्रतिशत लक्ष्य तक पहुँचने के लिए सरकार को उन दूरदराज़ के शिक्षकों तक भी पहुँचना होगा जिनके पास डिजिटल पहुँच सीमित है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है जिसके तहत प्रदेश के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकते हैं। इसकी घोषणा 20 फरवरी 2026 को हुई और 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से इसका शुभारंभ किया गया।
ई-केवाईसी पूरी करने के बाद शिक्षकों को क्या लाभ मिलेगा?
ई-केवाईसी पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थी सरकार द्वारा सूचीबद्ध चिकित्सालयों में बिना नकद भुगतान के उपचार करा सकेंगे। यह सुविधा शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों — तीनों के लिए उपलब्ध होगी।
कितने शिक्षक-कार्मिक इस योजना के पात्र हैं और अब तक कितनों ने पंजीकरण किया?
तीनों शिक्षा विभागों — बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा — में कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिक हैं। इनमें से 5,40,878 लाभार्थी अब तक ई-केवाईसी पूरी कर योजना से जुड़ चुके हैं।
उच्च शिक्षा विभाग को इस योजना में कब शामिल किया गया?
26 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत शामिल किया। मात्र चार दिनों में विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से 17,734 यानी लगभग 47 प्रतिशत ने ई-केवाईसी पूरी कर ली।
योजना की निगरानी कौन कर रहा है और शत-प्रतिशत पंजीकरण कैसे सुनिश्चित होगा?
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के अनुसार विभाग और शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूरी कराई जाए।
राष्ट्र प्रेस
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