यूपी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना: 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षकों की ई-केवाईसी पूरी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन ने रिकॉर्ड गति पकड़ी है — 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों के भीतर 5,23,144 से अधिक पात्र शिक्षक-कार्मिकों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है, जो कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 42 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान करना है।
योजना की पृष्ठभूमि और शुभारंभ
20 फरवरी 2026 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर सरकार ने योजना का पोर्टल, प्रारूप, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था और विभागीय तैयारियाँ पूरी कर 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना लागू कर दी। इसके 18 दिन बाद, 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया गया।
विभागवार ई-केवाईसी की प्रगति
बेसिक शिक्षा विभाग में 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों का पंजीकरण हो चुका है। उच्च शिक्षा विभाग में मात्र चार दिनों के भीतर 38,011 पात्र लाभार्थियों में से 17,734 ने ई-केवाईसी पूरी की — यह कुल पात्रों का लगभग 47 प्रतिशत है।
कुल उपलब्धि और निगरानी तंत्र
तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर योजना से जुड़ चुके हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग और शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
लाभार्थियों को क्या मिलेगा
ई-केवाईसी पूरी होने के बाद पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। सरकार इस योजना को मिशन मोड में लागू कर रही है और सभी जिलों एवं शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में कल्याणकारी योजनाओं को तेज़ गति से लागू करने पर जोर दे रही है।