10 अगस्त 2026
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हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी मंजूर, महिला आयोग में 7 गैर-सरकारी सदस्य

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हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी मंजूर, महिला आयोग में 7 गैर-सरकारी सदस्य

सारांश

हरियाणा कैबिनेट ने 22 जून को ट्रांसफर प्रणाली में बड़ा बदलाव किया — 120 अंकों के नए स्कोरिंग सिस्टम में उम्र का वेटेज 75% से घटाकर 25% हुआ, विशेष परिस्थितियों को 50% वेटेज मिला। साथ ही महिला आयोग में गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 की गई।

मुख्य बातें

हरियाणा कैबिनेट ने 22 जून 2026 को मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (एमओटीपी) और टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी (टीटीपी) को मंजूरी दी।
ट्रांसफर रैंकिंग अब 120 अंकों के स्कोरिंग सिस्टम से तय होगी; उम्र का वेटेज 75% से घटाकर 25% किया गया।
नया पैमाना 'कैडर में अनुभव' — 25% वेटेज; विशेष परिस्थितियों का वेटेज 25% से बढ़ाकर 50% हुआ।
रिटायरमेंट से एक वर्ष पहले कर्मचारी का ट्रांसफर लिखित सहमति के बिना नहीं होगा।
गंभीर बीमारियों की सूची में मस्कुलर डिस्ट्रॉफी , बेहचेट रोग और बोन मैरो/अग्न्याशय ट्रांसप्लांट जोड़े गए।
हरियाणा राज्य महिला आयोग में गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 की गई।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा कैबिनेट ने 22 जून 2026 को चंडीगढ़ में दो अहम नीतिगत फैसले लिए — 'मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी' (एमओटीपी) और 'टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी' (टीटीपी) को हरी झंडी दी गई, साथ ही हरियाणा राज्य महिला आयोग में गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए अध्यादेश को भी मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग, कर्मचारी संतुष्टि और प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा देना है।

नई ट्रांसफर पॉलिसी में क्या बदला

नई पॉलिसी के तहत कर्मचारियों की ट्रांसफर रैंकिंग अब 120 अंकों के संशोधित स्कोरिंग सिस्टम से तय होगी। पहले उम्र को 75 प्रतिशत वेटेज मिलता था, जिसे घटाकर अब 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके स्थान पर 'कैडर में अनुभव' नामक नया पैमाना जोड़ा गया है, जिसे 25 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा।

इसके अलावा, विशेष परिस्थितियों (खास वजहों) का वेटेज 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया है, ताकि वास्तविक कठिनाइयों का सामना कर रहे कर्मचारियों को प्राथमिकता मिल सके। रिटायरमेंट से एक वर्ष पूर्व किसी भी कर्मचारी या शिक्षक का ट्रांसफर उनकी स्पष्ट लिखित सहमति के बिना नहीं किया जाएगा — यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रावधान है।

गंभीर बीमारियों की सूची में विस्तार

मान्यता प्राप्त गंभीर बीमारियों की सूची में मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, बेहचेट रोग और विशेष अंग प्रत्यारोपण — जैसे अग्न्याशय (पैन्क्रियाज़) ट्रांसप्लांट और बोन मैरो ट्रांसप्लांट — के मामलों को शामिल किया गया है। यह कदम उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आएगा जो दीर्घकालिक और जटिल बीमारियों से जूझ रहे हैं।

यमुना नगर-जगाधरी कॉलोनियों का मसला

कैबिनेट ने यमुना नगर और जगाधरी नगर परिषद क्षेत्र की उन कॉलोनियों के संबंध में भी निर्देशों को स्वीकृति दी, जिनकी इमारतों को 1996 में नियमित किया गया था। यह मामला 2021-22 में तब उभरा जब शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने जीआईएस-मैप्ड संपत्ति डेटा से जुड़ा ऑनलाइन 'नो-ड्यूज सर्टिफिकेट' पोर्टल शुरू किया। 2005 से पहले नियमित की गई कॉलोनियों में सटीक लेआउट प्लान और 'खसरा' विवरण उपलब्ध नहीं थे, जिससे खाली या बिना मैप किए गए प्लॉट स्वतः 'अनधिकृत' श्रेणी में वर्गीकृत हो गए। कैबिनेट के इस निर्णय से प्रभावित निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

महिला आयोग में विस्तार

कैबिनेट ने हरियाणा राज्य महिला आयोग (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को लागू करने की मंजूरी दी। हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2012 की धारा 3(2)(बी) में संशोधन करते हुए गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या पाँच से बढ़ाकर सात कर दी गई है। यह बदलाव महिला आयोग की कार्यक्षमता और प्रतिनिधित्व को और सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

आगे क्या

नई ट्रांसफर पॉलिसियों के क्रियान्वयन के लिए विभागीय दिशानिर्देश जारी होने अपेक्षित हैं। गौरतलब है कि ऑनलाइन और पारदर्शी ट्रांसफर प्रणाली की माँग लंबे समय से कर्मचारी संगठन करते रहे हैं — यह नई पॉलिसी उस दिशा में एक ठोस प्रयास मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि 'विशेष परिस्थितियों' की 50% वेटेज वाली श्रेणी में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाती है — यही वह दरवाज़ा है जहाँ से अतीत में सिफारिशी संस्कृति घुसती रही है। महिला आयोग में दो अतिरिक्त गैर-सरकारी सदस्यों का जुड़ना स्वागतयोग्य है, पर यह विस्तार तब सार्थक होगा जब आयोग को बजटीय और संस्थागत स्वायत्तता भी मिले। यमुना नगर-जगाधरी कॉलोनी मसले का समाधान देर से आया है — 2021-22 में शुरू हुई समस्या का 2026 में निराकरण बताता है कि नीतिगत क्रियान्वयन और डिजिटल अवसंरचना के बीच की खाई अभी भी चौड़ी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा की नई ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी क्या है?
यह 22 जून 2026 को हरियाणा कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई 'मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (एमओटीपी)' है, जिसमें कर्मचारियों की ट्रांसफर रैंकिंग 120 अंकों के नए स्कोरिंग सिस्टम से तय होगी। इसका उद्देश्य मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग, प्रशासनिक पारदर्शिता और कर्मचारी संतुष्टि सुनिश्चित करना है।
नई पॉलिसी में ट्रांसफर स्कोरिंग सिस्टम कैसे बदला है?
पुरानी व्यवस्था में उम्र को 75% वेटेज मिलता था, जिसे घटाकर 25% किया गया है। नया पैमाना 'कैडर में अनुभव' 25% वेटेज के साथ जोड़ा गया है और विशेष परिस्थितियों का वेटेज 25% से बढ़ाकर 50% किया गया है।
रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों के लिए क्या नया प्रावधान है?
रिटायरमेंट से एक वर्ष पहले किसी भी कर्मचारी या शिक्षक का ट्रांसफर उनकी स्पष्ट लिखित सहमति के बिना नहीं किया जाएगा। यह प्रावधान सेवा के अंतिम वर्ष में अनावश्यक स्थानांतरण से सुरक्षा देता है।
हरियाणा राज्य महिला आयोग में क्या बदलाव हुआ?
हरियाणा राज्य महिला आयोग (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के तहत अधिनियम की धारा 3(2)(बी) में संशोधन करके गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 कर दी गई है। इससे आयोग की प्रतिनिधित्व क्षमता और कार्यदक्षता बढ़ने की उम्मीद है।
यमुना नगर और जगाधरी कॉलोनियों से जुड़ा कैबिनेट का फैसला क्या है?
कैबिनेट ने उन कॉलोनियों के संबंध में निर्देशों को मंजूरी दी जिनकी इमारतें 1996 में नियमित की गई थीं। 2005 से पहले नियमित कॉलोनियों में लेआउट प्लान और खसरा विवरण न होने के कारण कई प्लॉट 'अनधिकृत' श्रेणी में आ गए थे — इस फैसले से प्रभावित निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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