वीएचपी नेता विकास प्रभाकर हत्याकांड: NIA ने मनवीर राम को अमृतसर हवाई अड्डे से किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनवीर राम उर्फ आशु के रूप में हुई है, जिसे 14 अगस्त 2026 को अमृतसर स्थित श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने NIA के लुक आउट सर्कुलर के आधार पर रोका। यह गिरफ्तारी पंजाब के नंगल शहर में अप्रैल 2024 में हुई उस हत्या की जांच का हिस्सा है, जिसमें विकास प्रभाकर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
NIA द्वारा जारी लुक आउट सर्कुलर के आधार पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने मनवीर राम को हवाई अड्डे पर रोका, जिसके बाद एजेंसी ने उसे औपचारिक रूप से हिरासत में ले लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, मनवीर राम ने इस हत्याकांड में हथियारों की व्यवस्था कराने में अहम भूमिका निभाई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि दुबई में बैठे एक व्यक्ति ने हत्या में इस्तेमाल होने वाले हथियार भेजे थे।
साजिश का तार: बब्बर खालसा इंटरनेशनल
NIA की जांच के अनुसार, विकास प्रभाकर की हत्या की साजिश प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के जर्मनी स्थित सदस्यों ने रची थी। इस साजिश के मुख्य आरोपियों की पहचान हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू के रूप में हुई है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क और स्थानीय अपराध के बीच की कड़ी को उजागर करता है।
NIA की जांच की प्रगति
NIA ने 9 मई 2024 को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। तब से एजेंसी एक मुख्य चार्जशीट और दो पूरक चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। यह गिरफ्तारी इस मामले में जांच की बढ़ती गति को दर्शाती है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की परतें एक-एक कर उघड़ रही हैं।
परिवार की पीड़ा और मांग
मृतक विकास प्रभाकर के भाई सुरेश ने इस गिरफ्तारी पर संतोष जताते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से उम्मीद जगी है। उन्होंने बताया कि उनके भाई संगठन के समर्पित कार्यकर्ता थे और 2024 में कुछ आतंकियों ने उन्हें मार दिया था। सुरेश ने यह भी स्पष्ट किया कि परिवार को पंजाब सरकार से एक रोजगार और उनकी भाभी को कुछ आर्थिक सहायता मिली है, लेकिन उन पर लाखों-करोड़ों रुपये मिलने के दावे गलत हैं। सुरेश ने मांग की है कि उन्हें और उनकी माँ को गृह मंत्री से मिलवाया जाए, ताकि वे अपने मन की बात कह सकें — उनकी मांग पैसों की नहीं, बल्कि न्याय और संवाद की है।
आगे क्या होगा
मनवीर राम की गिरफ्तारी के बाद NIA की जांच अब दुबई और जर्मनी कनेक्शन की गहराई में उतरने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। मुख्य आरोपी हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू अभी भी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी इस मामले की अगली बड़ी कड़ी होगी।