15 अगस्त 2026
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वीएचपी नेता विकास प्रभाकर हत्याकांड: NIA ने मनवीर राम को अमृतसर हवाई अड्डे से किया गिरफ्तार

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वीएचपी नेता विकास प्रभाकर हत्याकांड: NIA ने मनवीर राम को अमृतसर हवाई अड्डे से किया गिरफ्तार

सारांश

VHP नेता विकास प्रभाकर हत्याकांड में NIA ने एक और बड़ी सफलता पाई — मनवीर राम उर्फ आशु को अमृतसर हवाई अड्डे पर दबोचा गया। जांच में बब्बर खालसा इंटरनेशनल का जर्मनी कनेक्शन और दुबई से हथियार आपूर्ति का खुलासा हो चुका है। परिवार न्याय की उम्मीद में गृह मंत्री से मुलाकात चाहता है।

मुख्य बातें

NIA ने मनवीर राम उर्फ आशु को 14 अगस्त 2026 को अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लुक आउट सर्कुलर के आधार पर गिरफ्तार किया।
आरोपी ने विकास प्रभाकर की हत्या में इस्तेमाल हथियारों की व्यवस्था कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
जांच के अनुसार साजिश बब्बर खालसा इंटरनेशनल के जर्मनी स्थित सदस्यों — हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू — ने रची थी।
दुबई से हथियार भेजे जाने का खुलासा जांच में हुआ है।
NIA ने 9 मई 2024 से अब तक एक मुख्य चार्जशीट और दो पूरक चार्जशीट दाखिल की हैं।
मृतक के भाई सुरेश ने गृह मंत्री से मुलाकात की मांग की है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनवीर राम उर्फ आशु के रूप में हुई है, जिसे 14 अगस्त 2026 को अमृतसर स्थित श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने NIA के लुक आउट सर्कुलर के आधार पर रोका। यह गिरफ्तारी पंजाब के नंगल शहर में अप्रैल 2024 में हुई उस हत्या की जांच का हिस्सा है, जिसमें विकास प्रभाकर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

NIA द्वारा जारी लुक आउट सर्कुलर के आधार पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने मनवीर राम को हवाई अड्डे पर रोका, जिसके बाद एजेंसी ने उसे औपचारिक रूप से हिरासत में ले लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, मनवीर राम ने इस हत्याकांड में हथियारों की व्यवस्था कराने में अहम भूमिका निभाई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि दुबई में बैठे एक व्यक्ति ने हत्या में इस्तेमाल होने वाले हथियार भेजे थे।

साजिश का तार: बब्बर खालसा इंटरनेशनल

NIA की जांच के अनुसार, विकास प्रभाकर की हत्या की साजिश प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के जर्मनी स्थित सदस्यों ने रची थी। इस साजिश के मुख्य आरोपियों की पहचान हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू के रूप में हुई है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क और स्थानीय अपराध के बीच की कड़ी को उजागर करता है।

NIA की जांच की प्रगति

NIA ने 9 मई 2024 को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। तब से एजेंसी एक मुख्य चार्जशीट और दो पूरक चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। यह गिरफ्तारी इस मामले में जांच की बढ़ती गति को दर्शाती है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की परतें एक-एक कर उघड़ रही हैं।

परिवार की पीड़ा और मांग

मृतक विकास प्रभाकर के भाई सुरेश ने इस गिरफ्तारी पर संतोष जताते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से उम्मीद जगी है। उन्होंने बताया कि उनके भाई संगठन के समर्पित कार्यकर्ता थे और 2024 में कुछ आतंकियों ने उन्हें मार दिया था। सुरेश ने यह भी स्पष्ट किया कि परिवार को पंजाब सरकार से एक रोजगार और उनकी भाभी को कुछ आर्थिक सहायता मिली है, लेकिन उन पर लाखों-करोड़ों रुपये मिलने के दावे गलत हैं। सुरेश ने मांग की है कि उन्हें और उनकी माँ को गृह मंत्री से मिलवाया जाए, ताकि वे अपने मन की बात कह सकें — उनकी मांग पैसों की नहीं, बल्कि न्याय और संवाद की है।

आगे क्या होगा

मनवीर राम की गिरफ्तारी के बाद NIA की जांच अब दुबई और जर्मनी कनेक्शन की गहराई में उतरने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। मुख्य आरोपी हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू अभी भी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी इस मामले की अगली बड़ी कड़ी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जर्मनी और दुबई में बैठे मुख्य साजिशकर्ता अभी भी फरार हैं। अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़े ऐसे मामलों में स्थानीय गिरफ्तारियाँ तभी निर्णायक होती हैं जब विदेशों में बैठे सूत्रधारों तक पहुँचा जाए। परिवार की गृह मंत्री से मुलाकात की मांग यह भी रेखांकित करती है कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता से परे संस्थागत संवाद और पारदर्शिता की ज़रूरत है — जो अक्सर हाई-प्रोफाइल मामलों में भी छूट जाती है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकास प्रभाकर हत्याकांड में मनवीर राम को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
NIA के लुक आउट सर्कुलर के आधार पर मनवीर राम उर्फ आशु को अमृतसर स्थित श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने रोका और NIA ने उसे हिरासत में लिया।
विकास प्रभाकर कौन थे और उनकी हत्या कब हुई?
विकास प्रभाकर पंजाब के नंगल शहर में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के स्थानीय नेता थे। अप्रैल 2024 में उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस हत्याकांड में किस आतंकी संगठन का हाथ बताया गया है?
NIA की जांच के अनुसार, इस हत्या की साजिश प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के जर्मनी स्थित सदस्यों — हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू — ने रची थी। हथियार दुबई से भेजे गए थे।
NIA ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
NIA ने 9 मई 2024 को यह मामला अपने हाथ में लिया था। तब से एजेंसी एक मुख्य चार्जशीट और दो पूरक चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, और मनवीर राम की गिरफ्तारी इस श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है।
मृतक के परिवार की क्या मांग है?
विकास प्रभाकर के भाई सुरेश ने मांग की है कि उन्हें और उनकी माँ को गृह मंत्री से मिलवाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पैसे नहीं मांगते, बल्कि अपने मन की बात गृह मंत्री तक पहुँचाना चाहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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