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वाईएसआरसीपी नेता मुस्तफा को अपहरण मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत, नेल्लोर जेल भेजा गया

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वाईएसआरसीपी नेता मुस्तफा को अपहरण मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत, नेल्लोर जेल भेजा गया

सारांश

तंबाकू व्यापार विवाद से उपजे कथित अपहरण मामले में वाईएसआरसीपी नेता और पूर्व विधायक शेख मोहम्मद मुस्तफा को गुंटूर अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गुजरात से गिरफ्तार मुस्तफा और उनके बेटे बशीर पर फिरौती, अपहरण और एससी/एसटी एक्ट के तहत आरोप हैं। वाईएसआरसीपी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।

मुख्य बातें

गुंटूर जिले की अदालत ने 6 अगस्त 2026 को वाईएसआरसीपी नेता शेख मोहम्मद मुस्तफा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
मुस्तफा को गुजरात से गिरफ्तार कर वडोदरा अदालत से ट्रांजिट वारंट के बाद नुजविद लाया गया।
उनके बेटे मुबाशिर उर्फ बशीर को हैदराबाद हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
दोनों पर 27 जुलाई को तंबाकू व्यापारी के बेटे समेत तीन लोगों के कथित अपहरण का आरोप है।
आरोपों में फिरौती, अपहरण, आपराधिक धमकी और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएँ शामिल हैं।
वाईएसआरसीपी और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने इसे टीडीपी सरकार का राजनीतिक प्रतिशोध बताया।

आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले की एक अदालत ने 6 अगस्त 2026 को कथित अपहरण मामले में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेता और गुंटूर पूर्व से पूर्व विधायक शेख मोहम्मद मुस्तफा को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मजिस्ट्रेट के आदेश के तुरंत बाद उन्हें नेल्लोर उप-जेल स्थानांतरित कर दिया गया।

गिरफ्तारी और ट्रांजिट वारंट

मुस्तफा को दो दिन पहले गुजरात से नुजविद पुलिस की एक टीम ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उन्हें वडोदरा की एक अदालत में पेश कर ट्रांजिट वारंट हासिल किया और फिर नुजविद लेकर आई। गुरुवार तड़के उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिसके बाद न्यायिक हिरासत का आदेश दिया गया।

इससे पहले मुस्तफा के बेटे मुबाशिर उर्फ बशीर को मंगलवार को हैदराबाद हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था और बुधवार को उसे भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

मामले की पृष्ठभूमि

आरोपों के अनुसार, यह विवाद तंबाकू खरीद-बिक्री के लेनदेन से उपजा। एलुरु जिले के तंबाकू व्यापारी के. सूर्यचंद्रम पहले मुस्तफा को तंबाकू बेचते थे, लेकिन कीमतों में गिरावट के कारण उन्होंने आपूर्ति बंद कर दी थी। गुंटूर में तंबाकू का गोदाम संचालित करने वाले मुस्तफा इस निर्णय से असंतुष्ट बताए जाते हैं।

पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई को सूर्यचंद्रम का बेटा अभि, चालक बालाराजू और जी. दुर्गा राव गुंटूर में एक अन्य कंपनी को तंबाकू बेचने जा रहे थे, तभी नुजविद में बशीर और उसके सहयोगियों ने उन्हें कथित तौर पर रोक लिया। बकाया भुगतान की मांग करते हुए तीनों का कथित अपहरण कर लिया गया और तंबाकू से लदा वाहन भी कब्जे में ले लिया गया।

सूर्यचंद्रम का दावा है कि जब उन्हें घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने फोन पर मुस्तफा से बात की। उनके अनुसार, पूर्व विधायक ने धमकी दी कि यदि वे पैसे लेकर गोदाम नहीं पहुंचे तो वे अपने बेटे को नहीं देख पाएंगे।

दर्ज आरोप

पुलिस ने मुस्तफा और उनके बेटे के खिलाफ फिरौती मांगने, अपहरण, आपराधिक धमकी और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से होने के कारण एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। बाद में अपहृत तीनों व्यक्तियों को छोड़ दिया गया था, जबकि मुस्तफा और उनका बेटा फरार हो गए थे और कुछ सहयोगियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था।

वाईएसआरसीपी की प्रतिक्रिया

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने इस पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे टीडीपी नीत गठबंधन सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिया है। पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति को पुलिस को सौंपे जाने के बावजूद मुस्तफा और उनके बेटे को इस मामले में कथित तौर पर फंसाया गया है।

आगे क्या

मुस्तफा और उनके बेटे बशीर दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की अगली सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि पुलिस रिमांड दी जाए या हिरासत की अवधि बढ़ाई जाए। यह मामला आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ गठबंधन और वाईएसआरसीपी के बीच राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में और अधिक पेचीदा होता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एससी/एसटी एक्ट की धाराओं और तीन व्यक्तियों के कथित अपहरण जैसे ठोस आरोप इसे सतही राजनीतिक दावों से परे ले जाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या जाँच स्वतंत्र और निष्पक्ष रहेगी — या यह मामला भी उस लंबी सूची में जुड़ेगा जहाँ विपक्षी नेताओं पर मुकदमे अदालत से ज़्यादा सड़क पर लड़े जाते हैं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शेख मोहम्मद मुस्तफा को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
मुस्तफा को तंबाकू व्यापार विवाद से जुड़े कथित अपहरण मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि 27 जुलाई को उनके बेटे और सहयोगियों ने एक तंबाकू व्यापारी के बेटे समेत तीन लोगों का अपहरण किया और फिरौती की माँग की।
मुस्तफा को कितने दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है?
गुंटूर जिले की अदालत ने मुस्तफा को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। हिरासत के आदेश के बाद उन्हें नेल्लोर उप-जेल स्थानांतरित कर दिया गया।
मुस्तफा के बेटे बशीर पर क्या आरोप हैं और वे कहाँ हैं?
मुबाशिर उर्फ बशीर को हैदराबाद हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया और बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। उन पर भी अपहरण, फिरौती और एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में आरोप हैं।
वाईएसआरसीपी ने इस गिरफ्तारी पर क्या कहा है?
वाईएसआरसीपी ने इस कार्रवाई को टीडीपी नीत गठबंधन सरकार का राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति को पुलिस को सौंपे जाने के बावजूद मुस्तफा को झूठे मामले में फंसाया गया है।
इस मामले में एससी/एसटी एक्ट क्यों लगाया गया है?
शिकायतकर्ता तंबाकू व्यापारी के. सूर्यचंद्रम अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से हैं। इसी कारण पुलिस ने अपहरण और फिरौती के आरोपों के साथ-साथ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएँ भी दर्ज की हैं।
राष्ट्र प्रेस
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