वीएचपी नेता विकास प्रभाकर हत्याकांड: एनआईए ने बीकेआई से जुड़े मनवीर राम को अमृतसर एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब के नांगल में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेता विकास प्रभाकर की हत्या से जुड़े मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। मनवीर राम उर्फ आशु को 14 अगस्त 2026 को अमृतसर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने लुक आउट सर्कुलर के आधार पर हिरासत में लिया, जिसके बाद एनआईए ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी इस मामले में एजेंसी की जांच की बढ़ती पहुँच को दर्शाती है, जिसमें विदेश में बैठे साजिशकर्ताओं और भारत में सक्रिय नेटवर्क के बीच के तार उजागर हो रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
एनआईए के अनुसार, मनवीर राम को गुरुवार को अमृतसर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। एजेंसी ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए स्पेशल एनआईए कोर्ट में पेश किया जाएगा। एनआईए ने इस मामले की जांच 9 मई 2024 को अपने हाथ में ली थी और तब से अब तक एक मुख्य चार्जशीट के साथ-साथ दो सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी हैं।
आरोपी की भूमिका और नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि मनवीर राम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से संचालन करता था और उसकी भूमिका हत्या को अंजाम देने के लिए हथियार उपलब्ध कराने की थी। वह जर्मनी में बैठे हैंडलर्स और भारत में हथियार सप्लायर्स व अन्य सहयोगियों के बीच एक अहम कड़ी के तौर पर काम करता था।
एनआईए की जांच के अनुसार, विकास प्रभाकर की हत्या की साजिश जर्मनी में बैठे प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के हैंडलर्स हरजीत सिंह उर्फ लड्डी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू ने रची थी। यह मामला सीमा-पार आतंकी वित्तपोषण और टारगेटेड हत्याओं के उस व्यापक पैटर्न का हिस्सा है, जिसकी एनआईए पिछले कुछ वर्षों से जांच कर रही है।
साजिश की अंतरराष्ट्रीय परतें
गौरतलब है कि इस मामले में विदेश में बैठे साजिशकर्ता, खाड़ी देशों में सक्रिय मध्यस्थ और भारत में स्थानीय ऑपरेटिव्स — तीन स्तरों पर नेटवर्क काम कर रहा था। जांचकर्ताओं के अनुसार, मनवीर राम की भूमिका इन तीनों परतों को जोड़ने की थी, जिससे टारगेटेड हत्या को व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब एनआईए पंजाब में गैंगस्टर-आतंकी नेक्सस से जुड़े कई मामलों की एक साथ जांच कर रही है।
जांच की स्थिति
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि इस बड़ी साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिकाओं की जांच अभी जारी है। एजेंसी ने यह नहीं बताया कि अब तक कुल कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन तीन चार्जशीट दाखिल होना इस बात का संकेत है कि मामले की जड़ें गहरी और व्यापक हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं, क्योंकि एनआईए विदेश में बैठे मास्टरमाइंड तक पहुँचने के प्रयास जारी रखे हुए है।