कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज: योगी कैबिनेट ने 0.405 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को दी मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सोमवार, 4 मई 2026 को बौद्ध तीर्थस्थल कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की दिशा में निर्णायक कदम उठाया। कैबिनेट बैठक में पडरौना तहसील के मौजा रामपुर स्थित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) के बगल की 1.054 हेक्टेयर सीलिंग भूमि में से 0.405 हेक्टेयर भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई। यह भूमि पडरौना-कुबेरस्थान मुख्य मार्ग से 500 मीटर दक्षिण में स्थित है।
केंद्र-सहायतित योजना और वित्तीय ढाँचा
यह नर्सिंग कॉलेज केंद्र-सहायतित योजना के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा, जिसके तहत भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश को 27 नर्सिंग कॉलेज आवंटित किए हैं — और कुशीनगर उनमें से एक है। प्रति नर्सिंग कॉलेज की अनुमानित लागत ₹10 करोड़ निर्धारित की गई है। इसमें 60 प्रतिशत अंश केंद्र सरकार का होगा, जबकि शेष 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। गौरतलब है कि भूमि हस्तांतरण निशुल्क होने से राज्य के वित्तीय बोझ में कमी आएगी।
स्थानीय प्रभाव और रोज़गार सृजन
तथागत बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली के रूप में विश्वविख्यात कुशीनगर में यह नर्सिंग कॉलेज स्थापित होने से न केवल उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वी उत्तर प्रदेश के ज़िलों में स्वास्थ्य शिक्षा के बुनियादी ढाँचे की माँग लगातार बढ़ रही है।
फिरोजाबाद और नोएडा में उच्च शिक्षा विस्तार
उसी कैबिनेट बैठक में फिरोजाबाद के ग्राम पचवान में प्रस्तावित अमरदीप विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी किया गया। 29 जुलाई 2025 को संपन्न उच्च स्तरीय समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया था। यह विश्वविद्यालय 20.08 एकड़ भूमि पर स्थापित होगा — जो उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत निर्धारित न्यूनतम 20 एकड़ की अनिवार्यता को पूरा करता है। इसके अलावा, नोएडा स्थित मेट्रो विश्वविद्यालय को संचालन की औपचारिक अनुमति प्रदान की गई।
उच्च शिक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मंत्रिपरिषद के निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा को अंतिम पायदान तक सरल, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। उन्होंने बताया कि सरकार प्रत्येक ज़िले में उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें। उपाध्याय ने सोमवार को अपने आवास पर मेट्रो विश्वविद्यालय को संचालन हेतु आवश्यक अनुमति पत्र भी सौंपा। निजी विश्वविद्यालयों के प्रस्तावों का मूल्यांकन मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति करती है और उसकी संस्तुति के आधार पर ही आशय पत्र जारी होता है।
आगे की राह
आशय पत्र जारी होते ही अमरदीप विश्वविद्यालय की औपचारिक स्थापना प्रक्रिया प्रारंभ हो सकेगी। कुशीनगर नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य का मार्ग प्रशस्त होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन निर्णयों से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा।