लखनऊ में 1228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सेवा की महत्ता बताई
सारांश
Key Takeaways
- 1228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
- सेवा और संवेदना को स्वास्थ्य सेवाओं में प्राथमिकता दी गई।
- यूपी में 7000 नर्सिंग और 2000 पैरामेडिकल सीटों में वृद्धि हुई।
- पिछली सरकारों की भ्रष्टाचार पर सीएम ने निशाना साधा।
- हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है।
लखनऊ, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जब आपकी सेवा और संवेदना मरीजों की सहायता बनती है, तो इसके परिणाम सभी को स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सेवा भावना को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने आज एक कार्यक्रम की शुरुआत की है। अब वो दिन बीत गए हैं जब लोग मेडिकल या नर्सिंग कॉलेज खोलने के महत्व पर सवाल उठाते थे।
सीएम योगी ने कहा कि नर्सिंग में डिग्री प्राप्त करने वालों का प्लेसमेंट 100 प्रतिशत सुनिश्चित है। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दयनीय थी। पिछले नौ वर्षों में 81 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में हजारों मौतें होती थीं और कोई पूछने वाला नहीं था। पिछले सरकारों में बंद हुए एएनएम और जेएनएम के इंस्टीट्यूट अब फिर से चालू किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 35 एएमएम प्रशिक्षण केंद्रों को फिर से खोला गया है और 35 नए नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण कार्य जारी है। डबल इंजन की सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता दी है, जिसका सकारात्मक परिणाम सभी को देखने को मिल रहा है। मातृ और शिशु मृत्यु दर में भारी कमी आई है, और उत्तर प्रदेश अब राष्ट्रीय औसत के बराबर खड़ा हो रहा है।
सीएम योगी ने पिछले सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले हर विभाग में एक माफिया होता था, जो विभागों का संचालन करता था। अब प्रदेश 'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज' की ओर अग्रसर है। हर जिले में एक मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज स्थापित किया गया है। गोरखपुर और रायबरेली के एम्स उत्कृष्ट तरीके से संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यूपी में नर्सिंग में 7000 और पैरामेडिकल में 2000 सीटों की वृद्धि हुई है। सीएम ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया हो या शासन की योजनाएं, हर वर्ग को बिना भेदभाव के लाभ मिल रहा है। योग्यता के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। एससी, एसटी, और ओबीसी के लिए आरक्षण की व्यवस्था का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।