पेटीएम का रिकॉर्ड EBITDA: Q1 FY27 में ₹203 करोड़, राजस्व 28% बढ़कर ₹2,448 करोड़
सारांश
मुख्य बातें
वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (पेटीएम) ने 20 जुलाई 2026 को जून 2026 को समाप्त तिमाही (वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही) के वित्तीय परिणाम घोषित किए, जिसमें कंपनी ने अपना अब तक का सर्वोच्च तिमाही EBITDA ₹203 करोड़ दर्ज किया — वार्षिक आधार पर 182 प्रतिशत की उछाल। मर्चेंट और उपभोक्ता दोनों कारोबारों में तेज़ वृद्धि तथा एआई-संचालित परिचालन दक्षता इस उपलब्धि की मुख्य वजह रही।
मुख्य वित्तीय परिणाम
परिचालन राजस्व वार्षिक आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर ₹2,448 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन बढ़कर 8 प्रतिशत पर पहुँच गया। कर पश्चात लाभ (PAT) में वार्षिक आधार पर 79 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹220 करोड़ तक पहुँचा। तुलनात्मक आधार पर — दिसंबर 2025 तक लागू पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (PIDF) प्रोत्साहन को छोड़कर — परिचालन राजस्व में 31 प्रतिशत और EBITDA मार्जिन में 7 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई।
मर्चेंट कारोबार की रफ़्तार
मर्चेंट सकल खुदरा मूल्य (GMV) वार्षिक आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर ₹7.1 लाख करोड़ तक पहुँचा। यह वृद्धि डिवाइस व्यापारियों में किए गए निवेश और पिछले वर्ष ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस मिलने के बाद ऑनलाइन मर्चेंट कारोबार में आई तेज़ी से संभव हुई। डिवाइस मर्चेंट की संख्या बढ़कर 1.57 करोड़ हो गई। शुद्ध भुगतान राजस्व (Net Payment Revenue) 25 प्रतिशत बढ़कर ₹601 करोड़ रहा, जिसमें भुगतान प्रसंस्करण मार्जिन में 4 बीपीएस से अधिक का संरचनात्मक सुधार शामिल है।
वित्तीय सेवाएँ और उपभोक्ता UPI
वित्तीय सेवाओं के वितरण से आय सालाना आधार पर 45 प्रतिशत बढ़कर ₹814 करोड़ हो गई। मर्चेंट लोन वितरण में निरंतर वृद्धि, उपभोक्ता ऋणों में सकारात्मक रुझान और इक्विटी ब्रोकिंग तथा वेल्थ प्रोडक्ट्स में बेहतर मुद्रीकरण इसके प्रमुख कारण रहे। उल्लेखनीय है कि आधे से अधिक मर्चेंट लोन वितरण दोहराए जाने वाले उधारकर्ताओं से प्राप्त हुए — जो ग्राहक विश्वास का संकेत है।
पेटीएम कंज्यूमर UPI ने लगातार पाँच तिमाहियों तक बाज़ार हिस्सेदारी में वृद्धि दर्ज की। कंज्यूमर UPI का सकल लेनदेन मूल्य (GTV) सालाना आधार पर 45 प्रतिशत बढ़कर ₹5.9 लाख करोड़ हो गया — जो उद्योग की औसत वृद्धि दर से 2.2 गुना अधिक है। मासिक लेनदेन करने वाले उपयोगकर्ताओं की संख्या सालाना आधार पर 60 लाख बढ़कर 8 करोड़ तक पहुँची।
एआई और नकद स्थिति
कंपनी का एआई प्लेटफॉर्म व्यापारियों की उत्पादकता और उपभोक्ताओं के लिए वैयक्तिकृत अनुभव को सशक्त कर रहा है। डिवाइस मर्चेंट के एआई-आधारित लाइफसाइकिल प्रबंधन से मर्चेंट लोन वितरण कारोबार को लगातार लाभ मिल रहा है। जून 2026 तक कंपनी का नकद शेष बढ़कर ₹13,529 करोड़ हो गया है, जो भविष्य के विस्तार के लिए मज़बूत आधार प्रदान करता है।
आगे की दिशा
कंपनी के अनुसार, राजस्व में तीव्र वृद्धि, EBITDA मार्जिन विस्तार और एआई-संचालित परिचालन उत्तोलन मिलकर दीर्घकालिक टिकाऊ लाभ वृद्धि की ठोस नींव बनाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत का डिजिटल भुगतान क्षेत्र तेज़ी से परिपक्व हो रहा है और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है।