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क्या उच्च राजस्व से आरबीआई की पीआईडीएफ योजना समाप्त होने के असर की भरपाई होगी: पेटीएम?

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क्या उच्च राजस्व से आरबीआई की पीआईडीएफ योजना समाप्त होने के असर की भरपाई होगी: पेटीएम?

सारांश

पेटीएम ने आरबीआई की पीआईडीएफ योजना के समाप्त होने के प्रभाव की भरपाई के लिए अपने उच्च राजस्व और बिक्री रणनीतियों पर भरोसा जताया है। जानिए इस योजना के प्रमुख पहलुओं और पेटीएम की मार्केट में स्थिति के बारे में।

मुख्य बातें

पेटीएम उच्च राजस्व के जरिए पीआईडीएफ योजना के प्रभाव की भरपाई की उम्मीद कर रहा है।
साउंडबॉक्स में पेटीएम की 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है।
डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए पीआईडीएफ योजना महत्वपूर्ण है।
कंपनी की तकनीकी क्षमताएं एवं व्यापारी संबंध दीर्घकालिक मूल्य निर्धारण में मददगार हैं।
पेटीएम का वित्तीय प्रदर्शन सुधार रहा है, लागत नियंत्रण के कारण।

मुंबई, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पेटीएम ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों को सूचित किया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) योजना के समाप्त होने से उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रभाव की भरपाई समय के साथ राजस्व में वृद्धि और अधिक लक्षित बिक्री प्रयासों के माध्यम से की जा सकेगी।

स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने कहा कि वह वर्तमान में पीआईडीएफ योजना के तहत प्रोत्साहन आय को मान्यता दे रही है, जो साउंडबॉक्स और ईडीसी मशीनों जैसे भुगतान स्वीकृति उपकरणों पर किए गए खर्च से संबंधित है।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि यह योजना अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद आगे नहीं बढ़ती है, तो पेटीएम को विश्वास है कि वह उच्च राजस्व और अधिक केंद्रित बिक्री रणनीति के संयोजन से इसके प्रभाव की भरपाई कर लेगी।

पीआईडीएफ योजना 31 दिसंबर 2025 तक मान्य है। इसका उद्देश्य टियर-3 से टियर-6 शहरों और पूर्वोत्तर में जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख जैसे कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना है।

30 सितंबर 2025 को समाप्त छह महीनों की अवधि में पेटीएम ने इस योजना के तहत 128 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन आय दर्ज की।

यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब पेटीएम के वित्तीय प्रदर्शन में लगातार सुधार देखा जा रहा है। लागत नियंत्रण, ऑपरेटिंग लीवरेज और तिमाही-दर-तिमाही लाभप्रदता में सुधार से कंपनी को मजबूती मिली है।

ब्रोकरेज फर्म इन्वेस्टेक इक्विटीज ने भी शुक्रवार को ऑफलाइन भुगतान के क्षेत्र में पेटीएम की मजबूत मौजूदगी और मर्चेंट अधिग्रहण में उसकी अग्रणी भूमिका की सराहना की। रिपोर्ट के अनुसार, साउंडबॉक्स में पेटीएम की 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है, जबकि फिजिकल पीओएस में करीब 10 प्रतिशत और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे में 15 से 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ कंपनी बेहतर स्थिति में है।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि पेटीएम की तकनीकी क्षमताएं और व्यापारियों के साथ गहरे संबंध उसे दीर्घकालिक मूल्य निर्धारण की ताकत देते हैं और ग्राहकों के लिए स्विचिंग कॉस्ट को ऊंचा बनाते हैं।

इस खुलासे के साथ पेटीएम ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि वह अपनी सतत विकास संभावनाओं को लेकर आश्वस्त है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पेटीएम का यह कदम न केवल कंपनी की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में समग्र विकास के लिए भी आवश्यक है। इससे न केवल पेटीएम को लाभ होगा, बल्कि यह छोटे शहरों और कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों में डिजिटल लेनदेन को भी प्रोत्साहित करेगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरबीआई की पीआईडीएफ योजना क्या है?
यह योजना डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे को टियर-3 से टियर-6 शहरों में बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।
पेटीएम की वित्तीय स्थिति कैसे है?
पेटीएम ने हाल ही में अपने वित्तीय प्रदर्शन में सुधार किया है, जिसमें लागत नियंत्रण और लाभप्रदता में वृद्धि शामिल है।
पीआईडीएफ योजना का अंत कब होगा?
यह योजना 31 दिसंबर 2025 तक मान्य है।
राष्ट्र प्रेस
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