30 जुलाई 2026
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मोतिहारी में जाली नोट गिरोह का भंडाफोड़: बर्खास्त BMP जवान समेत 9 गिरफ्तार, ₹4 लाख के नकली नोट जब्त

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मोतिहारी में जाली नोट गिरोह का भंडाफोड़: बर्खास्त BMP जवान समेत 9 गिरफ्तार, ₹4 लाख के नकली नोट जब्त

सारांश

मोतिहारी में पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया जो जाली नोट बाँटने और 'रुपए दोगुना' का झाँसा देकर ठगी करता था — और इसकी अगुवाई एक बर्खास्त पुलिस जवान कर रहा था। नौ गिरफ्तारियाँ, ₹4 लाख के नकली नोट और एक अवैध हथियार — यह मामला बिहार में वर्दी के दुरुपयोग की चिंताजनक तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

मोतिहारी पुलिस ने 30 जुलाई 2026 को जाली नोट व ठगी गिरोह का भंडाफोड़ कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मुख्य सरगना बिदुर सहनी बिहार पुलिस से बर्खास्त सिपाही है; गिरोह में एक बर्खास्त BMP जवान और दो बर्खास्त होमगार्ड जवान भी शामिल।
जब्त सामग्री में ₹4 लाख के 'चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया' अंकित जाली नोट, ₹34,000 नकद, 8 मोबाइल और 3 मोटरसाइकिल शामिल।
कुंदन कुमार के घर से देसी कट्टा और जिंदा कारतूस , तथा अमिरी पंडित के घर से पुलिस वर्दी बरामद।
गिरोह लोगों को रुपए दोगुना-तीन गुना करने का लालच देकर जाली नोट थमाता था और हथियार के बल पर लूटपाट भी करता था।
मुफ्फसिल थाना में मामला दर्ज; पुलिस गिरोह के व्यापक नेटवर्क की जाँच में जुटी।

पूर्वी चंपारण जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में मोतिहारी पुलिस ने 30 जुलाई 2026 को एक संगठित अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो जाली नोटों का कारोबार करने के साथ-साथ लोगों को 'रुपए दोगुना-तीन गुना' करने का झाँसा देकर ठगी करता था। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना बिदुर सहनी — जो बिहार पुलिस से बर्खास्त सिपाही है — समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सदस्यों में एक बर्खास्त BMP जवान और दो बर्खास्त होमगार्ड जवान भी शामिल हैं।

कैसे हुई कार्रवाई

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बर्खास्त सिपाही बिदुर सहनी अपने साथियों के साथ जाली नोटों के कारोबार, ठगी और हथियार के बल पर लूटपाट की वारदातों को अंजाम दे रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने कुवारी देवी चौक पर छापेमारी कर सरगना बिदुर सहनी को उसके दो सहयोगियों — आकाश कुमार और प्रदीप कुमार जायसवाल — के साथ दबोच लिया। इनके पास से जाली नोट और नकद राशि बरामद की गई।

बासमनपुर में दूसरी छापेमारी, छह और गिरफ्तार

पहली गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बासमनपुर गाँव में गिरोह के अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई की। इस दौरान राम प्रवेश भगत, कुंदन कुमार, चंदेश्वर गिरी, अमिरी पंडित, अनिल ठाकुर और अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया गया। अमिरी पंडित के घर से पुलिस वर्दी के तीन पैंट, दो शर्ट और एक बेल्ट बरामद हुई, जबकि कुंदन कुमार के घर से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस भी मिला।

बरामदगी का ब्यौरा

पुलिस ने गिरोह के पास से निम्नलिखित सामग्री जब्त की:

₹34,000 नकद; 'चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया' अंकित ₹500 के नोट जैसे दिखने वाले ₹4 लाख के जाली नोट; ₹200 और ₹100 के नोट के आकार में कटे सादे कागज; आठ मोबाइल फोन; और तीन मोटरसाइकिल

ठगी का तरीका

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को रुपए दोगुना या तीन गुना करने का लालच देकर उनके असली नोटों की जगह जाली नोट थमा देता था। कई मामलों में गिरोह के सदस्य हथियार का भय दिखाकर ठगी और लूटपाट की घटनाओं को भी अंजाम देते थे। यह ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में संगठित ठगी गिरोहों के विरुद्ध अभियान तेज किया गया है।

आगे की जाँच

मुफ्फसिल थाना में सभी नौ आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है और पूछताछ जारी है। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उसके व्यापक नेटवर्क की भी जाँच में जुटी है। गौरतलब है कि गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी इस मामले को और गंभीर बनाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोतिहारी में जाली नोट गिरोह का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बर्खास्त सिपाही बिदुर सहनी अपने साथियों के साथ जाली नोट कारोबार और ठगी में लिप्त है। इस सूचना पर विशेष टीम गठित कर कुवारी देवी चौक और बासमनपुर गाँव में छापेमारी की गई, जिसमें नौ आरोपी गिरफ्तार हुए।
गिरफ्तार आरोपियों में बर्खास्त पुलिसकर्मी क्यों हैं?
गिरफ्तार नौ आरोपियों में मुख्य सरगना बिदुर सहनी बिहार पुलिस से बर्खास्त सिपाही है, जबकि एक बर्खास्त BMP जवान और दो बर्खास्त होमगार्ड जवान भी इस गिरोह के सदस्य पाए गए। अमिरी पंडित के घर से पुलिस वर्दी की बरामदगी से संकेत मिलता है कि वर्दी का दुरुपयोग भी किया जा रहा था।
यह गिरोह लोगों को कैसे ठगता था?
गिरोह लोगों को रुपए दोगुना या तीन गुना करने का लालच देकर उनके असली नोटों की जगह 'चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया' अंकित जाली नोट थमा देता था। कई मामलों में हथियार का भय दिखाकर ठगी और लूटपाट भी की जाती थी।
पुलिस ने गिरोह से क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने ₹4 लाख के जाली नोट, ₹34,000 नकद, सादे कागज के नकली नोट, आठ मोबाइल फोन, तीन मोटरसाइकिल, एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और पुलिस वर्दी के कपड़े जब्त किए।
इस मामले में आगे क्या होगा?
मुफ्फसिल थाना में सभी नौ आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है और पूछताछ जारी है। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उसके व्यापक नेटवर्क की जाँच में जुटी है।
राष्ट्र प्रेस
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