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मुजफ्फरपुर पुलिस ने नीट फर्जी प्रश्नपत्र गिरोह के चार और सदस्य दबोचे, कुल गिरफ्तारी पाँच

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मुजफ्फरपुर पुलिस ने नीट फर्जी प्रश्नपत्र गिरोह के चार और सदस्य दबोचे, कुल गिरफ्तारी पाँच

सारांश

मुजफ्फरपुर पुलिस ने नीट का फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर टेलीग्राम पर ठगी करने वाले गिरोह के चार और सदस्यों को दबोचा — कुल गिरफ्तारी पाँच। आरोपी स्कैनर और ऑनलाइन माध्यमों से पैसे वसूलते थे। बैंक खाते और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जाँच के दायरे में।

मुख्य बातें

मुजफ्फरपुर पुलिस ने नीट फर्जी प्रश्नपत्र गिरोह के चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया; कुल गिरफ्तारी पाँच ।
नए गिरफ्तार आरोपी हैं — हर्ष , अमन कुमार , कन्हैया कुमार उर्फ मानव और हर्ष कनोडिया , सभी मुजफ्फरपुर निवासी।
पहली गिरफ्तारी 2 मई को सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में हुई थी; मुख्य आरोपी मनीष झा से 4 मोबाइल और 1 लैपटॉप बरामद।
आरोपी टेलीग्राम के ज़रिए फर्जी प्रश्नपत्र देने का झाँसा देकर ऑनलाइन भुगतान माध्यमों से ठगी करते थे।
बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक खातों के लेन-देन की जाँच जारी; और गिरफ्तारियाँ संभव।

मुजफ्फरपुर पुलिस ने नीट परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर टेलीग्राम के ज़रिए अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से ठगी करने वाले गिरोह के चार और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या पाँच हो गई है। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी के पूरे तरीके का खुलासा किया है।

मामले की पृष्ठभूमि

2 मई को गुप्त सूचना के आधार पर सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालू घाट वार्ड संख्या-17 स्थित चॉकलेट फैक्ट्री के पास एक किराए के मकान में छापेमारी की गई थी। इस दौरान मुजफ्फरपुर निवासी मनीष झा को गिरफ्तार किया गया था, जिसके पास से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद हुए थे। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और सिकंदरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जाँच शुरू की गई।

विशेष टीम का गठन और नई गिरफ्तारियाँ

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) की देखरेख और अपर पुलिस अधीक्षक नगर-1 के नेतृत्व में एक विशेष जाँच टीम बनाई गई। इस टीम में जिला आसूचना इकाई और सिकंदरपुर थाना पुलिस को भी शामिल किया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इसी टीम ने एक महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर त्वरित छापेमारी कर गिरोह के चार अन्य सदस्यों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार उर्फ मानव और हर्ष कनोडिया के रूप में हुई है। सभी आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले बताए गए हैं।

ठगी का तरीका

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के ज़रिए नीट परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झाँसा देकर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से पैसे वसूलते थे। रकम स्कैनर और अन्य ऑनलाइन भुगतान माध्यमों के ज़रिए सीधे बैंक खातों में मँगवाई जाती थी। इस प्रकार एकत्र की गई राशि बाद में गिरोह के मुख्य आरोपी मनीष झा तक पहुँचाई जाती थी।

जाँच की स्थिति

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश और ठगी के पूरे नेटवर्क की जाँच जारी है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक खातों के लेन-देन की भी गहन पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गिरोह ने कितने अभ्यर्थियों को निशाना बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली जवाबदेही तब होगी जब पीड़ित अभ्यर्थियों की पहचान हो और उन्हें न्याय मिले।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुजफ्फरपुर नीट फर्जी प्रश्नपत्र मामला क्या है?
यह मामला एक ऐसे गिरोह से जुड़ा है जो टेलीग्राम के ज़रिए नीट परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झाँसा देकर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से ऑनलाइन ठगी करता था। मुजफ्फरपुर पुलिस ने अब तक इस मामले में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक कुल पाँच आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पहली गिरफ्तारी 2 मई को मुख्य आरोपी मनीष झा की हुई थी, और हालिया कार्रवाई में हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार उर्फ मानव और हर्ष कनोडिया को दबोचा गया है।
गिरोह ठगी किस तरह करता था?
आरोपी टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर नीट का फर्जी प्रश्नपत्र देने का वादा करके अभ्यर्थियों से पैसे माँगते थे। रकम स्कैनर और अन्य ऑनलाइन भुगतान माध्यमों से बैंक खातों में जमा कराई जाती थी, जो बाद में मुख्य आरोपी मनीष झा तक पहुँचाई जाती थी।
जाँच में अब आगे क्या होगा?
पुलिस बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंक खातों के लेन-देन की जाँच कर रही है ताकि ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की संख्या का पता चल सके। गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश भी जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
इस मामले की जाँच कौन कर रहा है?
वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) की देखरेख में एक विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें जिला आसूचना इकाई और सिकंदरपुर थाना पुलिस शामिल हैं। मामले की प्राथमिकी सिकंदरपुर थाना में दर्ज है।
राष्ट्र प्रेस
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