बिहार पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती परीक्षा में धांधली: खगड़िया में केंद्र अधीक्षक समेत 15 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
खगड़िया जिले में बिहार पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती परीक्षा में व्यापक धांधली का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पुलिस ने 29 जून 2026 को एक सॉल्वर गैंग, परीक्षार्थियों, शिक्षकों और परीक्षा केंद्र के अधीक्षक की कथित मिलीभगत उजागर करते हुए कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरोह अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर ₹5 से ₹6 लाख प्रति अभ्यर्थी वसूल रहा था और भुगतान की गारंटी के लिए उनसे ब्लैंक चेक भी ले लिए जाते थे।
मामले का खुलासा कैसे हुआ
खगड़िया पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने सोमवार को बताया कि जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) को पहले से सूचना मिली थी कि भर्ती परीक्षा में अवैध तरीके से अभ्यर्थियों को पास कराने की साजिश रची जा रही है। सूचना की पुष्टि होते ही एसडीपीओ-1 मुकुल कुमार रंजन और साइबर डीएसपी निशांत गौरव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 15 आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
गिरफ्तार किए गए लोगों में सॉल्वर गैंग के सदस्य, परीक्षार्थी, शिक्षक और एक परीक्षा केंद्र का अधीक्षक शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 मोबाइल फोन, 7 ब्लैंक बैंक चेक, 1 एटीएम कार्ड, 2 चारपहिया वाहन (अर्टिगा और किया), 1 मोटरसाइकिल, 8 एडमिट कार्ड, आधार कार्ड तथा अन्य शैक्षणिक दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद सामग्री की विस्तृत जांच जारी है।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में खगड़िया थाना में कांड संख्या 126/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
नेटवर्क का दायरा और जांच
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क बिहार के किन-किन जिलों तक फैला था और इसमें और कौन-कौन से लोग शामिल हो सकते हैं। गौरतलब है कि बिहार पुलिस में रेडियो ऑपरेटर के पदों पर भर्ती के लिए यह प्रतियोगी परीक्षा रविवार को राज्य के सभी 38 जिलों में एक साथ आयोजित की गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में परीक्षा कदाचार के मामले पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं, जो भर्ती प्रक्रियाओं की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।