खगड़िया में फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार: टेस्ला कार, 'भारत सरकार' टैग वाली गाड़ी और 20 क्रेडिट कार्ड बरामद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार पुलिस ने 9 अगस्त 2026 को खगड़िया जिले से मनीष कुमार नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर आईएएस अधिकारी बनकर ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों से ठगी कर रहा था। आरोपी के वाहनों पर 'भारत सरकार' के फर्जी टैग लगे थे और उसके पास से एक टेस्ला कार, एक टाटा सफारी, 5 एप्पल मोबाइल, 20 क्रेडिट कार्ड और 31 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, मनीष कुमार अपने निजी वाहनों पर भारत सरकार के फर्जी पहचान पत्र लगाकर लोगों के बीच आईएएस अधिकारी की छवि बनाता था और उनसे धन ऐंठता था। कुछ संदिग्ध ग्रामीणों की शिकायत के बाद खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने आरोपी को दबोचा।
पूछताछ में चौंकाने वाले दावे
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने केंद्रीय सतर्कता आयोग से संबंध होने का दावा किया। इससे भी आगे बढ़कर उसने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल का गुप्त एजेंट होने का भी दावा किया। पुलिस ने इन सभी दावों को झूठा पाया और आरोपी के पास से एक फर्जी आईएएस पहचान पत्र भी बरामद किया।
बरामदगी की पूरी सूची
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर से 31 लीटर विदेशी शराब और दो हिरण के सींग जब्त किए — हिरण के सींग रखना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत स्पष्ट अपराध है। इसके अतिरिक्त, एक फुली ऑटोमेटेड टेस्ला कार, 'भारत सरकार' टैग लगी टाटा सफारी, 5 एप्पल मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 20 क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड और 4 चेकबुक भी ज़ब्त की गईं।
संपत्ति और वित्तीय जांच
पुलिस के अनुसार, ऐसी खबरें हैं कि आरोपी की संपत्ति न केवल बिहार में, बल्कि अन्य राज्यों और विदेशों में भी हो सकती है — हालांकि इन दावों की अभी पुष्टि की जा रही है। जब्त वस्तुओं, दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच जारी है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल फर्जी पहचान तक सीमित नहीं है — धोखाधड़ी, वन्यजीव कानून उल्लंघन और संभावित अंतरराज्यीय वित्तीय अनियमितताओं पर भी जांच चल रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।