क्या मुंबई में फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर गेस्ट हाउस में ठहरने वाले शख्स को गिरफ्तार किया गया?
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 30 जून (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई क्राइम ब्रांच ने सोमवार को एक 32 वर्षीय व्यक्ति को फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर कस्टम विभाग के गेस्ट हाउस में ठहरने के आरोप में गिरफ्तार किया।
आरोपी ने नकली पहचान पत्र तैयार किया था और अपनी कार पर 'भारत सरकार' का फर्जी लोगो लगाया हुआ था। इस व्यक्ति की पहचान बिहार के वैशाली जिले के महुआ निवासी चंद्रमोहन प्रसाद उर्फ रामबली सिंह के रूप में की गई है।
मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 को सूचना मिली कि मलाड (पश्चिम) में सिल्वर ओक होटल के पास एक व्यक्ति आईएएस अधिकारी बनकर घूम रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुँचकर एक कार देखी, जिस पर 'भारत सरकार' की नेमप्लेट लगी थी। चंद्रमोहन अपने ड्राइवर के साथ कार में था और उसने पुलिस को फर्जी पहचान पत्र दिखाया, जिसमें उसने खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताया। शक होने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और क्राइम ब्रांच कार्यालय ले गई। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह आईएएस अधिकारी नहीं है और उसका पहचान पत्र नकली है।
जांच में पता चला कि चंद्रमोहन पिछले दो दिनों से बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में कस्टम विभाग के 'पनहाला' गेस्ट हाउस में फर्जी पहचान पत्र का उपयोग कर ठहरा था। पुलिस ने उसके पास से गृह मंत्रालय का एक नकली पहचान पत्र, सुरक्षा विभाग के सेक्शन अधिकारी का विजिटिंग कार्ड, आधार कार्ड, दो मोबाइल फोन और कार पर लगा 'भारत सरकार' का प्लेकार्ड जब्त किया।
ड्राइवर ने बताया कि चंद्रमोहन के एक जानकार ने फोन कर उसे गेस्ट हाउस से लेने और विभिन्न स्थानों पर ले जाने के लिए कहा था। ड्राइवर को बताया गया था कि चंद्रमोहन ऑडिट के लिए मुंबई आया है। एक अन्य मामले में चंद्रमोहन को दादर में ट्रैफिक पुलिस ने रोका था, लेकिन उसने फर्जी पहचान पत्र दिखाकर बच निकलने में सफलता पाई। पुलिस को संदेह है कि उसने फर्जीवाड़े के माध्यम से कई अधिकारियों से मिलने की कोशिश की होगी।
मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चंद्रमोहन ने इस फर्जीवाड़े के माध्यम से और कौन सी गतिविधियाँ कीं और क्या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।