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यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गिरफ्तार: मथुरा के राम अवतार ने दो केंद्रों पर दी परीक्षा

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यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गिरफ्तार: मथुरा के राम अवतार ने दो केंद्रों पर दी परीक्षा

सारांश

लखनऊ पुलिस ने यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में सॉल्वर राम अवतार को पकड़ा, जिसने दो अलग केंद्रों पर परीक्षा दी — एक अपने लिए, एक दोस्त वीरू के लिए। करीब 29 लाख अभ्यर्थियों वाली इस परीक्षा में यह गिरफ्तारी निगरानी तंत्र की परीक्षा भी है।

मुख्य बातें

राम अवतार (निवासी: नंगला शीशराम, मथुरा ) को लखनऊ के कैसरबाग थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी ने 8 जून को खालसा इंटर कॉलेज, नाका हिंडोला में दोस्त वीरू के स्थान पर और बाद में ठाकुरदास इंटर कॉलेज में अपनी परीक्षा दी।
आरोपी के पास से कथित तौर पर परीक्षा से संबंधित दस्तावेज बरामद; मुकदमा दर्ज।
यूपीपीआरपीबी की भर्ती-2025 परीक्षा 8, 9 और 10 जून को 75 जिलों के 1,183 केंद्रों पर हुई।
इस भर्ती के लिए कुल 28,86,797 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।

लखनऊ पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2025 में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए एक सॉल्वर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मथुरा जिले के नंगला शीशराम निवासी राम अवतार के रूप में हुई, जिसने दो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देकर परीक्षा प्रणाली को धोखा देने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

मुख्य घटनाक्रम

तकनीकी टीम के सदस्य प्रदीप कुमार ने बताया कि राम अवतार बुधवार को लखनऊ के ठाकुरदास इंटर कॉलेज में परीक्षा दे रहा था, जब उसे पकड़ा गया। जाँच में सामने आया कि उसने 8 जून को नाका हिंडोला स्थित खालसा इंटर कॉलेज में भी परीक्षा दी थी। आरोपी ने स्वीकार किया कि 8 जून को उसने अपने मथुरा निवासी दोस्त वीरू के स्थान पर परीक्षा दी थी। उसे कैसरबाग थाना क्षेत्र में गिरफ्तार किया गया और उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

जाँच में क्या मिला

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से कथित तौर पर परीक्षा से संबंधित कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि राम अवतार ने इससे पहले कितनी बार किसी और के स्थान पर परीक्षा दी और इसके बदले उसे कितनी राशि मिली।

परीक्षा का दायरा और सुरक्षा व्यवस्था

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड (यूपीपीआरपीबी) द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून को हुई। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए कुल 28,86,797 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। परीक्षा के लिए राज्य के 75 जिलों में 1,183 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे।

परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की गई — पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। परीक्षा केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरती गई, जिसके चलते यह मामला सामने आ सका।

आगे क्या होगा

पुलिस आरोपी के नेटवर्क की जाँच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या यह अकेले की करतूत थी या किसी संगठित सॉल्वर गैंग का हिस्सा। गौरतलब है कि यूपी में परीक्षा धोखाधड़ी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, जिसके मद्देनज़र इस बार तकनीकी निगरानी पर विशेष जोर दिया गया था। यह मामला परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निगरानी तंत्र की मजबूती पर नए सिरे से सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस पूरी व्यवस्था की विफलता की कहानी है जो 29 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की मेहनत को दाँव पर लगाती है। सवाल यह है कि तकनीकी निगरानी के बावजूद एक ही व्यक्ति दो केंद्रों पर परीक्षा कैसे दे सका — और क्या ऐसे और मामले सामने आएँगे। यूपी में परीक्षा माफिया का इतिहास लंबा है; इस गिरफ्तारी की असली कसौटी यह होगी कि पुलिस पूरे नेटवर्क तक पहुँचती है या मामला एक आरोपी तक सिमट जाता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में गिरफ्तार सॉल्वर कौन है और उसने क्या किया?
गिरफ्तार आरोपी का नाम राम अवतार है, जो मथुरा जिले के नंगला शीशराम का रहने वाला है। उसने 8 जून को अपने दोस्त वीरू के स्थान पर और बाद में अपनी खुद की परीक्षा — इस तरह दो अलग-अलग केंद्रों पर यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा दी।
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 2025 कब और कहाँ आयोजित हुई?
यूपीपीआरपीबी की आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून को राज्य के 75 जिलों में 1,183 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई। इस परीक्षा के लिए कुल 28,86,797 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।
आरोपी को कैसे पकड़ा गया?
तकनीकी टीम के सदस्य प्रदीप कुमार ने जाँच के दौरान पाया कि राम अवतार ने 8 जून को खालसा इंटर कॉलेज में और बुधवार को ठाकुरदास इंटर कॉलेज में परीक्षा दी। इस तकनीकी निगरानी के आधार पर उसे कैसरबाग थाना क्षेत्र में गिरफ्तार किया गया।
क्या आरोपी के और साथी हो सकते हैं?
पुलिस अभी यह जाँच कर रही है कि आरोपी ने कितनी बार किसी और के स्थान पर परीक्षा दी और उसे कितनी राशि मिली। आरोपी के पास से कथित तौर पर परीक्षा से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं, जिससे किसी बड़े नेटवर्क की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस मामले में पुलिस ने क्या कानूनी कार्रवाई की है?
लखनऊ पुलिस ने राम अवतार को गिरफ्तार करने के बाद उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। जाँच जारी है और पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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