यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026: फर्जी पेपर बेचने वाले टेलीग्राम चैनल पर FIR, 28 लाख परीक्षार्थी कल से
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश पुलिस ने 7 जून 2026 को लखनऊ के हुसैनगंज थाने में एक टेलीग्राम चैनल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जो यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 के नकली प्रश्नपत्र ₹8,000 में बेचने का कथित प्रयास कर रहा था। 'यूपीपी एग्जाम पेपर' नामक यह चैनल उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र दिलाने का झाँसा देकर QR कोड और बैंक खाता विवरण के ज़रिए भुगतान माँग रहा था। यह परीक्षा 32,679 कांस्टेबल पदों पर भर्ती के लिए आयोजित हो रही है और 8 जून 2026 से शुरू होने वाली है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस की नज़र चैनल पर तब पड़ी जब उसने संदिग्ध भुगतान विवरण सार्वजनिक रूप से साझा किए। जाँच दल ने चैनल संचालक की पहचान और संबंधित बैंक खातों का पता लगाने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला एक संगठित धोखाधड़ी की कोशिश की ओर संकेत करता है, जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं की चिंता का फायदा उठाया गया।
बोर्ड की चेतावनी और सुरक्षा व्यवस्था
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखे गए हैं और कड़ी निगरानी में संबंधित परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाए जाएँगे। बोर्ड ने उम्मीदवारों से पेपर लीक की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही अफवाह फैलाकर उम्मीदवारों को गुमराह करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नकली परीक्षार्थियों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान
बोर्ड ने उन 'प्रॉब्लम सॉल्वर्स' के खिलाफ विशेष रूप से आगाह किया है जो अन्य उम्मीदवारों के फर्जी दस्तावेज़ों के साथ परीक्षा केंद्र में बैठने की कोशिश करते हैं। चेतावनी दी गई है कि ऐसे व्यक्ति यदि परीक्षा केंद्र में पकड़े गए तो उन पर भारी दंड लगाया जाएगा और कथित तौर पर उनके मकानों पर बुलडोज़र कार्रवाई भी हो सकती है।
परीक्षा का विवरण
लिखित परीक्षा 8 जून से 10 जून 2026 तक तीन दिन, दो-दो पालियों में आयोजित होगी — पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। राज्यभर के 1,100 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर 28 लाख से अधिक उम्मीदवारों के शामिल होने की संभावना है।
आगे क्या
पुलिस जाँच दल टेलीग्राम चैनल के संचालक और संबंधित बैंक खातों की तह तक पहुँचने में जुटा है। बोर्ड ने संकेत दिया है कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही आगे बढ़ेगी। यह घटना एक बार फिर बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के इर्द-गिर्द सक्रिय होने वाले ऑनलाइन धोखाधड़ी नेटवर्क की ओर ध्यान दिलाती है।