लेखपाल भर्ती परीक्षा 2026: पेपर लीक अफवाह फैलाने वालों पर लखनऊ में एफआईआर, तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा 21 मई 2026 को आयोजित लेखपाल मुख्य भर्ती परीक्षा 2026 के पेपर लीक की झूठी अफवाह सोशल मीडिया पर फैलाने वालों के खिलाफ लखनऊ के विभूतिखंड थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम गठित की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
परीक्षा संपन्न होते ही सोशल मीडिया पर पेपर लीक की अफवाहें तेज़ी से फैलने लगीं। यूपीएसएसएससी ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। आयोग के अनुसार, परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली नहीं हुई।
लखनऊ पुलिस ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर संवेदनशीलता काफी अधिक है।
जांच टीम और जिम्मेदारी
मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय टीम में डीसीपी पूर्वी, एडीसीपी और एसीपी विभूतिखंड शामिल हैं। यह टीम अफवाह के स्रोत की पहचान करने और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री फैलाने वालों तक पहुँचने के लिए डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी।
परीक्षा का व्यापक आयोजन
लेखपाल मुख्य भर्ती परीक्षा उत्तर प्रदेश के 44 जिलों के 861 परीक्षा केंद्रों पर एक ही शिफ्ट में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच आयोजित की गई। हरदोई में 9 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगभग 3,792 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी।
प्रयागराज सहित पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक सत्यापन और कड़ी जांच के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। गौरतलब है कि यह सुरक्षा व्यवस्था पिछली परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के मद्देनज़र और सख्त की गई थी।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
प्रयागराज से परीक्षा देने आए एक उम्मीदवार ने बताया, 'यहाँ लेखपाल परीक्षा के लिए सुविधाएं बहुत अच्छी रहीं। कैंडिडेट्स को बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन के बाद प्रवेश दिया गया।' कानपुर के अभ्यर्थी शौर्य ने बताया कि प्रश्न पत्र मध्यम स्तर का था — पर्यावरण के सवाल थोड़े कठिन थे, जबकि सामान्य अध्ययन, हिंदी और गणित के प्रश्न अपेक्षाकृत सरल रहे।
एक अन्य अभ्यर्थी आयुष द्विवेदी ने बताया कि परीक्षा का स्तर संतुलित था — कंप्यूटर विषय थोड़ा कठिन रहा, लेकिन इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र और भूगोल के प्रश्न सामान्य थे।
आगे क्या होगा
पुलिस की जांच टीम सोशल मीडिया पोस्ट के मूल स्रोत का पता लगाने में जुटी है। यूपीएसएसएससी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा परिणाम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घोषित किए जाएंगे और किसी भी अफवाह का परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे असत्यापित सूचनाओं पर भरोसा न करें।