नासिक में ₹500 के 58 जाली नोट बरामद, येओला तालुका की सब्जी मंडी से आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के नासिक जिले के येओला तालुका में कोटमगांव पुल के निकट एक सब्जी मंडी में ₹500 के कथित नकली नोट चलाने की कोशिश करते पकड़े गए एक व्यक्ति को पुलिस ने 17 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, 58 संदिग्ध जाली नोट जब्त किए गए हैं और उनकी प्रामाणिकता व स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
घटनाक्रम कैसे सामने आया
स्थानीय सब्जी विक्रेताओं ने लेन-देन के दौरान नोटों में असामान्यताएँ देखीं। विक्रेताओं के अनुसार, आरोपी व्यक्ति सब्जियाँ खरीदते समय संदिग्ध ₹500 के नोटों का इस्तेमाल कर रहा था। नोटों पर शक होते ही विक्रेताओं ने तत्काल पुलिस को सूचित किया।
शिकायत मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इसी दौरान ₹500 के 58 संदिग्ध नकली नोट बरामद किए गए। गौरतलब है कि छोटे बाजारों में नकद लेन-देन की अधिकता के कारण ऐसी मंडियाँ जाली नोट खपाने के लिए आसान निशाना मानी जाती हैं।
जांच का दायरा
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार व्यक्ति अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े जाली नोट गिरोह का हिस्सा है। जांचकर्ता यह भी तय करने की कोशिश कर रहे हैं कि ये नोट कहाँ से आए, कितने समय से प्रचलन में थे और आसपास के इलाकों में इसी तरह की घटनाएँ हुई हैं या नहीं।
अधिकारियों ने बताया कि जब्त नोटों की फोरेंसिक जांच चल रही है ताकि उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि हो सके। अभी तक गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
आम व्यापारियों पर असर
इस घटना से स्थानीय व्यापारियों और सब्जी विक्रेताओं में चिंता फैल गई है। छोटे नकद लेन-देन के ज़रिए बाजार में जाली नोट घुसाने की आशंका ने मंडी के विक्रेताओं को सतर्क कर दिया है।
यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल भुगतान के बढ़ते प्रचलन के बाद भी ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में नकद लेन-देन प्रमुख बना हुआ है, जिससे जाली नोटों का खतरा इन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक रहता है।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि बड़े नेटवर्क की संलिप्तता सामने आती है, तो मामले में और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।