रोहिणी में नकली नोट रैकेट का भंडाफोड़: डीआईयू ने चार आरोपी दबोचे, ₹10.50 लाख के जाली नोट बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के रोहिणी में जिला जांच यूनिट (डीआईयू) ने 7 अक्टूबर 2026 को नकली करेंसी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस कार्रवाई में आरोपियों के पास से ₹500 के जाली नोटों के 21 बंडल बरामद किए, जिनकी अनुमानित कुल कीमत लगभग ₹10.50 लाख बताई गई है। इसके अलावा प्रिंटिंग मटीरियल, डिजिटल डिवाइस और नकली नोट बनाने में उपयोग किए जाने वाले अन्य उपकरण भी जब्त किए गए।
ऑपरेशन की शुरुआत: कैसे मिला सुराग
30 सितंबर 2026 को रोहिणी डीआईयू टीम को प्रशांत विहार इलाके में नकली भारतीय करेंसी की आवाजाही और सप्लाई की गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने जापानी पार्क के पास छापा मारा और तीन संदिग्धों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान पुष्कर राज पुरबिया उर्फ 'डॉक्टर', गोसाई राम और साहिल खर्ब के रूप में हुई।
गिरफ्तारी के बाद 1 अक्टूबर 2026 को प्रशांत विहार थाने में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई। लगातार पूछताछ और तकनीकी निगरानी के आधार पर चौथे आरोपी नरेंद्र कुमार को राजस्थान के चूरू से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों का परिचय और उनकी कथित भूमिका
पुष्कर राज पुरबिया उर्फ 'डॉक्टर' राजस्थान में प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। कथित तौर पर वह नकली नोट बनाने और उन्हें वितरित करने के लिए पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पुलिस के अनुसार, वह पहले राजस्थान में धोखाधड़ी के एक मामले और परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत चार मामलों में पहले से आरोपी रह चुका है।
22 वर्षीय गोसाई राम, राजस्थान के बाड़मेर का निवासी है। वह कथित तौर पर नकली नोट बनाने के लिए सामग्री जुटाने और ऑनलाइन स्रोतों व सोशल मीडिया के माध्यम से यह तकनीक सीखने में सक्रिय था। पुलिस का कहना है कि उसने सह-आरोपी साहिल खर्ब के साथ मिलकर सोनीपत में नकली नोट छापने के लिए किराए पर जगह का इंतजाम किया था।
28 वर्षीय साहिल खर्ब हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला और स्नातक है। वह अपनी पारिवारिक दुकान पर काम करता था। उस पर आरोप है कि वह पुष्कर राज पुरबिया और गोसाई राम के साथ मिलकर नकली नोट बनाने की सामग्री जुटाने में शामिल था।
31 वर्षीय नरेंद्र कुमार, राजस्थान के चूरू का निवासी है। कथित तौर पर वह पुष्कर राज पुरबिया और गोसाई राम के सीधे संपर्क में था और रैकेट में उसकी भूमिका की आगे जांच की जा रही है।
बरामदगी का विवरण
आरोपियों से जुड़े ठिकानों की तलाशी के दौरान पुलिस ने प्रिंटिंग उपकरण, डिजिटल डिवाइस, प्रिंटिंग मटीरियल और अन्य संदिग्ध सामग्री ज़ब्त की। कुल मिलाकर 21 बंडल बरामद हुए, जिनमें ₹500 के नकली नोट होने का संदेह है और जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹10.50 लाख बताई गई है। पुलिस के अनुसार, यह सामग्री सोनीपत में तैयार होकर दिल्ली-एनसीआर में आपूर्ति की जानी थी।
आगे की जांच
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इस रैकेट में शामिल पूरे नेटवर्क की पहचान करना, नकली नोटों का मूल स्रोत और उनके वितरण का मार्ग जानना तथा अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। गौरतलब है कि नकली करेंसी की आपूर्ति श्रृंखला को खत्म करना दिल्ली पुलिस की प्राथमिकताओं में से एक रही है, और रोहिणी की विशेष टीमें ऐसे नेटवर्क के खिलाफ नियमित रूप से अभियान चलाती रही हैं।
इस मामले में आगे की गिरफ्तारियों और नेटवर्क के अन्य सदस्यों का खुलासा होना अपेक्षित है।