क्या महाराष्ट्र सरकार ने नकली दवाओं और खांसी की सिरप पर सख्ती बढ़ाई है?

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क्या महाराष्ट्र सरकार ने नकली दवाओं और खांसी की सिरप पर सख्ती बढ़ाई है?

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने नकली दवाओं और खांसी की सिरप के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उन अनधिकृत कंपनियों के खिलाफ भी एक महत्वपूर्ण कदम है जो घटिया दवाएं बेचती हैं।

मुख्य बातें

176 रिटेलर्स और 39 होलसेलर्स के लाइसेंस रद्द किए गए।
36 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 34 घटिया पाए गए।
खांसी की सिरप में अनियमितताओं का पता चला।
सरकार ने 109 ड्रग इंस्पेक्टरों की भर्ती का निर्णय लिया है।

नागपुर, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में नकली दवाओं और खांसी की सिरप की रोकथाम के लिए सरकार ने अपनी कार्रवाई को तीव्र गति दे दी है। यह जानकारी महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) मंत्री नरहरी जिर्वाल ने बुधवार को राज्य विधानसभा में साझा की।

भाजपा विधायक अमित सताम और अन्य के सवालों के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि एफडीए ने एक विशेष अभियान प्रारंभ किया है। खांसी की सिरप और अन्य दवाओं के नमूने राज्य सरकार के अस्पतालों और ड्रग टेस्टिंग लैब में भेजे गए, जहाँ उनकी जांच और विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कई अनियमितताओं का पता चला।

इस विशेष अभियान में 176 रिटेलर्स और 39 होलसेलर्स के लाइसेंस रद्द कर दिए गए। इसके अतिरिक्त, 136 रिटेलर्स और 93 होलसेलर्स का निरीक्षण किया गया और कारण बताओ नोटिस जारी कर कई लाइसेंस रद्द किए गए। अक्टूबर 2024 में एफडीए के अभियान के दौरान कई दवा दुकानों और कंपनियों से नकली खांसी की सिरप बरामद की गई।

मंत्री ने बताया कि डॉक्टरों, क्लिनिकल संस्थाओं और फार्मासिस्टों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रोप्रानोलोल युक्त दवाएं न लिखें और न बेचें। मुंबई, ठाणे, पुणे, औरंगाबाद और नागपुर में 10 स्थानों पर कुल 36 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 34 नमूने घटिया पाए गए। इनमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह, तपेदिक, हृदय रोग और रक्त शुद्धिकरण से संबंधित दवाएं शामिल थीं।

मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में एक विशेष ब्रांड की बच्चों की खांसी की सिरप के 6 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। कुछ दवाओं के घटक बदल दिए गए थे या उन्हें मिश्रित करके नए नाम (पैंक्रियाटइन/पैंक्रियाटिन) से बाजार में बेचा गया। इसके अलावा, कुछ नकली/घटिया दवाएं सरकारी अस्पतालों तक अनधिकृत कंपनियों द्वारा भेजी गईं।

मंत्री ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर के 176 पद (19.4 प्रतिशत) खाली होने के कारण कई जिलों में नियमित ड्रग टेस्टिंग और नियंत्रण प्रभावित हुआ है। महाराष्ट्र में मुंबई, नागपुर और पुणे में तीन लैब हैं, जिन्हें अपग्रेड करने का कार्य चल रहा है। सरकार ने एमपीएसी के माध्यम से 109 ड्रग इंस्पेक्टरों की भर्ती करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपलब्ध मानव संसाधनों के जरिए एफडीए नियमित ड्रग टेस्टिंग और नियंत्रण कर रहा है। आवश्यकतानुसार नमूने लैब में भेजे जाते हैं और अनधिकृत/नकली दवाओं के खिलाफ अदालत में कार्रवाई की जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस दिशा में एफडीए की सक्रियता प्रशंसनीय है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र सरकार ने नकली दवाओं के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
महाराष्ट्र सरकार ने 176 रिटेलर्स और 39 होलसेलर्स के लाइसेंस रद्द किए हैं और विशेष अभियान चलाया है।
क्या सरकार ने खांसी की सिरप की जांच की है?
हाँ, खांसी की सिरप और अन्य दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें से अधिकांश घटिया पाए गए।
राष्ट्र प्रेस