क्या सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर निशाना साधा? बंगाल में एसआईआर के बाद महागठबंधन का सूपड़ा साफ होगा
सारांश
Key Takeaways
- सुवेंदु अधिकारी का टीएमसी पर आरोप
- बंगाल में एसआईआर का महत्व
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप
- मकर संक्रांति के मेले में श्रद्धालुओं की संख्या
- बीसीसीआई में बांग्लादेशी खिलाड़ी का मुद्दा
कोलकाता, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर हमला किया।
सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में विवाद उत्पन्न करने के लिए सरकार को घेरते हुए कहा, "जब बिहार की मतदाता सूची पब्लिश हुई, तब सुप्रीम कोर्ट में कोई नहीं गया। बिहार एसआईआर के बाद चुनाव हुआ, जिसमें 'इंडिया' गठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया। अब बंगाल में एसआईआर हो रहा है, जिसके बाद स्पष्ट परिणाम सबके सामने आएंगे।"
उन्होंने कहा, "एसआईआर में शामिल लोगों पर हमले के लिए कौन जिम्मेदार है? पुलिस के होते हुए चुनाव आयोग के दफ्तर पर जो हमला हुआ, वह सीधे-सीधे संविधान पर हमला है। टीएमसी को आर्टिकल-324 को पढ़ लेना चाहिए। इसमें स्पष्ट लिखा हुआ है कि चुनाव आयोग की क्या शक्तियाँ हैं।"
सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर लोकतंत्र को समाप्त करने का आरोप लगाते हुए कहा, "मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र समाप्त कर दिया है। इस बार चुनाव भ्रष्टाचार, परिवारवाद और नारी सुरक्षा के साथ-साथ लोकतंत्र पर हमले के मुद्दे पर होगा।"
उन्होंने मकर संक्रांति के अवसर पर गंगासागर में श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर कहा, "पश्चिम बंगाल में मकर संक्रांति के मेले में देश-दुनिया से लोग आएंगे। इस मेले में 40-50 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिनमें देश और विदेश के लोग शामिल होंगे।"
आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को हटाने के निर्णय पर सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "यह बीसीसीआई का मामला है। बीसीसीआई भारतीय क्रिकेट की महत्वपूर्ण संस्था है, जिसके पास पूरा अधिकार है। जिम्मेदार लोग बीसीसीआई को चला रहे हैं। उन्हें हर स्थिति में कैसे काम करना है, यह अच्छे से पता है। इस विषय पर राजनीति से जुड़े व्यक्ति को टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है। बीसीसीआई जो भी निर्णय लेगा, वह क्रिकेट और देशहित में होगा।"