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क्या बिहार अल्पसंख्यक आयोग ने पटना एसएसपी को पत्र लिखा?

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क्या बिहार अल्पसंख्यक आयोग ने पटना एसएसपी को पत्र लिखा?

सारांश

बिहार अल्पसंख्यक आयोग ने अशोक कुमार वर्मा के विवादास्पद बयान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आयोग ने इसे संविधान का उल्लंघन करार दिया। यह मामला समाज में धार्मिक वैमनस्य फैलाने का प्रयास हो सकता है।

मुख्य बातें

बिहार अल्पसंख्यक आयोग ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वर्मा का बयान धार्मिक वैमनस्य फैलाने वाला है।
आयोग ने इसे संविधान का उल्लंघन बताया।
सामाजिक तनाव को रोकने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है।
बुर्का पहनने वाली महिलाओं को मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ चेतावनी।

पटना, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन की बिहार इकाई के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

आयोग ने वर्मा के उस बयान को धार्मिक वैमनस्य फैलाने वाला और आपसी सौहार्द बिगाड़ने वाला बताया, जिसमें उन्होंने ज्वेलरी दुकानों में बुर्का या नकाब पहनकर आने वाली महिलाओं के लिए 'नो एंट्री' का नोटिस लगाने का आह्वान किया था।

आयोग के पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया, विभिन्न न्यूज चैनलों और समाचार पत्रों में इस संबंध में वायरल वीडियो और खबरें आने के बाद यह मामला आयोग के ध्यान में आया। आयोग का मानना है कि यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) और अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करता है। वर्मा ने कुछ अपराधिक घटनाओं का हवाला देकर बुर्का पहनने वाली महिलाओं को ज्वेलरी दुकानों में प्रवेश न देने का आह्वान किया है, जिसे आयोग ने आत्मरक्षा के नाम पर विशेष समुदाय की महिलाओं को अपराधी के रूप में चित्रित करने का प्रयास बताया है।

पत्र में एक उदाहरण देते हुए कहा गया है कि बाइक पर सवार अपराधी हेलमेट पहनकर कई अपराध करते हैं, लेकिन क्या इसके आधार पर हेलमेट पर प्रतिबंध लगाया जाए?

आयोग ने कहा कि सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, न कि किसी धर्म या पहनावे को निशाना बनाया जाए। आयोग का मानना है कि इस प्रकार के बयान समाज में धार्मिक वैमनस्य पैदा करने का प्रयास हैं।

आयोग ने चेतावनी दी है कि ज्वेलरी दुकानों के सामने से गुजरने वाली बुर्का या नकाब पहनने वाली महिलाओं को शक की नजर से देखना, मानसिक रूप से प्रताड़ित करना या टिप्पणी करना आम हो सकता है। इससे तनावपूर्ण माहौल बन सकता है, जो राज्य की शांति और विधि-व्यवस्था के लिए चुनौती होगी।

आयोग ने इस प्रकार के बयानों को विधि-सम्मत नहीं माना और कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के पारंपरिक पहनावे को विशेष रूप से निशाना बनाता है।

आयोग ने पटना एसएसपी से अनुरोध किया है कि वर्मा के बयान के दूरगामी दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए विधि-सम्मत कार्रवाई की जाए और इसकी जानकारी आयोग को दी जाए। आयोग ने पत्र के साथ संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे रोकना आवश्यक है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयोग ने किसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है?
आयोग ने ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आयोग का वर्मा के बयान के बारे में क्या कहना है?
आयोग ने वर्मा के बयान को धार्मिक वैमनस्य फैलाने वाला और संविधान का उल्लंघन करार दिया है।
क्या आयोग ने किसी प्रकार की चेतावनी दी है?
हाँ, आयोग ने कहा कि बुर्का या नकाब पहनने वाली महिलाओं को शक की नजर से देखना तनावपूर्ण माहौल पैदा कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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