पेरू के जुनिन में 5.1 तीव्रता के भूकंप से 6 की मौत, 21 घायल; 48 घर तबाह
सारांश
मुख्य बातें
पेरू के जुनिन क्षेत्र में शनिवार रात आए 5.1 और 3.7 तीव्रता के दो भूकंपों ने भारी तबाही मचाई, जिसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और 21 लोग घायल हुए। देश के सिविल डिफेंस प्रमुख ने रविवार, 20 जुलाई को यह जानकारी दी। राजधानी लीमा से करीब 300 किलोमीटर पूर्व में स्थित चुपाका प्रांत में आई यह आपदा पहाड़ी इलाके में बसे कमज़ोर आवासीय ढाँचों के लिए विनाशकारी साबित हुई।
भूकंप का विवरण और तीव्रता
पेरू के नेशनल सिस्मोलॉजिकल सेंटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि पहला भूकंप 5.1 तीव्रता का था और 24 किलोमीटर की गहराई पर आया, जबकि दूसरा 3.7 तीव्रता का झटका 18 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। उल्लेखनीय है कि यूरोपीय-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर ने शुरुआत में पहले भूकंप की तीव्रता 5.6 बताई थी, हालाँकि बाद में पेरू के राष्ट्रीय केंद्र ने इसे 5.1 दर्ज किया।
नुकसान और प्रभावित परिवार
पेरू के नेशनल सिविल डिफेंस इंस्टीट्यूट के प्रमुख लुइस वास्केज ने स्थानीय रेडियो स्टेशन एक्सिटोसा को बताया कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार लगभग 48 घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं और 18 अन्य घरों को आंशिक नुकसान पहुँचा है। इस आपदा से करीब 300 लोग प्रभावित हुए हैं, जिन्हें अस्थायी राहत शिविरों में ठहराया जा रहा है। चुपाका के प्रभावित क्षेत्रों में अधिकांश घर पारंपरिक एडोब (कच्ची ईंट) से निर्मित थे, जो भूकंप में आसानी से ढह जाते हैं।
राहत और बचाव अभियान
वास्केज ने बताया कि रविवार सुबह से ही आपातकालीन दल और अग्निशमन कर्मी प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने में जुटे हैं, क्योंकि आशंका है कि कुछ और लोग अभी भी मलबे में दबे हो सकते हैं। बचावकर्मी सघन तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
पेरू की प्रेसिडेंट-इलेक्ट केइको फुजीमोरी ने रविवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'जुनिन में आए भूकंप से हुई त्रासदी पर मुझे बहुत दुख है। मैं उन लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ जो मारे गए हैं और जो लोग प्रभावित हुए हैं उनके साथ अपनी एकजुटता प्रकट करती हूँ।'
पेरू और भूकंप का इतिहास
गौरतलब है कि पेरू पैसिफिक रिंग ऑफ फायर के किनारे स्थित है — यह भूकंपीय क्षेत्र दुनिया की लगभग 85 प्रतिशत सिस्मिक गतिविधियों के लिए ज़िम्मेदार है। यह ऐसे समय में आया है जब पेरू के पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में भूकंप-रोधी निर्माण अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बचाव दल आगे और झटकों की आशंका को देखते हुए सतर्क हैं।