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सरसों की खरीद पर मध्य प्रदेश में लागू हुई भावांतर योजना, किसानों को मिली राहत

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सरसों की खरीद पर मध्य प्रदेश में लागू हुई भावांतर योजना, किसानों को मिली राहत

सारांश

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना लागू की है, जिससे उन्हें सीधे लाभ मिलेगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच चर्चा के बाद लिया गया।

मुख्य बातें

सरसों की खरीद पर भावांतर योजना लागू हुई।
तुअर की पूर्ण सरकारी खरीद होगी।
किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
दीर्घकालिक कृषि रणनीति पर सहमति।
किसानों के लिए मुआवजा प्रक्रिया में सुधार।

भोपाल/नई दिल्ली, १२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के किसानों को केंद्र सरकार द्वारा महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। राज्य में सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना लागू की जाएगी, जबकि तुअर की पूर्ण सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाएगी।

यह निर्णय केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच हुई चर्चा के बाद लिया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में कृषि मंत्री चौहान से मुलाकात की।

सीएम यादव ने प्रदेश के किसानों और ग्रामीण विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया, जिस पर केंद्र ने सकारात्मक कदम उठाए। उनकी मांग पर सरसों की खरीद से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के प्रस्ताव को स्वीकृति दी और संबंधित विभागों को जल्दी भुगतान प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए। इससे राज्य के हजारों सरसों उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

बैठक में चौहान ने मुख्यमंत्री यादव को तुअर की पूर्ण सरकारी खरीद का स्वीकृति पत्र भी सौंपा, जिससे तुअर उत्पादक किसानों की उपज का सरकारी उपार्जन सुनिश्चित होगा और बाजार में कीमतों में गिरावट का खतरा कम होगा।

मुख्यमंत्री यादव ने प्रदेश को दलहन और तिलहन उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस पर केंद्र और राज्य की संयुक्त टीम ने मूंग, उड़द, चना, तिल, सरसों और ऑयल पाम जैसी फसलों के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने पर सहमति व्यक्त की।

उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के हितों की सुरक्षा को बेहतर बनाने का मुद्दा भी उठाया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि सोयाबीन जैसी फसलों के आकलन के लिए केवल सैटेलाइट डेटा के बजाय क्रॉप कटिंग और रिमोट सेंसिंग दोनों तरीकों का उपयोग किया जाए, ताकि किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा मिल सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद करेगा बल्कि राज्य की कृषि नीति को भी मजबूत करेगा। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच यह सहयोग अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण हो सकता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना क्या है?
भावांतर भुगतान योजना एक सरकारी योजना है जिसमें किसानों को उनके उत्पाद की न्यूनतम कीमत सुनिश्चित की जाती है, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके।
तुअर की खरीद का क्या महत्व है?
तुअर की सरकारी खरीद से किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य मिलना सुनिश्चित होता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
किसान इस योजना का लाभ कैसे ले सकते हैं?
किसान अपनी उपज को सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचकर सीधे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
क्या यह योजना सभी किसानों के लिए लागू है?
हाँ, यह योजना सभी सरसों और तुअर उत्पादक किसानों के लिए लागू है।
इस योजना के तहत किसानों को कब भुगतान मिलेगा?
सरकार ने संबंधित विभागों को जल्दी भुगतान प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए हैं, जिससे किसानों को शीघ्र भुगतान मिलने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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