क्या मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने सोयाबीन परियोजना के लाभ बताए और सरदार पटेल को याद किया?
सारांश
Key Takeaways
- सोयाबीन परियोजना ने किसानों की आय बढ़ाई है।
- यह योजना सरकार के संसाधनों की बचत करती है।
- सरदार पटेल का योगदान आज भी महत्वपूर्ण है।
- किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है।
- यह योजना राज्य और देश के विकास में सहायक है।
इंदौर, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोयाबीन उत्पादन की सफलता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके साथ ही उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रशासनिक सेवाओं में योगदान पर भी प्रकाश डाला।
मोहन यादव ने कहा, "मध्य प्रदेश देश में सोयाबीन का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। यह परियोजना 2016-17 में मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई थी। आज यह योजना न केवल किसानों को लाभ पहुंचाती है, बल्कि सरकार के संसाधनों और समय की भी बचत करती है। मैं किसानों के योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं।"
उन्होंने बताया कि सोयाबीन परियोजना से किसानों की आय में सुधार हुआ है और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। इस योजना ने किसानों को आधुनिक तकनीकों और कृषि प्रबंधन के बेहतर तरीकों से जोड़ा है। मुख्यमंत्री ने किसानों की मेहनत और उनकी भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य और देश के लिए लाभकारी साबित हुई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरदार पटेल को याद करते हुए कहा, "सरदार वल्लभभाई पटेल ने हमारे प्रशासनिक ढांचे (जैसे आईएएस, आईपीएस) को भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कई चुनौतियों का सामना करके देश के लिए मजबूत आधार तैयार किया। हम सभी उनके योगदान पर गर्व महसूस करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि सरदार पटेल के दूरदर्शी दृष्टिकोण और नेतृत्व ने भारतीय प्रशासनिक सेवाओं की नींव को मजबूत किया। उनके द्वारा किए गए सुधार आज भी प्रशासनिक प्रणाली में स्थिरता और दक्षता बनाए रखने में सहायक हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि युवाओं को सरदार पटेल के उदाहरण से प्रेरणा लेकर देश सेवा में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने यह संदेश दिया कि प्रशासन और कृषि दोनों ही देश की समृद्धि और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।