नीट-2026 पेपर लीक: मास्टरमाइंड मांगीलाल-दिनेश बिनवाल एसओजी की जांच के घेरे में, परिवार ने बताई साजिश

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नीट-2026 पेपर लीक: मास्टरमाइंड मांगीलाल-दिनेश बिनवाल एसओजी की जांच के घेरे में, परिवार ने बताई साजिश

सारांश

राजस्थान एसओजी ने नीट-2026 पेपर लीक मामले में जमवा रामगढ़ के दो भाइयों — मांगीलाल और दिनेश बिनवाल — को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन्होंने ₹30 लाख में गुरुग्राम से पेपर खरीदकर राजस्थान में 1,000 से अधिक अभ्यर्थियों तक पहुँचाया। परिवार ने सभी आरोपों को साजिश बताया है।

मुख्य बातें

मांगीलाल बिनवाल और दिनेश बिनवाल को एसओजी ने 9 मई को नीट-2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया।
आरोप है कि दोनों ने ₹30 लाख अग्रिम देकर 26 अप्रैल को गुरुग्राम से लीक पेपर हासिल किया।
जांचकर्ताओं का अनुमान है कि लीक पेपर राजस्थान में 1,000 से अधिक अभ्यर्थियों तक पहुँचाया गया।
एसओजी ने जयपुर, जयपुर ग्रामीण, सीकर और झुंझुनू में छापेमारी की।
परिवार के 5 बच्चों को नीट के जरिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलने का दावा 6 नवंबर 2025 की सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया था।
आरोपियों की माँ प्रभु देवी और पत्नी सोनू ने सभी आरोपों को नकारते हुए इसे साजिश करार दिया।

राजस्थान के जयपुर में नीट-2026 पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड मांगीलाल बिनवाल और उनके भाई दिनेश बिनवाल पर राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) का शिकंजा कसता जा रहा है। जांच एजेंसी अब दोनों भाइयों की संपत्ति, राजनीतिक संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही है। दूसरी ओर, परिवार के सदस्यों ने आरोपों को सिरे से नकारते हुए इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

एसओजी सूत्रों के अनुसार, दोनों भाइयों ने कथित तौर पर ₹30 लाख अग्रिम भुगतान करके परीक्षा से लगभग एक सप्ताह पहले 26 अप्रैल को गुरुग्राम से नीट का प्रश्नपत्र हासिल किया था। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह लीक पेपर पूरे राजस्थान में 1,000 से अधिक अभ्यर्थियों तक पहुँचाया गया होगा। एसओजी ने संबंधित खुफिया जानकारी मिलने के बाद 9 मई को दोनों को गिरफ्तार किया था।

पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर एक नीट अभ्यर्थी की पहचान की, जिस पर अन्य परीक्षार्थियों के बीच लीक पेपर प्रसारित करने का आरोप है। बताया जाता है कि उस अभ्यर्थी ने ही अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश का नाम लिया, जिसके बाद दोनों की गिरफ्तारी हुई। एसओजी ने इस मामले में जयपुर, जयपुर ग्रामीण, सीकर और झुंझुनू में छापेमारी की।

आरोपियों की पृष्ठभूमि और जीवनशैली

मांगीलाल बिनवाल और दिनेश बिनवाल जयपुर से लगभग 30 किलोमीटर दूर जमवा रामगढ़ तहसील के निवासी हैं। वे लगभग 2,000 वर्ग गज में बने एक बड़े फार्महाउस में अपने परिवार के साथ रहते हैं, जो जमवा रामगढ़ थाने से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्थानीय लोग इन्हें इनकी विलासितापूर्ण जीवनशैली के लिए जानते हैं।

गौरतलब है कि 6 नवंबर 2025 को एक सोशल मीडिया पोस्ट में दिनेश बिनवाल ने गर्व के साथ बताया था कि परिवार के पाँच बच्चों को नीट के माध्यम से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिला है। परिवार के अनुसार, दिनेश के दिवंगत बड़े भाई घनश्याम खटीक की दो बेटियों ने नीट-2024 उत्तीर्ण किया था, जबकि उसी परिवार की एक अन्य बेटी और दिनेश के बेटे ने 2025 में नीट पास किया। पाँचवें अभ्यर्थी की पहचान बताने से परिवार ने इनकार कर दिया। जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि मांगीलाल के बेटे, जिसने इस वर्ष नीट-2026 दिया, को भी लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया होगा।

परिवार की प्रतिक्रिया

मांगीलाल की पत्नी सोनू ने अपने पति की किसी भी पेपर लीक गतिविधि में संलिप्तता से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'मेरे पति प्रॉपर्टी का व्यवसाय करते हैं। वे लीक हुए परीक्षा पेपर नहीं खरीदते।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जांच के बारे में बहुत सीमित जानकारी है।

दोनों भाइयों की माँ प्रभु देवी ने इस पूरे मामले को अपने बेटों के विरुद्ध षड्यंत्र बताया। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग हमारे बच्चों से जलते हैं, क्योंकि वे मेधावी और सफल हैं। अगर हम ऐसी गतिविधियों में शामिल होते, तो क्या हम अभी इन मुश्किलों में होते?' हालाँकि, सीधे तौर पर किसी का नाम लेने से उन्होंने परहेज किया।

आरोपी भाइयों ने कथित तौर पर यह भी दावा किया है कि जांच में कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है — हालाँकि जांचकर्ताओं ने इस दावे को खारिज किया है।

एसओजी की जांच का दायरा

एसओजी अब दोनों भाइयों के वित्तीय स्रोतों, व्यावसायिक गतिविधियों और राजनीतिक संपर्कों की बारीकी से जांच कर रही है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में नीट परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह राजस्थान में नीट से जुड़ी अनियमितताओं की हालिया श्रृंखला की नवीनतम कड़ी है।

जांच के आगे बढ़ने के साथ यह देखना अहम होगा कि एसओजी इस रैकेट में किन और लोगों की संलिप्तता उजागर करती है और क्या राज्य से बाहर के तार भी इससे जुड़े हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक अभ्यर्थियों तक पहुँचाने का आरोप बताता है कि यह कोई अकेले की करतूत नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। असली सवाल यह है कि एसओजी की जांच इस रैकेट की जड़ तक पहुँचती है या फिर केवल मोहरों तक सीमित रह जाती है — जबकि राजनीतिक संपर्कों और वित्तीय स्रोतों की जांच अभी जारी है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-2026 पेपर लीक मामले में मांगीलाल और दिनेश बिनवाल पर क्या आरोप हैं?
दोनों भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने ₹30 लाख अग्रिम देकर 26 अप्रैल को गुरुग्राम से नीट-2026 का लीक प्रश्नपत्र हासिल किया और पूरे राजस्थान में 1,000 से अधिक अभ्यर्थियों तक पहुँचाया। एसओजी ने उन्हें 9 मई को गिरफ्तार किया।
राजस्थान एसओजी इस मामले में किन पहलुओं की जांच कर रही है?
एसओजी दोनों भाइयों के वित्तीय लेन-देन, संपत्ति के स्रोत, राजनीतिक संपर्क और व्यावसायिक गतिविधियों की जांच कर रही है। इसके अलावा जयपुर, जयपुर ग्रामीण, सीकर और झुंझुनू में छापेमारी भी की गई है।
बिनवाल परिवार ने आरोपों पर क्या कहा?
मांगीलाल की पत्नी सोनू ने कहा कि उनके पति रियल एस्टेट व्यवसाय करते हैं और किसी लीक गतिविधि में शामिल नहीं हैं। दोनों की माँ प्रभु देवी ने इसे परिवार की सफलता से जलने वाले लोगों की साजिश बताया।
इस मामले में किसी अभ्यर्थी की भूमिका कैसे सामने आई?
पूछताछ के दौरान एक नीट अभ्यर्थी की पहचान की गई जिस पर लीक पेपर सर्कुलेट करने का आरोप था। बताया जाता है कि उस अभ्यर्थी ने अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश का नाम लिया, जिसके बाद दोनों की गिरफ्तारी हुई।
परिवार के बच्चों के नीट में सफल होने का दावा कब और कैसे सामने आया?
6 नवंबर 2025 को दिनेश बिनवाल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि परिवार के पाँच बच्चों को नीट के जरिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिला है। इनमें दिवंगत भाई घनश्याम खटीक की दो बेटियाँ (नीट-2024), एक अन्य बेटी और दिनेश का बेटा (नीट-2025) शामिल हैं; पाँचवें अभ्यर्थी की पहचान परिवार ने नहीं बताई।
राष्ट्र प्रेस
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