क्या गौतम अदाणी ने बिहार-झारखंड में 43,000 करोड़ रुपये के मेगा पावर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की?

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क्या गौतम अदाणी ने बिहार-झारखंड में 43,000 करोड़ रुपये के मेगा पावर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की?

सारांश

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बिहार-झारखंड में 43,000 करोड़ रुपये के मेगा पावर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। इस यात्रा का उद्देश्य पूर्वी भारत में समूह की ऊर्जा निवेश योजनाओं की जानकारी लेना और स्थानीय समुदायों के साथ संवाद स्थापित करना है। जानिए इस महत्वपूर्ण दौरे के बारे में और क्या है इसके पीछे की सोच।

Key Takeaways

  • गौतम अदाणी का दौरा 22 फरवरी को हुआ।
  • 43,000 करोड़ रुपये का कुल निवेश प्रस्तावित है।
  • झारखंड के गोड्डा में 1,600 मेगावाट का संयंत्र है।
  • बिहार में 2,400 मेगावाट की परियोजना की योजना है।
  • इन परियोजनाओं से रोजगार और बुनियादी ढाँचा बेहतर होगा।

अहमदाबाद, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने रविवार को झारखंड और बिहार में परियोजना स्थलों (मेगा पावर प्रोजेक्ट्स) का दौरा किया और पूर्वी भारत में समूह के बड़े बिजली निवेशों की समीक्षा की।

हालाँकि पूर्वी भारत खनिज संसाधनों से समृद्ध है, इसे औद्योगिक रूप से पिछड़ा माना जाता रहा है। इन निवेशों के माध्यम से अदाणी समूह की क्षेत्र में बढ़ती उपस्थिति स्पष्ट होती है।

झारखंड के आदिवासी बहुल गोड्डा में, गौतम अदाणी ने 1,600 मेगावाट के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के कार्यों की समीक्षा की। इस परियोजना में 16,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। इस संयंत्र के कारण हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं और क्षेत्र में रेल संपर्क भी मजबूत हुआ है। यह संयंत्र दीर्घकालिक समझौते के तहत विशेष रूप से बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति करता है, जिससे इस परियोजना को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक महत्व भी मिला है।

बिहार में, जहां अदाणी ने अपने दौरे के दौरान भागलपुर के पास पीरपैंती में समूह की 2,400 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल पावर परियोजना की योजना बनाई है, इसमें 27,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्तावित निवेश है। इसे अगले चार से पांच वर्षों में शुरू होने की उम्मीद है। यह परियोजना राज्य की बढ़ती औद्योगिक और शहरी बिजली मांग को पूरा करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है।

इन दोनों परियोजनाओं के साथ, अदाणी ग्रुप झारखंड और बिहार में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बुनियादी ढांचा निवेशकों में शामिल हो गया है। इन राज्यों में प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में होने के बावजूद ऐतिहासिक रूप से बड़े औद्योगिक निवेश कम रहे हैं।

दौरे के दौरान, गौतम अदाणी ने गोड्डा संयंत्र में इंजीनियरों, तकनीशियनों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने आसपास के गांवों की आदिवासी महिलाओं से भी मुलाकात की, जिससे यह संदेश दिया गया कि समूह का विस्तार लोगों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता के साथ हो रहा है।

दौरे की शुरुआत में, गौतम अदाणी ने देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत इच्छा बताया। यह यात्रा उनके 'सेवा ही साधना है' के विश्वास को दर्शाती है।

हाल के वर्षों में, अदाणी समूह ने महाकुंभ मेला और भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों से भी जुड़ाव रखा है। इन पहलों से यह संदेश दिया गया है कि आस्था, सेवा और विकास एक साथ बढ़ सकते हैं।

Point of View

गौतम अदाणी का यह दौरा न केवल ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि कैसे स्थानीय समुदायों के साथ जुड़ाव और संवाद आवश्यक है। यह पहल दर्शाती है कि राष्ट्रीय विकास में निजी क्षेत्र की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

गौतम अदाणी का दौरा कब हुआ?
गौतम अदाणी का दौरा 22 फरवरी को हुआ।
इन परियोजनाओं का कुल निवेश कितना है?
इन परियोजनाओं का कुल निवेश 43,000 करोड़ रुपये है।
गौतम अदाणी ने किस स्थान पर समीक्षा की?
गौतम अदाणी ने झारखंड के गोड्डा और बिहार के पीरपैंती में समीक्षा की।
इन परियोजनाओं से स्थानीय समुदाय को क्या लाभ होगा?
इन परियोजनाओं से हजारों रोजगार के अवसर और बेहतर बुनियादी ढाँचे का विकास होगा।
अदाणी ग्रुप का इन परियोजनाओं में क्या लक्ष्य है?
अदाणी ग्रुप का लक्ष्य पूर्वी भारत में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
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