क्या बिहार चुनाव ने जातिवाद के जहर को पूरी तरह नकार दिया? : प्रधानमंत्री मोदी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बिहार चुनाव ने जातिवाद के जहर को पूरी तरह नकार दिया? : प्रधानमंत्री मोदी

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने सूरत में बिहार चुनाव की जीत को लेकर बात की। उन्होंने जातिवाद के खिलाफ जनता की मजबूत प्रतिक्रिया को सराहा और कहा कि बिहार की प्रतिभा अब विश्व स्तर पर पहचानी जा रही है। जानिए मोदी के इस संबोधन के मुख्य बिंदुओं को।

मुख्य बातें

बिहार में ऐतिहासिक विजय और विकास की चाहत।
जातिवाद के जहर को नकारने की ताकत।
महिला और युवा का नया कॉम्बिनेशन।
एनडीए गठबंधन की जीत और महागठबंधन की हार।
बिहार की प्रतिभा का विश्व स्तर पर प्रकाश।

सूरत, 15 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सूरत में एक जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिहार में ऐतिहासिक विजय हासिल हुई है, और अगर हम सूरत से आगे बढ़ते हैं और बिहार के लोगों से मिले बिना जाते हैं, तो ऐसा लगता है कि हमारी यात्रा अधूरी रह गई है। इसलिए गुजरात में रहने वाले, विशेषकर सूरत में रहने वाले मेरे बिहारी भाइयों का हक बनता है, और इसलिए यह मेरी स्वाभाविक जिम्मेदारी भी है कि मैं आप सभी के बीच आकर इस विजयोत्सव का हिस्सा बनूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज बिहार में विकास की भूख हर जगह नजर आ रही है। मुझे याद है कि कैसे कोविड के दौरान देशभर के लोग अपने घर लौट रहे थे। उस समय मुझे बिहार के लोगों से बातचीत करने का अवसर मिला था, और उनमें से कई ने उस कठिन दौर का उपयोग अपने व्यवसाय को शुरू करने के लिए किया। यही बिहार के लोगों की असली ताकत है। आप दुनिया में कहीं भी जाएं, बिहार की प्रतिभा हमेशा चमकती हुई नजर आएगी।

उन्होंने कहा कि आप भी जानते हैं और बिहार के लोग भी जानते हैं कि हम वह पार्टी हैं। जब आपने हमें गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में काम करने का अवसर दिया था, तब भी हमारा एक मंत्र था कि भारत के विकास के लिए गुजरात का विकास। हमारी मूलभूत सोच रही है, 'नेशन फर्स्ट।' यही मंत्र हमारे लिए हिंदुस्तान का हर कोना, हर राज्य, हर भाषा-भाषी नागरिक है। ये हमारे लिए पूजनीय और वंदनीय है। इसलिए बिहार का गौरव करना, बिहार के सामर्थ्य को स्वीकार करना, हमारे लिए सहज बात है।

पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनाव में एनडीए गठबंधन विजयी हुआ है और महागठबंधन पराजित हुआ है। दोनों के बीच 10 प्रतिशत वोट का अंतर है, जो बहुत बड़ी बात है। इसका मतलब है कि सामान्य मतदाता ने एकतरफा मतदान किया, जो बिहार के विकास के प्रति उनकी ललक को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से ये 'जमानत पर छूटे नेता' बिहार में घूम-घूमकर जातिवादी राजनीति का राग अलापते रहे हैं। उन्होंने जाति-भेद का जहर फैलाने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन इस चुनाव में बिहार की जनता ने उस जहर को पूरी तरह नकार दिया।

उन्होंने कहा कि आज बिहार दुनिया भर में छाया हुआ है। आप दुनिया में कहीं भी जाइए, बिहार की प्रतिभा आपको नजर आएगी। अब बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मिजाज दिखा रहा है। इस चुनाव में उस मिजाज के दर्शन हुए हैं। महिला और युवा ने ऐसा कॉम्बिनेशन बनाया है, जिसने आने वाले दशकों की राजनीति की नींव मजबूत कर दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना महत्वपूर्ण है कि बिहार चुनाव ने न केवल जातिवाद को नकारा है बल्कि विकास की नई दिशा में भी एक कदम बढ़ाया है। यह चुनाव जनता की आवाज को दर्शाता है, जो विकास और एकता की ओर अग्रसर है।
RashtraPress
13 मई 2026
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले