दिल्ली में फर्जी फायरिंग का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- फायरिंग का मामला झूठा था।
- पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- आरोपियों ने पब्लिसिटी के लिए झूठी कहानी बनाई।
- पुलिस ने सबूतों के आधार पर कार्रवाई की।
- कानूनी कार्रवाई चल रही है।
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आउटर दिल्ली के पश्चिम विहार ईस्ट में हुई फायरिंग की घटना में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पश्चिम विहार ईस्ट और स्पेशल स्टाफ की टीम ने जांच के दौरान यह पाया कि यह मामला पूरी तरह से झूठा था। पुलिस ने इस मामले में शिकायतकर्ता सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह फायरिंग की झूठी कहानी बनाकर फाइनेंसरों से पैसे हड़पने की योजना बना रहा था, लेकिन पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए गिरोह के तीनों सदस्यों को पकड़ लिया है। अब पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने बुधवार को एक प्रेस नोट जारी कर कहा कि पश्चिम विहार ईस्ट में फायरिंग का यह मामला पूरी तरह से नकली था। आरोपियों ने पब्लिसिटी और रसूख पाने के लिए खुद को विदेशी गैंगस्टरों का शिकार दिखाने की कोशिश की थी।
पुलिस ने मुख्य आरोपियों की पहचान तपन दास उर्फ विश्वास, सन्नी उर्फ बोंग और कमलेश उर्फ गंजा के रूप में की है। कमलेश ने इस साजिश के तहत फायरिंग की थी।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी पिस्तौल, 2 जिंदा कारतूस और 2 खाली कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, अपराध में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी और अपराध करते समय पहने गए कपड़े भी पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने यह सारा खेल फाइनेंसरों को ठगने के लिए रचा था। उनके झूठे दावों के कारण कई लोग डर के मारे परेशान हो गए थे, लेकिन पुलिस ने तकनीक और छानबीन के जरिए सच्चाई का पता लगा लिया।
आरोपियों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जांच अब भी जारी है।