ओडिशा में मतदाता सूची मैपिंग का 90 प्रतिशत कार्य पूरा: सीईओ आर.एस. गोपालन

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ओडिशा में मतदाता सूची मैपिंग का 90 प्रतिशत कार्य पूरा: सीईओ आर.एस. गोपालन

सारांश

ओडिशा के मुख्य चुनाव अधिकारी आर.एस. गोपालन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने राज्य के मतदाताओं से 2002 की सूची में जानकारी की पुष्टि करने की अपील की। इस प्रक्रिया में 90 प्रतिशत कार्य पहले ही हो चुका है।

मुख्य बातें

ओडिशा में मतदाता सूची के मैपिंग का 90 प्रतिशत कार्य हो चुका है।
मतदाताओं को अपनी जानकारी की पुष्टि करने के लिए अपील की गई है।
2002 की सूची को 2025 की सूची से मैप किया जा रहा है।
कोई दस्तावेज़ या आधार कार्ड की आवश्यकता नहीं है।
बीएलओ मतदाताओं की जानकारी की सत्यापन में सहायता करेंगे।

भुवनेश्वर, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) आर.एस. गोपालन ने शुक्रवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया। उन्होंने राज्य के मतदाताओं, विशेषकर शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं से 2002 की मतदाता सूची में अपनी जानकारी को सत्यापित करने की अपील की।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोपालन ने बताया कि ओडिशा सीईओ कार्यालय ने 2002 की मतदाता सूची के साथ 2025 की मतदाता सूची में मतदाताओं का व्यापक मैपिंग और सत्यापन कार्य जारी रखा है।

उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, 2002 की मतदाता सूची को 2025 की मतदाता सूची से मैप करने के लिए आधार के रूप में उपयोग किया जाएगा।

गोपान ने मतदाताओं से अनुरोध किया कि वे 2025 और 2002 की मतदाता सूची में अपने नामों की पुष्टि करें और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को आवश्यक जानकारी सौंपें।

सीईओ ने यह भी बताया कि यदि किसी मतदाता का नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं है, तो वे अपने माता-पिता की जानकारी देकर मैपिंग करवा सकते हैं।

यदि 2002 की सूची में उनका या उनके माता-पिता का नाम नहीं है, तो वे अपने दादा-दादी की जानकारी भी प्रदान कर सकते हैं।

गोपालन ने स्पष्ट किया कि इस मैपिंग प्रक्रिया के लिए किसी दस्तावेज या आधार कार्ड की आवश्यकता नहीं है।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के आरंभ होने के बाद, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नामों का पंजीकरण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मतदाता सूची की मैपिंग का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि शेष मतदाताओं को कवर करने के प्रयास जारी हैं।

सीईओ ने कहा, "बचे हुए 10 प्रतिशत में से कम से कम 8 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग जल्द ही कर दी जाएगी। हमारा लक्ष्य मतदाता रोल में 100 प्रतिशत सुधार और सत्यापन करना है।"

सीईओ ने बताया कि बीएलओ को मतदाताओं से संपर्क करने और उनके विवरणों को सत्यापित करने का कार्य सौंपा गया है।

मैपिंग प्रक्रिया के दौरान, मतदाता का नाम, रिश्तेदार का नाम, आयु/जन्मतिथि, मतदान केंद्र, भाग संख्या और ईपीक विवरण जैसी जानकारियों का मिलान किया जाएगा।

इस प्रक्रिया में, बीएलओ फील्ड स्तर पर सहायता करेंगे, और मतदाता ईसीआईएनईटी पोर्टल, मतदाता सेवा पोर्टल, सीईओ ओडिशा वेबसाइट और ईसीआईएनईटी मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे लोकतंत्र की प्रक्रिया में सुधार होगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मतदाता सूची में अपने नाम की पुष्टि कैसे करें?
आप ईसीआईएनईटी पोर्टल, मतदाता सेवा पोर्टल या सीईओ ओडिशा की वेबसाइट पर जाकर अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं।
क्या मैपिंग प्रक्रिया के लिए कोई दस्तावेज आवश्यक हैं?
नहीं, इस मैपिंग प्रक्रिया के लिए किसी दस्तावेज या आधार कार्ड की आवश्यकता नहीं है।
यदि मेरा नाम 2002 की सूची में नहीं है, तो मैं क्या करूं?
आप अपने माता-पिता या दादा-दादी की जानकारी देकर मैपिंग करवा सकते हैं।
कब तक मैपिंग प्रक्रिया पूरी होगी?
सीईओ ने बताया कि शेष 10 प्रतिशत में से 8 प्रतिशत जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का क्या महत्व है?
यह प्रक्रिया सही और अद्यतन मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।
राष्ट्र प्रेस
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