क्या प्रो रेसलिंग लीग की वापसी भारतीय पहलवानों के लिए त्योहार के समान है?
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नई दिल्ली, 1 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कोविड-19 के कारण स्थगित हुई प्रो रेसलिंग लीग अब पुनः आरंभ होने जा रही है। डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने इसे भारतीय पहलवानों के लिए खुशखबरी बताया है।
मीडिया से बातचीत करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस लीग की पुनः घोषणा भारतीय पहलवानों के लिए त्योहार के समान है। मैं स्वयं मैच देखने के लिए उपस्थित रहने का प्रयास करूंगा।
लीग के पुनः आरंभ होने में अपनी भूमिका के बारे में पूछे जाने पर पूर्व डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने कहा, "इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। मुझे डब्ल्यूएफआई द्वारा कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, इसलिए मैं आया हूं। मैं एक खेल प्रेमी हूं और कोई भी मुझसे यह हक नहीं छीन सकता।"
डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि इस लीग में किसी भी पहलवान के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। सभी पहलवानों को भाग लेने की स्वतंत्रता है। इसमें वे पहलवान भी शामिल हो सकते हैं जो बृजभूषण शरण सिंह के विरोध में धरना-प्रदर्शन में भाग लिए थे।
डब्ल्यूएफआई के अनुसार, इस बार वित्तीय पारदर्शिता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पहलवानों और फ्रेंचाइजी को सीधे भुगतान किया जाएगा। पहले कई प्रतिभागियों ने शिकायत की थी कि उन्हें अपने टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) की जानकारी और निर्धारित रॉयल्टी प्राप्त नहीं हुई थी।
संजय सिंह ने कहा, "हमने अतीत से सबक सीखा है, डब्ल्यूएफआई भुगतान पर नियंत्रण रखेगा। सभी अधिकार ओनएनओ मीडिया को दिए गए हैं।"
प्रो रेसलिंग लीग की शुरुआत 2015 में हुई थी। इसे प्रोस्पोर्टिफाई और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा स्थापित किया गया था। प्रो रेसलिंग लीग भारतीय कुश्ती महासंघ और प्रमोटर प्रो स्पोर्टिफाई के बीच विवाद के कारण 2019 के बाद आयोजित नहीं हो पाई। कोविड के कारण भी इसे फिर से शुरू करने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी। अब यह लीग फिर से शुरू की जा रही है। जनवरी 2026 में लीग का नया सीजन शुरू होने की उम्मीद है।