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क्या ईयू के साथ एफटीए से भारतीय निर्यातकों के लिए 11 अरब डॉलर तक के व्यापारिक अवसर खुलेंगे?

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क्या ईयू के साथ एफटीए से भारतीय निर्यातकों के लिए 11 अरब डॉलर तक के व्यापारिक अवसर खुलेंगे?

सारांश

यूरोपीय यूनियन के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय निर्यातकों के लिए 10-11 अरब डॉलर के नए व्यापारिक अवसर खुलने की संभावना है। यह रिपोर्ट भारत के निर्यात के पुनर्निर्देशन पर केंद्रित है, जो भारत-ईयू व्यापार को नया आकार दे सकता है।

मुख्य बातें

ईयू के साथ एफटीए से भारतीय निर्यातकों को नए अवसर मिलेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित निर्यात को पुनर्निर्देशित करना संभव है।
भारत-ईयू द्विपक्षीय व्यापार में स्थिरता बनी हुई है।
ईयू का भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश महत्वपूर्ण है।
बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी का खतरा है।

मुंबई, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। यूरोपीय यूनियन (ईयू) के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से भारतीय निर्यातकों के लिए 10-11 अरब डॉलर के अतिरिक्त निर्यात के अवसर प्राप्त होंगे। यह जानकारी शुक्रवार को जारी की गई रिपोर्ट में उल्लेखित की गई।

रूबिक्स डेटा साइंसेज द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत इस अतिरिक्त निर्यात को बिना क्षमता बढ़ाए केवल अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित हुए निर्यात को पुनः निर्देशित कर के हासिल कर सकता है।

भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात में शीर्ष 15 उत्पाद श्रेणियों का हिस्सा लगभग 52 प्रतिशत है, जिसकी कुल वैल्यू करीब 45 अरब डॉलर है।

इनमें से 12 श्रेणियों में लगभग 21 अरब डॉलर का निर्यात होता है, जिनकी वर्तमान में ईयू के आयात बास्केट में सीमित उपस्थिति है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि इन निर्यात का 50 प्रतिशत भी टैरिफ में कमी और बेहतर बाजार पहुंच के जरिए धीरे-धीरे ईयू की ओर मोड़ दिया जाता है, तो यह भारत-ईयू व्यापार गतिशीलता को काफी हद तक बदल सकता है।

भारत-ईयू द्विपक्षीय व्यापार पिछले तीन वर्षों (वित्त वर्ष 23 से वित्त वर्ष 25) के बीच 136.5 अरब डॉलर पर स्थिर बना हुआ है। वित्त वर्ष 25 में ईयू, अमेरिका को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा द्विपक्षीय साझेदार बना।

भारत की ईयू के आयात में हिस्सेदारी केवल 2.9 प्रतिशत और निर्यात में हिस्सेदारी 1.9 प्रतिशत है, जो रणनीतिक इरादों और वास्तविक व्यापार परिणामों के बीच के अंतर को दर्शाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "भारत का ईयू को व्यापार प्रवाह भी बहुत अधिक केंद्रित है, जिसमें भारत का ईयू को होने वाला 70 प्रतिशत से अधिक निर्यात केवल पांच सदस्य देशों को होता है।"

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि 21.1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला समूह ईयू की वृद्धि दर 1.4 प्रतिशत पर है। वहीं, इसकी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं जर्मनी, फ्रांस और इटली में मंदी देखी जा रही है।

व्यापार के अलावा, ईयू भारत में एक बड़ा विदेशी निवेशक है। अप्रैल 2000 से दिसंबर 2024 तक ईयू ने भारत में कुल 119.2 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किया है, जो कि देश के कुल एफडीआई प्रवाह का 16.5 प्रतिशत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत के लिए यूरोपीय यूनियन के साथ एफटीए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह न केवल व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि निर्यातकों को नए बाजारों में प्रवेश करने का अवसर भी प्रदान करेगा। यह समय है कि हम अपनी रणनीतियों पर ध्यान दें और इस अवसर का लाभ उठाएं।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एफटीए से भारतीय निर्यातकों को क्या लाभ होगा?
एफटीए से भारतीय निर्यातकों को 10-11 अरब डॉलर के अतिरिक्त निर्यात के अवसर मिलेंगे।
क्या भारत अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित निर्यात को पुनर्निर्देशित कर सकता है?
हां, रिपोर्ट के अनुसार भारत बिना क्षमता बढ़ाए अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित निर्यात को पुनर्निर्देशित कर सकता है।
भारत-ईयू के बीच व्यापार स्थिति क्या है?
भारत-ईयू द्विपक्षीय व्यापार पिछले तीन वर्षों के दौरान 136.5 अरब डॉलर पर स्थिर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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