क्या 2026 में देश की आर्थिक स्थिति और भी मजबूत होगी? एफटीए से निर्यात में वृद्धि होगी: इंडस्ट्री

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क्या 2026 में देश की आर्थिक स्थिति और भी मजबूत होगी? एफटीए से निर्यात में वृद्धि होगी: इंडस्ट्री

सारांश

क्या 2026 में भारत की आर्थिक स्थिति और भी मजबूत हो जाएगी? जानिए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के प्रभाव और निर्यात में संभावित वृद्धि के बारे में। उद्योग के विशेषज्ञों की राय और भविष्य की योजनाओं का विश्लेषण।

Key Takeaways

  • भारत ने 2025 में जापान को पीछे छोड़कर चौथा स्थान हासिल किया।
  • ओमान, न्यूजीलैंड और यूके के साथ एफटीए से निर्यात में बढ़ोतरी होगी।
  • टेक्सटाइल क्षेत्र में सरकार ने कई सकारात्मक कदम उठाए हैं।
  • 2028 तक भारत की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की योजना है।
  • आभूषण और रत्न उद्योग निर्यात में अहम भूमिका निभाते हैं।

नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2025 में देश ने जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का गौरव हासिल किया है, और अब वह तीसरे स्थान पर पहुंचने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। हाल ही में ओमान, न्यूजीलैंड और यूके के साथ किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से भारत का निर्यात तेजी से बढ़ने की संभावना है। यह जानकारी इंडस्ट्री द्वारा गुरुवार को दी गई।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में ऑल गुजरात टेक्सटाइल फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का चौथे स्थान पर पहुंचना गर्व की बात है। इसके पीछे एक स्थिर सरकार और प्रभावी नीतियों का योगदान है।

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए कई सकारात्मक कदम उठाए हैं, जिसमें डबल ए ग्रेड यार्न की उपलब्धता शामिल है।

जीरावाला ने कहा कि 2025 में सरकार ने विभिन्न देशों के साथ एफटीए किए हैं, जिससे निर्यातकों के लिए नए अवसरों के दरवाजे खुले हैं। आने वाले समय में देश के निर्यात में बड़ी बढ़त देखने को मिल सकती है।

दक्षिण गुजरात चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रमुख निखिल मद्रासी ने कहा कि नया साल नई आशा की किरण लेकर आया है। देश ने अर्थव्यवस्था में जापान को पीछे छोड़ दिया है, और अब हमारा लक्ष्य 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनना है। इसके लिए निर्यात को बढ़ाना आवश्यक है। अमेरिका से अलग नई वैकल्पिक व्यवस्थाएं स्थापित करनी होंगी।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलरी एसोसिएशन के गुजरात राज्य के प्रमुख नैनेश पच्चीगर ने कहा कि भारतीय निर्यात में आभूषण और रत्न उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश से प्रतिदिन लगभग 7.8 मिलियन डॉलर के आभूषण और रत्न का निर्यात होता है। हमारी कोशिश इसे तेजी से बढ़ाने की है। हाल ही में हुए एफटीए से इसमें तेजी लाने में और मदद मिलेगी।

Point of View

NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत ने जापान को कैसे पीछे छोड़ा?
भारत ने स्थिर नीतियों और आर्थिक सुधारों के माध्यम से जापान को पीछे छोड़ने में सफलता प्राप्त की है।
एफटीए के क्या लाभ हैं?
एफटीए से निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलते हैं, जिससे व्यापार में वृद्धि होती है।
आभूषण निर्यात में भारत का स्थान क्या है?
भारत प्रतिदिन 7.8 मिलियन डॉलर के आभूषण और रत्न का निर्यात करता है, जो इसे वैश्विक बाजार में महत्वपूर्ण बनाता है।
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