क्या पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में थानाध्यक्षों पर गिरी गाज?

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क्या पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में थानाध्यक्षों पर गिरी गाज?

सारांश

पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की रहस्यमय मौत ने पुलिस कार्रवाई को जन्म दिया है। दो थानाध्यक्षों को निलंबित किया गया है, और न्याय के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। क्या यह मामला और गहरा होगा?

Key Takeaways

  • पटना में छात्रा की संदिग्ध मौत से जुड़ी पुलिस कार्रवाई।
  • दो थानाध्यक्षों को निलंबित किया गया।
  • एफएसएल रिपोर्ट में गंभीर खुलासे।
  • परिवार का कहना है कि यह हत्या है।
  • विशेष जांच टीम का गठन।

पटना, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना के छात्रावास में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत के मामले में एफएसएल की रिपोर्ट के बाद अब एक्शन लिया गया है। पटना के दो थानाध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

पटना पुलिस द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि अपर थानाध्यक्ष कदमकुआं अवर निरीक्षक हेमंत झा एवं थानाध्यक्ष चित्रगुप्त नगर अवर निरीक्षक रोशनी कुमारी को सूचना संकलन एवं समय पर कार्रवाई करने में परिलक्षित हुई विफलता के आरोप में निलंबित किया गया है। इस बीच, पुलिस को इस मामले की एफएसएल रिपोर्ट भी प्राप्त हो गई है।

बताया गया कि परिजनों द्वारा १० जनवरी को मृतका के कुछ वस्त्र पुलिस को उपलब्ध कराए गए थे, जिन्हें विधि-सम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए जब्त किया गया तथा परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा गया। एफएसएल द्वारा जांच में घटना के समय पहने गए एक अंतःवस्त्र से मानव शुक्राणु के अवशेष प्राप्त हुए हैं। इसकी डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है। अब इस मामले में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्धों के डीएनए से मिलान किया जाएगा।

दरअसल, यह पूरा मामला एक छात्रा की मौत से जुड़ा हुआ है। पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में बीते दिनों नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा कमरे में बेहोश पाई गई थी। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी बाद में मौत हो गई। पुलिस ने शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला बताया।

हालांकि, परिजनों ने आरोप लगाया कि उसके साथ हॉस्टल में यौन उत्पीड़न हुआ और फिर हत्या कर दी गई। छात्रा जहानाबाद जिले के शकूराबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। परिजनों ने पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाया। विरोध और दबाव बढ़ने के बाद उच्च अधिकारियों ने पूरे मामले की दोबारा समीक्षा की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच निष्पक्ष और तेजी से पूरी की जाएगी। विपक्ष भी इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है।

Point of View

बल्कि समाज में व्याप्त गंभीर समस्याओं का प्रतीक है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे मामलों में न्याय हो और दोषियों को सजा मिले। यह घटना बिहार की पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाती है। हमें एक साथ मिलकर इस मुद्दे को सुलझाना होगा।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

पटना में छात्रा की मौत के पीछे क्या कारण हैं?
पुलिस ने प्रारंभ में इसे आत्महत्या का मामला बताया, लेकिन परिवार का कहना है कि यह हत्या है।
क्या पुलिस ने उचित कार्रवाई की है?
हां, पुलिस ने दो थानाध्यक्षों को निलंबित किया है और विशेष जांच टीम का गठन किया है।
एफएसएल रिपोर्ट में क्या पाया गया?
एफएसएल रिपोर्ट में घटना के समय पहने गए अंतःवस्त्र से मानव शुक्राणु के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
क्या परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाया है?
जी हां, परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस जांच जारी है, और दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी।
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