भारत-ईयू एफटीए भविष्य के व्यापार की नींव: स्वीडिश उद्यम प्रमुख जैके, मोदी ने गोथेनबर्ग में दिया बड़ा संदेश

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भारत-ईयू एफटीए भविष्य के व्यापार की नींव: स्वीडिश उद्यम प्रमुख जैके, मोदी ने गोथेनबर्ग में दिया बड़ा संदेश

सारांश

स्वीडिश उद्यम प्रमुख जैके ने भारत-ईयू एफटीए को भविष्य के व्यापार की आधारशिला बताया — लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसे ज़मीन पर उतारने के लिए प्रक्रियाएँ सरल करनी होंगी। मोदी ने गोथेनबर्ग में यूरोपीय उद्योग जगत को 'मेक इन इंडिया' और ग्रीन ट्रांजिशन में निवेश का खुला निमंत्रण दिया।

मुख्य बातें

कॉन्फेडेरेशन ऑफ स्वीडिश एंटरप्राइज के महानिदेशक यान-ओलोफ जैके ने भारत-ईयू एफटीए को 'भविष्य के व्यापार की नींव' बताया।
जैके ने कहा कि एफटीए को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सीमा शुल्क व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार जरूरी है।
चेयरमैन जैकब वॉलेनबर्ग ने PM मोदी को भारत-ईयू एफटीए के संभावित लाभों पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।
PM मोदी ने गोथेनबर्ग में 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' को संबोधित किया; उर्सुला वॉन डेर लेयेन और उल्फ क्रिस्टरसन भी उपस्थित रहे।
मोदी ने यूरोपीय कंपनियों को 'मेक इन इंडिया' , ग्रीन हाइड्रोजन , सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्रों में निवेश का आमंत्रण दिया।
मोदी ने भारत-यूरोप सीईओ गोलमेज को वार्षिक बनाने और ईआरटी में 'इंडिया डेस्क' स्थापित करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 मई को अपने पाँच देशों के दौरे के तीसरे चरण में स्वीडन की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। इस अवसर पर कॉन्फेडेरेशन ऑफ स्वीडिश एंटरप्राइज के महानिदेशक यान-ओलोफ जैके ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दुनिया को यह स्पष्ट संकेत देता है कि व्यापार अतीत की नहीं, बल्कि भविष्य की धुरी है। उनके अनुसार, यह समझौता दोनों पक्षों के लिए एक मजबूत साझेदारी का आधार बनेगा, हालाँकि इसके पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए अभी कई महत्वपूर्ण कदम उठाने शेष हैं।

जैके का विशेष बयान: प्रक्रियाएँ सरल करना होगी

एक विशेष साक्षात्कार में जैके ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए को व्यावहारिक धरातल पर सफल बनाने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम करना और सीमा शुल्क व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना आवश्यक होगा। उन्होंने इसे एक 'शानदार शुरुआत' बताते हुए जोर दिया कि दोनों पक्षों को मिलकर और अधिक ठोस प्रयास करने होंगे।

जैके ने यह भी रेखांकित किया कि स्वीडन भले ही क्षेत्रफल में छोटा देश हो, लेकिन नवाचार और तकनीकी उन्नति में यह अग्रणी है। दूसरी ओर, भारत के पास विशाल युवा जनशक्ति और तेज़ी से विस्तारित होता बाज़ार है — यह संयोजन दोनों देशों के बीच साझेदारी को असाधारण रूप से संभावनाशील बनाता है।

वॉलेनबर्ग की रिपोर्ट और एफटीए के अवसर

यात्रा के दौरान कॉन्फेडेरेशन ऑफ स्वीडिश एंटरप्राइज के चेयरमैन जैकब वॉलेनबर्ग ने प्रधानमंत्री मोदी को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी, जिसमें भारत-ईयू एफटीए से उभरने वाले संभावित अवसरों और आर्थिक लाभों का विश्लेषण किया गया है। जैके ने इस रिपोर्ट को दोनों पक्षों के बीच संवाद की एक ठोस शुरुआत बताया।

मोदी का गोथेनबर्ग में यूरोपीय उद्योग जगत को संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने गोथेनबर्ग में वोल्वो ग्रुप द्वारा आयोजित 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोप व भारत की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में से एक है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप को लचीली व विविध आपूर्ति श्रृंखलाएँ विकसित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने भारत-ईयू एफटीए वार्ताओं के सफल समापन को एक 'परिवर्तनकारी आर्थिक साझेदारी' की संज्ञा दी।

निवेश के क्षेत्र और भारत का विकास एजेंडा

प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय उद्योग जगत के नेताओं को 'मेक इन इंडिया', राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन और स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, सेमीकंडक्टर तथा उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने दूरसंचार, डिजिटल बुनियादी ढाँचे, एआई, इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित परिवर्तन, शहरी गतिशीलता और स्वास्थ्य सेवा को भी प्रमुख अवसर क्षेत्र बताया।

उन्होंने भारत के सुधारों, मजबूत घरेलू माँग, डिजिटल सार्वजनिक ढाँचे और आधुनिक बुनियादी ढाँचे में तेज़ विस्तार को देश की आर्थिक प्रगति का आधार बताया। प्रधानमंत्री ने भारत-यूरोप के बीच प्रतिभा की गतिशीलता, शिक्षा और कौशल साझेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया।

साझा मूल्य और आगे की राह

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया और प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन के साथ मुलाकात की और चुनिंदा स्वीडिश कंपनियों के प्रमुखों से भी विचार-विमर्श किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, मोदी ने कहा कि भारत और स्वीडन लोकतंत्र, पारदर्शिता, नवाचार और सतत विकास जैसे साझा मूल्यों से आपस में जुड़े हैं।

दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई चर्चाओं में लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, ग्रीन ट्रांजिशन, सस्टेनेबल मोबिलिटी, जीवन विज्ञान और डिजिटल प्रौद्योगिकी में सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। मोदी ने भारत-यूरोप सीईओ गोलमेज सम्मेलन को वार्षिक आधार पर आयोजित करने और ईआरटी में एक 'इंडिया डेस्क' स्थापित करने का सुझाव भी दिया — जो संस्थागत सहयोग की दिशा में एक ठोस कदम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जैके का यह स्वीकारोक्ति कि 'अभी कई जरूरी कदम उठाने होंगे' — असली चुनौती की ओर इशारा करता है। भारत और यूरोप के बीच व्यापार समझौतों का इतिहास बताता है कि घोषणाओं और क्रियान्वयन के बीच की खाई अक्सर गहरी होती है। मोदी का यूरोपीय उद्योग जगत को 'इंडिया डेस्क' और वार्षिक सीईओ गोलमेज का सुझाव संस्थागत ढाँचे की दिशा में सही कदम है, पर इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सीमा शुल्क सरलीकरण और नियामक पारदर्शिता में कितनी तेज़ी आती है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) क्या है और इसका महत्व क्यों है?
भारत-ईयू एफटीए भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाला एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता है, जिसकी वार्ताएँ हाल ही में सफलतापूर्वक पूरी हुई हैं। यह समझौता दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग को नई गति देगा।
स्वीडिश उद्यम प्रमुख यान-ओलोफ जैके ने एफटीए पर क्या कहा?
जैके ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए यह संदेश देता है कि व्यापार भविष्य का हिस्सा है, अतीत का नहीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते को पूरी तरह सफल बनाने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करना और सीमा शुल्क व्यवस्था में सुधार करना अनिवार्य होगा।
PM मोदी ने गोथेनबर्ग में यूरोपीय उद्योग जगत को किन क्षेत्रों में निवेश का न्योता दिया?
PM मोदी ने 'मेक इन इंडिया', राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, सेमीकंडक्टर, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, एआई, डिजिटल बुनियादी ढाँचा और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में यूरोपीय कंपनियों को निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया।
मोदी की स्वीडन यात्रा में 'इंडिया डेस्क' का सुझाव क्यों महत्वपूर्ण है?
मोदी ने 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' (ईआरटी) में एक 'इंडिया डेस्क' स्थापित करने और भारत-यूरोप सीईओ गोलमेज को वार्षिक आयोजन बनाने का सुझाव दिया। यह भारत-यूरोप व्यापारिक सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक ठोस प्रस्ताव है।
मोदी की स्वीडन यात्रा के दौरान किन नेताओं से मुलाकात हुई?
PM मोदी ने स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया और प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन से मुलाकात की। गोथेनबर्ग के कार्यक्रम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय उद्योग जगत के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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