बराकाह परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमला: यूएई ने बताया 'आतंकी कृत्य', इराक को दी कड़ी चेतावनी

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बराकाह परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमला: यूएई ने बताया 'आतंकी कृत्य', इराक को दी कड़ी चेतावनी

सारांश

यूएई ने बराकाह परमाणु संयंत्र पर रविवार को हुए ड्रोन हमले को 'आतंकवादी कृत्य' करार दिया है और इराक से तत्काल अपनी सीमा से उत्पन्न शत्रुतापूर्ण गतिविधियाँ रोकने की माँग की है। हमले में बाहरी परिसर का एक विद्युत जनरेटर क्षतिग्रस्त हुआ। यह घटना खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी है।

मुख्य बातें

यूएई ने बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए ड्रोन हमले को 'आतंकवादी कृत्य' और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
हमला रविवार को हुआ; ड्रोन इराक की दिशा से आया और बाहरी परिसर में एक विद्युत जनरेटर क्षतिग्रस्त हुआ।
यूएई विदेश मंत्रालय ने बुधवार, 20 मई को कड़ा बयान जारी कर इराक से तत्काल और बिना शर्त शत्रुतापूर्ण गतिविधियाँ रोकने की माँग की।
मंत्रालय ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवतावादी कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन है।
यूएई ने इराक को जिम्मेदार एवं सक्रिय क्षेत्रीय साझेदार के रूप में कार्य करने की अपेक्षा जताई।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश मंत्रालय ने बुधवार, 20 मई को एक कड़े बयान में दफरा क्षेत्र स्थित बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए ड्रोन हमले को 'आतंकवादी कृत्य' करार दिया और इराक से तत्काल एवं बिना शर्त अपनी सीमा से उत्पन्न शत्रुतापूर्ण गतिविधियाँ रोकने की माँग की। यह हमला रविवार को हुआ था, जिसमें प्लांट के बाहरी क्षेत्र में एक विद्युत जनरेटर को नुकसान पहुँचा था।

हमले का विवरण और नुकसान

यूएई के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दफरा क्षेत्र में स्थित बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर आया ड्रोन इराक की दिशा से दागा गया था। हमले में प्लांट के आंतरिक ढाँचे को नहीं, बल्कि बाहरी परिसर में स्थित एक विद्युत जनरेटर को नुकसान पहुँचाया गया। मंत्रालय ने इसे 'अस्वीकार्य' बताते हुए कहा कि यह यूएई की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।

यूएई का कड़ा रुख: अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

विदेश मंत्रालय के बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा गया: 'यह हमला साफ-साफ अंतरराष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है।' मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन हैं, बल्कि नागरिक और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने वाले आतंकवादी कृत्य भी हैं।

गौरतलब है कि बराकाह संयंत्र अरब विश्व का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र है, और इस पर हमला अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा मानदंडों के तहत अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।

इराक से सीधी माँग

यूएई के विदेश मंत्रालय ने इराक से स्पष्ट रूप से कहा कि उसे अपनी सीमा से उत्पन्न सभी शत्रुतापूर्ण गतिविधियाँ तुरंत और बिना किसी शर्त के रोकनी होंगी। मंत्रालय ने कहा कि इन खतरों का समाधान 'तत्काल, जिम्मेदाराना और प्रभावी तरीके से' किया जाना चाहिए तथा यह सभी संबंधित अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय कानूनों एवं सम्मेलनों के अनुरूप होना चाहिए।

क्षेत्रीय स्थिरता पर असर

यूएई ने यह भी रेखांकित किया कि इराक का सक्रिय सहयोग न केवल उसकी अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के लिए आवश्यक है, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भी अहम है। मंत्रालय ने कहा कि सभी देशों — विशेषकर पड़ोसी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों — को अपने क्षेत्र से उत्पन्न खतरों को रोकने में सहयोग देना चाहिए।

यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएँ पहले से ही क्षेत्रीय तनाव का बड़ा कारण बनी हुई हैं। आगे की कार्रवाई पर यूएई का रुख और इराक की प्रतिक्रिया क्षेत्रीय कूटनीति की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो खाड़ी की ऊर्जा संप्रभुता पर सीधा प्रहार है। यूएई का 'आतंकी कृत्य' वाला शब्द-चयन कूटनीतिक दबाव से आगे जाकर अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही की माँग करता है। असली सवाल यह है कि क्या इराक की केंद्र सरकार इन हमलों को रोकने में सक्षम है, या ये उसकी सीमा में सक्रिय गैर-राज्य अभिकर्ताओं का काम है — जो दोनों ही स्थितियों में खाड़ी की स्थिरता के लिए गंभीर संकेत है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बराकाह परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमला कब और कैसे हुआ?
यह हमला रविवार को हुआ, जब इराक की दिशा से आए एक ड्रोन ने यूएई के दफरा क्षेत्र स्थित बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बाहरी परिसर में एक विद्युत जनरेटर को क्षतिग्रस्त किया। संयंत्र की आंतरिक संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुँचा।
यूएई ने इस हमले को 'आतंकी कृत्य' क्यों कहा?
यूएई के विदेश मंत्रालय के अनुसार, नागरिक और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने वाले ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवतावादी कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करते हैं और इन्हें आतंकवादी कृत्य की श्रेणी में रखा जाता है।
यूएई ने इराक से क्या माँग की है?
यूएई ने इराक से अपनी सीमा से उत्पन्न सभी शत्रुतापूर्ण गतिविधियाँ तत्काल और बिना किसी शर्त के रोकने की माँग की है। साथ ही इराक से जिम्मेदार और सक्रिय क्षेत्रीय साझेदार की भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई गई है।
बराकाह परमाणु संयंत्र क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
बराकाह अरब विश्व का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र है, जो यूएई के दफरा क्षेत्र में स्थित है। इस पर हमला अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा मानदंडों के तहत अत्यंत संवेदनशील घटना मानी जाती है और क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
इस हमले का खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
यह घटना खाड़ी क्षेत्र में पहले से बढ़े तनाव को और गहरा कर सकती है। यूएई ने स्पष्ट किया है कि सभी पड़ोसी देशों को अपने क्षेत्र से उत्पन्न खतरों को रोकने में सहयोग देना होगा, अन्यथा क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।
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