7 अक्टूबर 2026
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गांधीनगर: राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के 24 जवानों में डेंगू, स्वास्थ्य मंत्री ने युद्धस्तर पर फॉगिंग के आदेश दिए

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गांधीनगर: राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के 24 जवानों में डेंगू, स्वास्थ्य मंत्री ने युद्धस्तर पर फॉगिंग के आदेश दिए

सारांश

गांधीनगर में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारियों के बीच अर्धसैनिक जवानों के आवास में डेंगू फैलने की खबर है — दो दिनों में 24 पुष्ट मामले। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ने युद्धस्तर पर फॉगिंग, लार्वा-रोधी अभियान और चौबीसों घंटे निगरानी के आदेश दिए हैं।

मुख्य बातें

2 अक्टूबर 2026 को दो दिनों के भीतर गांधीनगर में 24 जवानों में डेंगू की पुष्टि हुई; सभी मरीज़ों की स्थिति स्थिर बताई गई है।
बीएसएफ, सीआरपीएफ और आईटीबीपी के जवान 21 सितंबर से गांधीनगर के सेक्टर 28-29 में ठहरे हुए हैं; नवनिर्मित आवासों में जमा पानी को संक्रमण का कारण बताया गया।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने प्रत्येक आवास ब्लॉक में चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती और दैनिक फॉगिंग के आदेश दिए।
पिछले वर्ष की तुलना में 2026 में गुजरात में मलेरिया में 39.6% और डेंगू में 20.6% की कमी दर्ज की गई है।
2026 के 40वें सप्ताह तक 1.39 करोड़ से अधिक रक्त नमूने जाँचे गए; 42 अस्पतालों में विशेष निदान केंद्र सक्रिय।
पिछले दो महीनों में गुजरात में चंडीपुरा वायरस का कोई नया मामला नहीं।

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को वेक्टर जनित रोगों पर आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांधीनगर में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के लिए आए अर्धसैनिक बलों के जवानों के अस्थायी आवासों में डेंगू के मामले सामने आने के बाद फॉगिंग, बुखार की निगरानी और लार्वा-रोधी अभियान को तत्काल तेज किया जाए। 2 अक्टूबर को गांधीनगर सिविल अस्पताल ने पुष्टि की थी कि दो दिनों के भीतर 24 जवानों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य बुखार और बदन दर्द के साथ निगरानी में हैं।

मामले कैसे सामने आए

21 सितंबर 2026 से ही बीएसएफ, सीआरपीएफ और आईटीबीपी के जवान विभिन्न राज्यों से गांधीनगर पहुँचना शुरू हुए थे। उन्हें गांधीनगर के सेक्टर 28 और 29 के सरकारी आवासों में ठहराया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन नवनिर्मित सरकारी आवासों में पानी जमा होने से मच्छरों की गतिविधि तेज़ हो गई, जिसके परिणामस्वरूप जवानों में डेंगू के मामले दर्ज किए गए।

यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय एकता दिवस — 31 अक्टूबर — की परेड की तैयारियाँ जोरों पर हैं और हज़ारों जवान एकत्र हो रहे हैं। अस्पताल ने स्पष्ट किया कि सभी प्रभावित मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है।

स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश

पानसेरिया ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर गहन फॉगिंग, दवाइयों का छिड़काव और मरीजों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से आदेश दिया कि सरकारी आवास के प्रत्येक ब्लॉक में चार स्वास्थ्यकर्मी तैनात किए जाएँ।

इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि परिसर के अंदर या आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दिया जाए और जहाँ भी जमाव पाया जाए, उसे तुरंत हटाया जाए। परेड ग्राउंड और जवानों के आवास में दैनिक फॉगिंग और लार्वा-रोधी अभियान के आदेश भी जारी किए गए हैं।

गुजरात में व्यापक वेक्टर रोग की स्थिति

मंत्री पानसेरिया ने बताया कि पिछले दो महीनों में गुजरात में चंडीपुरा वायरस का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहला मामला दर्ज होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीमें वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगातार सक्रिय हैं।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष की तुलना में 2026 में गुजरात में मलेरिया के मामलों में 39.6 प्रतिशत और डेंगू के मामलों में 20.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों और जागरूकता अभियानों को दिया।

आँकड़े और निदान व्यवस्था

2026 के 40वें सप्ताह तक राज्य भर में 1.39 करोड़ से अधिक रक्त के नमूनों की जाँच की जा चुकी है, जिनमें 1,401 मलेरिया के मामले सामने आए हैं। डेंगू के निदान के लिए मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध 42 अस्पतालों में विशेष निदान केंद्र सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

आगे की राह

सार्वजनिक स्वास्थ्य दल द्वारा महामारी विज्ञान संबंधी आकलन किया जाएगा। राष्ट्रीय एकता दिवस परेड से पहले आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और तेज होने की उम्मीद है, ताकि जवानों में किसी और प्रसार को रोका जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी बुनियादी वेक्टर नियंत्रण की अनदेखी हुई। यह कोई अकेली घटना नहीं; बड़े सरकारी आयोजनों में अस्थायी आवासों में मच्छरजनित बीमारियाँ पहले भी सामने आती रही हैं। राज्य द्वारा डेंगू और मलेरिया में गिरावट के आँकड़े प्रस्तुत करना तब तक अधूरा है, जब तक स्वयं सरकार के आयोजनों में स्वास्थ्य सुरक्षा के मानक नहीं सुधरते। असली सवाल यह है कि क्या यह प्रतिक्रियात्मक उपाय भविष्य की परेड तैयारियों में संस्थागत बदलाव लाएगा, या हर बार घटना के बाद ही फॉगिंग शुरू होगी।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधीनगर में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के जवानों में डेंगू कैसे फैला?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गांधीनगर के सेक्टर 28 और 29 के नवनिर्मित सरकारी आवासों में पानी जमा होने से मच्छरों की गतिविधि बढ़ गई, जिसके कारण वहाँ ठहरे अर्धसैनिक जवानों में डेंगू के मामले सामने आए। 2 अक्टूबर तक दो दिनों में 24 जवानों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी थी।
डेंगू से प्रभावित जवानों का इलाज कहाँ हो रहा है?
डेंगू से प्रभावित जवानों का उपचार गांधीनगर सिविल अस्पताल में किया जा रहा है। अस्पताल ने बताया है कि सभी मरीज़ों की हालत स्थिर है और सार्वजनिक स्वास्थ्य दल द्वारा महामारी विज्ञान संबंधी आकलन किया जाएगा।
गुजरात सरकार ने डेंगू फैलाव रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर गहन फॉगिंग, दवाइयों का छिड़काव, लार्वा-रोधी अभियान और दैनिक बुखार निगरानी के आदेश दिए हैं। इसके अलावा प्रत्येक आवास ब्लॉक में चार स्वास्थ्यकर्मी तैनात करने और पानी का जमाव तुरंत हटाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
2026 में गुजरात में डेंगू और मलेरिया की स्थिति कैसी है?
पिछले वर्ष की तुलना में 2026 में गुजरात में मलेरिया के मामलों में 39.6 प्रतिशत और डेंगू के मामलों में 20.6 प्रतिशत की कमी आई है। 2026 के 40वें सप्ताह तक राज्य में 1.39 करोड़ से अधिक रक्त नमूने जाँचे गए, जिनमें 1,401 मलेरिया के मामले सामने आए।
राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में कौन-से बल भाग ले रहे हैं और वे कब से गांधीनगर में हैं?
बीएसएफ, सीआरपीएफ और आईटीबीपी के जवान 21 सितंबर 2026 से विभिन्न राज्यों से गांधीनगर पहुँच रहे हैं। उन्हें गांधीनगर के सेक्टर 28 और 29 में सरकारी आवासों में ठहराया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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