8 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गांधीनगर: डेंगू से सीआरपीएफ जवान अमल बर्मन की मौत, एकता दिवस परेड में आए 43 जवान संक्रमित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गांधीनगर: डेंगू से सीआरपीएफ जवान अमल बर्मन की मौत, एकता दिवस परेड में आए 43 जवान संक्रमित

सारांश

एकता दिवस परेड की तैयारी के लिए गांधीनगर आए सीआरपीएफ जवान अमल बर्मन की डेंगू से मौत ने बड़ा सवाल खड़ा किया है — 43 जवान संक्रमित, 31 अक्टूबर की परेड से पहले राज्य स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर।

मुख्य बातें

अमल बर्मन , 26 वर्षीय सीआरपीएफ जवान और असम के मूल निवासी, की 7 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर में डेंगू से मौत हो गई।
वे पहली बार 3 अक्टूबर को अस्पताल पहुँचे थे; पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद घर भेजा गया, तीन दिन बाद प्लेटलेट्स गिरने पर भर्ती किया गया।
सिविल अस्पताल में डेंगू से भर्ती जवानों की संख्या 24 से बढ़कर 43 हो गई है।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने प्रत्येक ब्लॉक में 4 स्वास्थ्यकर्मी तैनात करने और जल-जमाव रोकने के निर्देश दिए।
2026 के 40वें सप्ताह तक गुजरात में 2,345 डेंगू और 1,401 मलेरिया मामले दर्ज।
जवान 31 अक्टूबर को एकता नगर में होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारियों के लिए गांधीनगर में थे।

गांधीनगर में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारियों के लिए तैनात केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 26 वर्षीय जवान अमल बर्मन की 7 अक्टूबर 2026 को डेंगू से मौत हो गई। गांधीनगर सिविल अस्पताल की रेज़िडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) विपुला पंड्या ने इसकी पुष्टि की। मृतक जवान असम के मूल निवासी थे और 31 अक्टूबर को एकता नगर में होने वाली परेड की तैयारियों के सिलसिले में गुजरात आए थे।

मौत की परिस्थितियाँ

अमल बर्मन पहली बार 3 अक्टूबर को गांधीनगर सिविल अस्पताल पहुँचे थे, जहाँ उनकी डेंगू जाँच पॉजिटिव आई। आरएमओ विपुला पंड्या के अनुसार, उस समय उनकी अन्य चिकित्सीय रिपोर्ट संतोषजनक थीं, इसलिए उन्हें दवाएँ देकर आराम की सलाह के साथ घर भेज दिया गया।

तीन दिन बाद तबीयत बिगड़ने पर वे दोबारा अस्पताल पहुँचे, जहाँ जाँच में प्लेटलेट्स में तेज़ गिरावट पाई गई और उन्हें तत्काल भर्ती किया गया। पंड्या ने बताया, 'बुधवार तड़के उन्हें सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई, जिसके बाद उनका निधन हो गया।'

डेंगू संक्रमण का बढ़ता दायरा

सिविल अस्पताल में डेंगू से संक्रमित सीआरपीएफ जवानों की संख्या अब 43 हो गई है। पंड्या ने स्पष्ट किया कि यह संख्या केवल अस्पताल के इनडोर वार्ड में भर्ती मरीजों की है — इसमें बाह्य रोगी या संदिग्ध मामले शामिल नहीं हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही दो दिनों के भीतर 24 जवान डेंगू पॉजिटिव पाए गए थे।

देश के विभिन्न राज्यों से आए ये जवान गांधीनगर के अस्थायी आवासों में रहकर 31 अक्टूबर को एकता नगर में होने वाली परेड का अभ्यास कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त कई अन्य जवान बुखार और शरीर दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुँचे हैं, जिनकी जाँच रिपोर्ट का इंतज़ार है।

सरकार और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने जवानों के आवास स्थलों और परेड ग्राउंड पर व्यापक फॉगिंग, एंटी-लार्वा अभियान, बुखार सर्वेक्षण और सतत रोगी निगरानी के निर्देश दिए हैं।

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि सरकारी आवासों के प्रत्येक ब्लॉक में चार स्वास्थ्यकर्मी तैनात किए जाएँ और परिसर में कहीं भी पानी जमा न होने दिया जाए।

गुजरात में डेंगू और मलेरिया के आँकड़े

राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2026 के 40वें सप्ताह तक गुजरात में 1.39 करोड़ से अधिक रक्त नमूनों की मलेरिया जाँच की गई, जिनमें 1,401 मामले पॉजिटिव पाए गए। डेंगू के लिए 42 अस्पतालों के विशेष जाँच केंद्रों में 1.50 लाख से अधिक सीरम नमूनों की जाँच में उसी अवधि तक 2,345 मामले दर्ज हुए।

आगे क्या होगा

अमल बर्मन की मौत के बाद प्रशासन पर यह दबाव है कि शेष संक्रमित जवानों को त्वरित और पर्याप्त चिकित्सा सुविधा मिले। 31 अक्टूबर की परेड से पहले जवानों के स्वास्थ्य की निगरानी अब सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है, और विशेषज्ञों का मानना है कि सघन जाँच, मच्छर नियंत्रण तथा जल-संचय की रोकथाम मिलकर ही इस प्रकोप पर लगाम लगा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रणालीगत चूक की कहानी है — जवान को पहली विजिट पर डेंगू पॉजिटिव पाए जाने के बावजूद घर भेज दिया गया, जबकि वह एक अस्थायी आवास में रह रहे थे जहाँ मच्छर नियंत्रण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। 43 मामलों तक पहुँचना यह दर्शाता है कि प्रकोप की पहचान होते ही तत्काल आइसोलेशन और जाँच प्रोटोकॉल लागू नहीं किए गए। राष्ट्रीय आयोजनों के लिए बाहर से बुलाए गए जवानों की स्वास्थ्य जाँच और आवास-स्थल पर वेक्टर नियंत्रण को लेकर कोई मानक प्रोटोकॉल मौजूद था या नहीं — यह सवाल अब जवाब माँगता है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमल बर्मन कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
अमल बर्मन असम के रहने वाले 26 वर्षीय सीआरपीएफ जवान थे, जो गांधीनगर में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारियों के लिए तैनात थे। 3 अक्टूबर को डेंगू पॉजिटिव पाए जाने के बाद 6 अक्टूबर को प्लेटलेट्स गिरने पर उन्हें भर्ती किया गया और 7 अक्टूबर की तड़के सीने में दर्द के बाद उनका निधन हो गया।
गांधीनगर में कितने सीआरपीएफ जवान डेंगू से संक्रमित हैं?
गांधीनगर सिविल अस्पताल के इनडोर वार्ड में अब तक 43 सीआरपीएफ जवान डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। यह संख्या केवल भर्ती मरीजों की है; बाह्य रोगी और संदिग्ध मामले इसमें शामिल नहीं हैं।
राष्ट्रीय एकता दिवस परेड कब और कहाँ होगी?
राष्ट्रीय एकता दिवस परेड 31 अक्टूबर 2026 को एकता नगर (गुजरात) में आयोजित होनी है। देश के विभिन्न राज्यों से आए सीआरपीएफ जवान इसकी तैयारियों के लिए गांधीनगर के अस्थायी आवासों में रह रहे हैं।
गुजरात सरकार ने डेंगू प्रकोप पर क्या कदम उठाए हैं?
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने प्रत्येक आवासीय ब्लॉक में 4 स्वास्थ्यकर्मी तैनात करने और जल-जमाव पूरी तरह रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा आवास स्थलों और परेड ग्राउंड पर व्यापक फॉगिंग, एंटी-लार्वा अभियान और बुखार सर्वेक्षण चलाए जा रहे हैं।
2026 में गुजरात में डेंगू की स्थिति कैसी है?
राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 2026 के 40वें सप्ताह तक 42 अस्पतालों के विशेष जाँच केंद्रों में 1.50 लाख से अधिक सीरम नमूनों की जाँच में 2,345 डेंगू मामले दर्ज हुए हैं। इसी अवधि में मलेरिया के 1,401 मामले भी सामने आए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. कल
  3. 4 दिन पहले
  4. 5 दिन पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले