3 अक्टूबर 2026
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एकता दिवस परेड की तैयारी: गांधीनगर में 6,000 जवानों में से 14 डेंगू पॉजिटिव, तीन-स्तरीय अभियान शुरू

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एकता दिवस परेड की तैयारी: गांधीनगर में 6,000 जवानों में से 14 डेंगू पॉजिटिव, तीन-स्तरीय अभियान शुरू

सारांश

31 अक्टूबर की एकता दिवस परेड से पहले गांधीनगर में बड़ी स्वास्थ्य चुनौती — 6,000 जवानों में से 14 डेंगू पॉजिटिव। नगर निगम ने तीन-स्तरीय अभियान शुरू किया, लेकिन संक्रमण का स्रोत अभी तक स्पष्ट नहीं।

मुख्य बातें

गांधीनगर में एकता दिवस परेड की तैयारी के लिए आए करीब 6,000 जवानों में से 14 में डेंगू की पुष्टि हुई है।
अब तक 60 से 70 जवानों की जाँच की गई है; स्क्रीनिंग अभी जारी है।
CRPF, BSF, SSB, ITBP सहित महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और केरल के जवान सेक्टर-28 व 29 में ठहरे हैं।
नगर निगम ने स्वास्थ्य विभाग की छह टीमें तैनात कीं; 1,000 क्वार्टरों और 500 मीटर के दायरे में फॉगिंग व सर्विलांस।
संक्रमण गांधीनगर में फैला या जवान बाहरी राज्यों से लेकर आए — जाँच जारी, डॉ.
दशरथ भालिया के अनुसार यात्रा इतिहास खंगाला जा रहा है।
परेड 31 अक्टूबर 2026 को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, एकता नगर (केवड़िया) के निकट निर्धारित है।

गांधीनगर में 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारी के लिए पहुँचे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और विभिन्न राज्यों के करीब 6,000 जवानों में से 14 में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। मामले सामने आते ही गांधीनगर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने सेक्टर-28 और सेक्टर-29 में तत्काल निगरानी और रोकथाम अभियान शुरू कर दिया है।

पृष्ठभूमि: क्यों जुटे हैं हज़ारों जवान

हर वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के समीप भव्य एकता परेड आयोजित होती है। इस वर्ष परेड की पूर्वाभ्यास के लिए केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), शस्त्र सीमा बल (SSB) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे राज्यों की पुलिस व पैरामिलिट्री टुकड़ियाँ गांधीनगर पहुँची हैं।

जवानों को सेक्टर-28 और 29 में करीब 1,000 अस्थायी क्वार्टर आवंटित किए गए हैं, जबकि दिन के समय परेड का पूर्वाभ्यास गिफ्ट सिटी में होता है।

मुख्य घटनाक्रम: कितने मामले, कैसे पता चला

गांधीनगर नगर निगम के मलेरिया स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दशरथ भालिया के अनुसार, अब तक करीब 60 से 70 जवानों की डेंगू जाँच की गई है, जिनमें से 14 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यह संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि स्क्रीनिंग अभी जारी है।

गौरतलब है कि कुछ जवानों में गांधीनगर पहुँचने के समय ही बुखार, बदन दर्द और अन्य लक्षण मौजूद थे। इससे यह सवाल उठा है कि संक्रमण यहाँ फैला या जवान अपने-अपने राज्यों से पहले से संक्रमित होकर आए।

तीन-स्तरीय रोकथाम रणनीति

स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए तीन-स्तरीय कार्ययोजना लागू की है। पहले चरण में संक्रमित जवानों का उपचार और निरंतर स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।

दूसरे चरण में जवानों के करीब 1,000 अस्थायी क्वार्टरों और पूरे परिसर में फॉगिंग अभियान चलाया गया है। तीसरे चरण में सेक्टर-28 और 29 को केंद्र मानकर करीब 500 मीटर के दायरे में व्यापक सर्विलांस अभियान चल रहा है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की छह ग्राउंड टीमें संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की पहचान कर सोर्स रिडक्शन करा रही हैं।

संक्रमण के स्रोत की जाँच जारी

डॉ. दशरथ भालिया के अनुसार, फिलहाल यह निर्धारित करना मुश्किल है कि संक्रमण गांधीनगर में फैला या जवान बाहरी राज्यों से पहले से संक्रमित होकर पहुँचे थे। चूँकि बड़ी संख्या में जवान गुजरात के बाहर के राज्यों से आए हैं, इसलिए उनके यात्रा और स्वास्थ्य इतिहास की विस्तृत जाँच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सर्विलांस और जाँच पूरी होने के बाद ही संक्रमण के वास्तविक स्रोत का पता चल सकेगा।

आगे क्या

स्वास्थ्य विभाग का वर्तमान फोकस तीन प्राथमिकताओं पर है — संक्रमित जवानों का समुचित उपचार, शेष जवानों में संक्रमण को फैलने से रोकना और मच्छर प्रजनन स्थलों का पूर्ण सफाया। 31 अक्टूबर की परेड से पहले स्क्रीनिंग और फॉगिंग का दायरा और बढ़ाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बड़े पैमाने पर बहु-राज्यीय सुरक्षा बलों की तैनाती में स्वास्थ्य तैयारियों की खामियों का संकेत है। जब देश की सर्वोच्च प्रतीकात्मक परेड के लिए जुटे जवान संक्रमित हों, तो सवाल उठता है कि क्या अस्थायी आवास आवंटन से पहले मच्छर नियंत्रण का आकलन किया गया था। संक्रमण का स्रोत — गांधीनगर या बाहरी राज्य — यह निर्धारित करना महज़ चिकित्सकीय नहीं, बल्कि भविष्य की तैनाती नीति के लिए भी ज़रूरी है। प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन बड़े आयोजनों से पहले सुरक्षा बलों के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य प्रोटोकॉल की कमी अभी भी ध्यान माँगती है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधीनगर में एकता दिवस परेड के जवानों में डेंगू कैसे फैला?
अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि संक्रमण गांधीनगर में फैला या जवान अपने-अपने राज्यों से पहले से संक्रमित होकर पहुँचे थे। डॉ. दशरथ भालिया के अनुसार, कुछ जवानों में पहुँचते समय ही बुखार और बदन दर्द के लक्षण थे, और जाँच जारी है।
कितने जवानों में डेंगू पॉजिटिव पाया गया और कितने जवान गांधीनगर में हैं?
करीब 6,000 जवानों में से अब तक 60 से 70 की जाँच की गई है, जिनमें 14 डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। स्क्रीनिंग अभी जारी है और यह संख्या बदल सकती है।
गांधीनगर नगर निगम ने डेंगू रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
नगर निगम ने तीन-स्तरीय रणनीति अपनाई है — संक्रमितों का उपचार, 1,000 क्वार्टरों और परिसर में फॉगिंग, तथा सेक्टर-28 व 29 के 500 मीटर दायरे में सर्विलांस। स्वास्थ्य विभाग की छह टीमें ज़मीन पर तैनात हैं।
एकता दिवस परेड कब और कहाँ होती है?
राष्ट्रीय एकता दिवस परेड हर वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास आयोजित होती है। इसमें CRPF, BSF, SSB, ITBP सहित कई राज्यों की पुलिस व पैरामिलिट्री भाग लेती है।
क्या डेंगू की वजह से एकता दिवस परेड प्रभावित होगी?
अभी तक परेड रद्द या स्थगित करने की कोई सूचना नहीं है। जवानों की तैयारी गिफ्ट सिटी में जारी है और प्रशासन संक्रमण नियंत्रण के साथ-साथ परेड की तैयारियाँ दोनों को समानांतर रूप से चला रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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