एकता दिवस परेड की तैयारी: गांधीनगर में 6,000 जवानों में से 14 डेंगू पॉजिटिव, तीन-स्तरीय अभियान शुरू
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर में 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारी के लिए पहुँचे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और विभिन्न राज्यों के करीब 6,000 जवानों में से 14 में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। मामले सामने आते ही गांधीनगर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने सेक्टर-28 और सेक्टर-29 में तत्काल निगरानी और रोकथाम अभियान शुरू कर दिया है।
पृष्ठभूमि: क्यों जुटे हैं हज़ारों जवान
हर वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के समीप भव्य एकता परेड आयोजित होती है। इस वर्ष परेड की पूर्वाभ्यास के लिए केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), शस्त्र सीमा बल (SSB) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे राज्यों की पुलिस व पैरामिलिट्री टुकड़ियाँ गांधीनगर पहुँची हैं।
जवानों को सेक्टर-28 और 29 में करीब 1,000 अस्थायी क्वार्टर आवंटित किए गए हैं, जबकि दिन के समय परेड का पूर्वाभ्यास गिफ्ट सिटी में होता है।
मुख्य घटनाक्रम: कितने मामले, कैसे पता चला
गांधीनगर नगर निगम के मलेरिया स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दशरथ भालिया के अनुसार, अब तक करीब 60 से 70 जवानों की डेंगू जाँच की गई है, जिनमें से 14 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यह संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि स्क्रीनिंग अभी जारी है।
गौरतलब है कि कुछ जवानों में गांधीनगर पहुँचने के समय ही बुखार, बदन दर्द और अन्य लक्षण मौजूद थे। इससे यह सवाल उठा है कि संक्रमण यहाँ फैला या जवान अपने-अपने राज्यों से पहले से संक्रमित होकर आए।
तीन-स्तरीय रोकथाम रणनीति
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए तीन-स्तरीय कार्ययोजना लागू की है। पहले चरण में संक्रमित जवानों का उपचार और निरंतर स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
दूसरे चरण में जवानों के करीब 1,000 अस्थायी क्वार्टरों और पूरे परिसर में फॉगिंग अभियान चलाया गया है। तीसरे चरण में सेक्टर-28 और 29 को केंद्र मानकर करीब 500 मीटर के दायरे में व्यापक सर्विलांस अभियान चल रहा है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की छह ग्राउंड टीमें संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की पहचान कर सोर्स रिडक्शन करा रही हैं।
संक्रमण के स्रोत की जाँच जारी
डॉ. दशरथ भालिया के अनुसार, फिलहाल यह निर्धारित करना मुश्किल है कि संक्रमण गांधीनगर में फैला या जवान बाहरी राज्यों से पहले से संक्रमित होकर पहुँचे थे। चूँकि बड़ी संख्या में जवान गुजरात के बाहर के राज्यों से आए हैं, इसलिए उनके यात्रा और स्वास्थ्य इतिहास की विस्तृत जाँच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सर्विलांस और जाँच पूरी होने के बाद ही संक्रमण के वास्तविक स्रोत का पता चल सकेगा।
आगे क्या
स्वास्थ्य विभाग का वर्तमान फोकस तीन प्राथमिकताओं पर है — संक्रमित जवानों का समुचित उपचार, शेष जवानों में संक्रमण को फैलने से रोकना और मच्छर प्रजनन स्थलों का पूर्ण सफाया। 31 अक्टूबर की परेड से पहले स्क्रीनिंग और फॉगिंग का दायरा और बढ़ाए जाने की संभावना है।