गुजरात: एकता दिवस परेड की तैयारी में डेंगू की चपेट में 87 जवान, 1 CRPF जवान की मौत
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के गांधीनगर सिविल अस्पताल में पिछले 10 दिनों में 87 अर्धसैनिक जवान डेंगू और संबंधित बीमारियों की वजह से भर्ती कराए गए हैं। ये जवान 31 अक्टूबर को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, एकता नगर में होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारी के लिए विभिन्न राज्यों से आए थे। गुजरात सरकार के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को इस स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि 1 CRPF जवान की मृत्यु भी हो चुकी है, जिसका कारण फिलहाल कथित तौर पर कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
स्वास्थ्य मंत्री पानशेरिया के अनुसार, भर्ती हुए 87 जवानों में से 50 ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि शेष 37 जवान अभी भी उपचाराधीन हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इलाज करा रहे सभी जवानों की हालत स्थिर है और उनमें सुधार हो रहा है — कोई भी गंभीर स्थिति में नहीं है।
प्रभावित जवान सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) से हैं। ये जवान ओडिशा, झारखंड, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ सहित अनेक राज्यों से परेड की रिहर्सल के लिए गुजरात पहुँचे थे।
CRPF जवान की मौत का मामला
अस्पताल में भर्ती एक CRPF जवान की मृत्यु होने की पुष्टि स्वास्थ्य मंत्री ने की। उन्होंने बताया, 'शुरुआत में जवान की हालत स्थिर थी, लेकिन अचानक उसे सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। डॉक्टरों ने ECG सहित हार्ट की जाँच की और उसे ICU में शिफ्ट किया। इलाज के बावजूद उसकी मौत हो गई।'
मंत्री पानशेरिया ने संभावना जताई कि जवान ने बुखार और शारीरिक परेशानी के बावजूद भारी कसरत जारी रखी हो, जिससे हृदय संबंधी समस्या उत्पन्न हुई हो सकती है। हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मृत्यु का सटीक कारण पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही निर्धारित हो सकेगा। पानशेरिया ने कहा, 'यह बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना है। देश की सेवा करने वाले जवान को खोना हम सभी के लिए बड़ी क्षति है। हम मृतक जवान के परिवार के दुख में शामिल हैं।'
सरकार की प्रतिक्रिया और चिकित्सा प्रबंध
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने स्वयं गांधीनगर सिविल अस्पताल का दौरा किया और भर्ती जवानों से मुलाकात की। उन्होंने मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मीता पारिख और चिकित्सकों की टीम के साथ उपचार की विस्तृत समीक्षा की।
मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि जवानों को पर्याप्त पानी, पौष्टिक भोजन, ताज़े फल, फलों का जूस और सलाद उपलब्ध कराया जाए। रक्त और प्लेटलेट्स की उपलब्धता की भी विशेष समीक्षा की गई।
रोकथाम के उपाय
गुजरात के स्वास्थ्य विभाग ने जवानों के उपचार के लिए विशेषज्ञ रेजिडेंट डॉक्टरों को तैनात किया है। जवानों के निवास स्थलों पर दिन में दो बार फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव किया जा रहा है। एक विशेष टीम 24 घंटे स्वच्छता और स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित कर रही है।
आगे की स्थिति
गौरतलब है कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर एकता नगर में राष्ट्रीय स्तर की परेड आयोजित होनी है, जिसकी तैयारियाँ जारी हैं। अधिकारियों के अनुसार डेंगू नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों के बाद नए मामलों में कमी की उम्मीद है। मृत जवान के परिवार के प्रति राज्य सरकार ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु की परिस्थितियाँ स्पष्ट होंगी।