एकता दिवस परेड दल में डेंगू का प्रकोप: गांधीनगर में 24 कर्मियों की रिपोर्ट पॉजिटिव
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारियों के लिए विभिन्न राज्यों से पहुँचे कम से कम 24 कर्मियों में पिछले दो दिनों के भीतर डेंगू की पुष्टि हुई है। गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती इन कर्मियों में बुखार और बदन दर्द जैसे लक्षण पाए गए, जबकि कई अन्य को अभी निगरानी में रखा गया है। यह परेड 31 अक्टूबर 2026 को एकता नगर में आयोजित होनी है।
मुख्य घटनाक्रम
अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) विपुल पंड्या के अनुसार, गुरुवार को लगभग 34 कर्मियों को भर्ती किया गया, जिनमें से 23 की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई और शेष को संदिग्ध मामलों के रूप में इलाज किया गया। इसके बाद शुक्रवार शाम लगभग 5 बजे तक पाँच और कर्मियों को भर्ती किया गया, जिनमें एक की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली और चार की रिपोर्ट अभी प्रतीक्षित है।
पंड्या ने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक लगभग 10 मरीज़ों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी और शेष की स्थिति स्थिर बनी हुई है। उनके अनुसार अगले एक-दो दिनों में कई और मरीज़ों को भी अस्पताल से छुट्टी मिलने की उम्मीद है।
प्रभावित कर्मियों की स्थिति
भर्ती किए गए अधिकांश कर्मियों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है और उनमें बुखार तथा बदन दर्द के लक्षण दर्ज किए गए हैं। पंड्या ने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी मरीज़ की हालत गंभीर नहीं है और कोई जटिलता नहीं है।
ये कर्मी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, केरल और बिहार सहित कई राज्यों से आए हैं। सभी को गांधीनगर के एक छात्रावास में एक साथ ठहराया गया था, जहाँ हज़ारों की संख्या में कर्मी एकत्रित हैं। हालाँकि आरएमओ ने छात्रावास को संक्रमण का निश्चित स्रोत नहीं बताया।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
बड़ी संख्या में एक साथ मरीज़ों के भर्ती होने के बाद गांधीनगर सिविल अस्पताल ने राज्य और ज़िला स्तरीय महामारी एवं जन स्वास्थ्य टीमों को तत्काल सूचित किया है। पंड्या ने बताया कि महामारी विज्ञान संबंधी समग्र आकलन इन्हीं विशेषज्ञ टीमों द्वारा किया जाएगा।
आरएमओ ने कहा, 'महामारी विशेषज्ञ सभी जाँच करेंगे। हम डॉक्टरों का काम सिर्फ इलाज से जुड़ा है — हम यहाँ मरीज़ों की देखभाल करते हैं।' यह बयान इस बात की ओर संकेत करता है कि संक्रमण की उत्पत्ति और फैलाव की जाँच अभी जारी है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात सहित देश के कई राज्यों में मानसून के बाद डेंगू के मामलों में सामान्य वृद्धि दर्ज की जाती है। गौरतलब है कि बड़े पैमाने पर एकत्रित समूहों में मच्छर-जनित बीमारियों का प्रसार अपेक्षाकृत तेज़ हो सकता है, विशेषकर तब जब हज़ारों लोग एक ही परिसर में रह रहे हों। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे आयोजनों में वेक्टर नियंत्रण उपायों की पर्याप्तता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
आगे की स्थिति
महामारी विज्ञान टीमें संक्रमण के स्रोत की पहचान के लिए जाँच प्रारंभ करेंगी। शेष भर्ती मरीज़ों की रिपोर्ट आने पर कुल पुष्ट मामलों की संख्या में बदलाव हो सकता है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अधिकांश मरीज़ स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा लेंगे, बशर्ते हालत स्थिर रही।