गांधीनगर: डेंगू से सीआरपीएफ जवान अमल बर्मन की मौत, एकता दिवस परेड के 43 जवान संक्रमित
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारियों के लिए गुजरात पहुँचे केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के 26 वर्षीय जवान अमल बर्मन की 7 अक्टूबर 2026 को डेंगू से मौत हो गई। गांधीनगर सिविल अस्पताल की रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (RMO) डॉ. विपुला पंड्या ने इसकी पुष्टि की। एकता दिवस परेड की तैयारियों में जुटे डेंगू पॉजिटिव जवानों की कुल संख्या अब बढ़कर 43 हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
असम निवासी जवान अमल बर्मन पहली बार 3 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर सिविल अस्पताल पहुँचे थे, जहाँ उनकी डेंगू जाँच पॉजिटिव आई थी। डॉ. पंड्या के अनुसार, उस समय उनकी सामान्य स्थिति और अन्य चिकित्सीय रिपोर्टें संतोषजनक थीं, इसलिए उन्हें दवाएँ देकर आराम करने की सलाह के साथ घर भेज दिया गया।
तीन दिन बाद, 6 अक्टूबर को तबीयत बिगड़ने पर वे पुनः अस्पताल पहुँचे। जाँच में उनके प्लेटलेट्स की संख्या खतरनाक स्तर पर पाई गई, जिसके बाद उन्हें भर्ती किया गया। 7 अक्टूबर की तड़के उन्हें सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई और बाद में उनका निधन हो गया।
संक्रमण का विस्तार
गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती डेंगू पॉजिटिव जवानों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है। कुछ दिन पहले 24 जवानों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी, जो अब 43 हो गई है। डॉ. पंड्या ने स्पष्ट किया कि यह संख्या केवल अस्पताल के इनडोर वार्ड में भर्ती मरीजों की है — इसमें बाह्य रोगी या संदिग्ध मामले शामिल नहीं हैं। इसके अलावा कई अन्य जवान बुखार और शरीर दर्द की शिकायत के साथ उपचाराधीन हैं, जिनकी जाँच रिपोर्टों का इंतज़ार है।
सरकार की प्रतिक्रिया
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी आवासों के प्रत्येक ब्लॉक में चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जाए और परिसर में कहीं भी पानी जमा न होने दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने जवानों के अस्थायी आवास स्थलों और परेड ग्राउंड पर व्यापक फॉगिंग, एंटी-लार्वा अभियान, बुखार सर्वेक्षण और मरीजों की निरंतर निगरानी के निर्देश भी जारी किए हैं।
गुजरात में डेंगू और मलेरिया की स्थिति
राज्य स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के 40वें सप्ताह तक गुजरात में मलेरिया की जाँच के लिए 1.39 करोड़ से अधिक रक्त नमूनों की जाँच की गई, जिनमें 1,401 मामले सामने आए। वहीं, 42 अस्पतालों के विशेष जाँच केंद्रों में 1.50 लाख से अधिक सीरम नमूनों की जाँच में 2,345 डेंगू के मामले दर्ज किए गए। यह संख्या राज्य में मौसमी संक्रामक रोगों के बढ़ते दबाव की ओर इशारा करती है।
क्या होगा आगे
देश के विभिन्न राज्यों से आए ये जवान 31 अक्टूबर 2026 को एकता नगर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारी के लिए गांधीनगर में अस्थायी आवासों में रह रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब परेड की तारीख़ नज़दीक है और बड़ी संख्या में जवानों की सेहत जोखिम में है। स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई और कड़ी निगरानी ही यह तय करेगी कि संक्रमण और न फैले।