MP कांग्रेस का BJP पर हमला: 69,667 शिक्षक पद खाली, 12 करोड़ बच्चे स्कूल छोड़ रहे
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 16 सितंबर 2026 को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकारों पर स्कूल और उच्च शिक्षा की बदहाली को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि देश में 12 करोड़ बच्चे स्कूली पढ़ाई पूरी नहीं कर रहे और 10 करोड़ से अधिक युवा उच्च शिक्षा से बाहर हैं। यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से ठीक तीन दिन पहले आया है।
मुख्य आंकड़े और दावे
पटवारी ने AISHE, U-DISE Plus, आर्थिक सर्वेक्षण और नीति आयोग के डेटा का हवाला देते हुए कहा कि पहली कक्षा में दाखिला लेने वाले बच्चों में से केवल 47.2 प्रतिशत ही 12वीं कक्षा तक पहुँच पाते हैं। उनके अनुसार, लगभग 8.7 करोड़ युवा शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण — किसी भी श्रेणी में नहीं हैं।
उच्च शिक्षा की स्थिति पर पटवारी ने बताया कि ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) लगभग 30 प्रतिशत है, जिसका अर्थ है कि करीब 10.5 करोड़ युवा उच्च शिक्षा से वंचित हैं। गौरतलब है कि ये आँकड़े केंद्र और राज्य, दोनों स्तर की सरकारी नीतियों पर सवाल खड़े करते हैं।
मध्य प्रदेश की विशेष स्थिति
मध्य प्रदेश के संदर्भ में पटवारी के दावे और भी गंभीर हैं। उनके अनुसार, 2014-15 से 2025-26 के बीच राज्य में सरकारी स्कूलों की संख्या में लगभग 30,650 की कमी आई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह गिरावट करीब 1.02 लाख रही। राज्य में इस समय 69,667 शिक्षक पद रिक्त हैं।
पटवारी ने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश में 2,269 ऐसे स्कूल हैं जहाँ केवल एक-एक शिक्षक है, और इनमें लगभग 2.29 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। पूरे देश में ऐसे 1,00,843 स्कूल हैं जहाँ एकल शिक्षक पढ़ा रहे हैं।
उच्च शिक्षा में रिक्तियाँ
उच्च शिक्षा के मोर्चे पर पटवारी ने बताया कि मध्य प्रदेश की 17 सरकारी विश्वविद्यालयों में स्वीकृत 1,949 पदों में से 1,585 पद रिक्त हैं — यानी शिक्षण स्टाफ की भारी कमी। यह आंकड़ा इस बात की ओर इशारा करता है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षक-छात्र अनुपात बेहद असंतुलित है।
कांग्रेस की माँगें
पटवारी ने सरकार से तीन प्रमुख माँगें रखीं — शिक्षा व्यवस्था पर एक श्वेत पत्र जारी किया जाए, रिक्त शिक्षण पदों को तत्काल भरा जाए, और शिक्षा से रोजगार तक की एक समय-सीमाबद्ध रोडमैप तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि जब जनसांख्यिकीय लाभांश का अवसर तेजी से सिकुड़ रहा है, तो सरकार को इसे भुनाने की स्पष्ट रणनीति बतानी होगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब राहुल गांधी का 19 सितंबर 2026 को इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में भाग लेना तय है, जो छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।