क्या द्वारका जिला पुलिस ने 2025 में 82 उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार कर दी बड़ी सफलता?

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क्या द्वारका जिला पुलिस ने 2025 में 82 उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार कर दी बड़ी सफलता?

सारांश

द्वारका जिला पुलिस ने 2025 में 'नो प्लेस टू हाइड' रणनीति के तहत 82 उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग के समन्वय से की गई है, जिससे अपराधियों की त्वरित पहचान संभव हुई। जानिए इस सफल अभियान की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • द्वारका पुलिस ने 2025 में 82 उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया।
  • 'नो प्लेस टू हाइड' रणनीति के तहत काम किया गया।
  • आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया।
  • अभियान में 36 अपराधियों की गिरफ्तारी शामिल थी।
  • सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा मिला।

नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। द्वारका जिला पुलिस के पीओ/जेल बेल सेल ने 2025 में लगातार और प्रभावशाली कार्रवाइयों के तहत उद्घोषित अपराधियों के खिलाफ उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने सोमवार को एक प्रेस नोट जारी कर इस पर जानकारी साझा की।

नो प्लेस टू हाइड’ की नीति का पालन करते हुए, द्वारका पुलिस ने इस वर्ष कुल 82 फरार/उद्घोषित अपराधियों को ट्रेस कर गिरफ्तार या न्यायिक हिरासत में चिन्हित किया है। ये सभी अपराधी गंभीर और जघन्य आपराधिक मामलों में वांछित थे। यह अभियान अदालत की प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और फरार अपराधियों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से चलाया गया। पूरी कार्रवाई डीसीपी द्वारका जिला के मार्गदर्शन में और राम अवतार की रणनीतिक निगरानी में की गई, जिसमें पीओ/जेल बेल सेल की टीम ने सतत मॉनिटरिंग और फॉलोअप के साथ इसे अंजाम दिया।

वर्ष 2025 के दौरान अपनाई गई रणनीति के अंतर्गत 82 उद्घोषित अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई की गई, जिसमें छापेमारी कर 36 अपराधियों की गिरफ्तारी, फरार अपराधियों पर लगातार निगरानी, ठोस खुफिया जानकारी जुटाना, लक्षित छापेमारी और सटीक कार्रवाई शामिल है।

इस कार्रवाई के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 46 अपराधियों की पहचान की गई। ये अपराधी पहले से न्यायिक हिरासत में पाए गए। डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए उनकी स्थिति की पुष्टि की गई। पीओ/जेल बेल सेल ने आधुनिक तकनीक को पारंपरिक पुलिसिंग के साथ जोड़ते हुए राष्ट्रीय आपराधिक न्याय प्लेटफॉर्म्स का सुनियोजित उपयोग किया, जिनमें आईसीजेएस (इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम), ई-प्रिजन्स पोर्टल और पीओएमएस (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर मैनेजमेंट सिस्टम) शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए न केवल अपराधियों की त्वरित पहचान संभव हुई, बल्कि जेल और न्यायालयों के साथ बेहतर समन्वय भी स्थापित किया गया।

वर्ष 2025 में ट्रेस और गिरफ्तार किए गए उद्घोषित अपराधी कई गंभीर मामलों में शामिल थे, जिनमें लूट और डकैती, महिलाओं के खिलाफ अपराध, धोखाधड़ी और वित्तीय अपराध, आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले और आईपीसी व अन्य संबद्ध कानूनों के तहत गंभीर अपराध शामिल हैं।

इस कार्रवाई का नेतृत्व इंस्पेक्टर मनीष यादव (इंचार्ज) ने किया। उनके साथ इस अभियान में एसआई बलजीत, एएसआई हंसराज, हेड कांस्टेबल प्रदीप, हेड कांस्टेबल कुलवंत, हेड कांस्टेबल महेश डागर, हेड कांस्टेबल महेश कुमार, हेड कांस्टेबल अजीत कुमार, कांस्टेबल अंकुर, कांस्टेबल जयदीप, महिला हेड कांस्टेबल पूनम, महिला कांस्टेबल रोशनी और महिला कांस्टेबल सुरेंद्र कौर शामिल रहे।

Point of View

बल्कि यह न्यायिक प्रक्रिया को भी मजबूत बनाती है। यह कदम समाज में सुरक्षा की भावना को बढ़ाता है और पुलिस की क्षमता को दर्शाता है।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

द्वारका पुलिस की रणनीति क्या थी?
द्वारका पुलिस ने 'नो प्लेस टू हाइड' नीति अपनाकर 82 उद्घोषित अपराधियों को ट्रेस और गिरफ्तार किया।
इस अभियान में कितने अपराधियों को गिरफ्तार किया गया?
इस अभियान में कुल 82 उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
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