एशियन गेम्स 2026: भारत ने जीते 85 पदक, मांडविया ने PM मोदी को दिया 12 वर्षों की सफलता का श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में कहा कि एशियन गेम्स 2026 में 85 पदक जीतकर चौथे स्थान पर रहे भारतीय दल की इस सफलता का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को जाता है। एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन कर लौटे 501 सदस्यीय भारतीय दल ने गुरुवार को प्रधानमंत्री से इस ऐतिहासिक स्टेडियम में मुलाकात की।
मांडविया का संबोधन: खेल एक राष्ट्रीय आंदोलन बना
खेल मंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी का खिलाड़ियों से मिलने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा, 'पिछले 12 वर्षों में आपने खेलों को सिर्फ एक सेक्टर के रूप में नहीं, बल्कि एक नेशनल मूवमेंट के रूप में स्थापित किया है। इकोसिस्टम में बदलाव आया है, अवसर बढ़े हैं और सबसे महत्वपूर्ण भारतीय युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है।' मांडविया ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री की पहल पर फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया नीति और राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम लागू हुए, जिससे खेलों में एक सक्रिय इकोसिस्टम विकसित हुआ।
₹36,000 करोड़ की खेलो इंडिया स्कीम और मेजबानी की उड़ान
मांडविया ने बताया कि सरकार ने अगले 5 वर्षों के लिए ₹36,000 करोड़ की खेलो इंडिया स्कीम को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में भारत ने 40 अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की है और आने वाले महीनों में 10 और वैश्विक आयोजन भारत में होंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत ने 2029 के पुलिस एंड फायर गेम्स और 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हासिल की है, और ओलंपिक 2036 की मेजबानी के लिए प्रयास जारी हैं।
एशियन गेम्स 2026 की उपलब्धियाँ
खेल मंत्री ने भारतीय दल के प्रदर्शन का विस्तृत ब्यौरा दिया। 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहने के अलावा, भारत ने पहली बार 14 नए खेलों में 22 पदक जीते। महिला खिलाड़ियों ने सर्वाधिक 47 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इस दौरान 7 राष्ट्रीय रिकॉर्ड, 6 एशियाई रिकॉर्ड और 1 विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किए गए। मांडविया के अनुसार, यह पिछले 12 वर्षों में एशियन गेम्स में भारत का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
युवा शक्ति और पारदर्शी चयन प्रक्रिया
501 सदस्यीय दल में से 310 खिलाड़ी पहली बार एशियन गेम्स में शामिल हुए। इनमें से 106 खिलाड़ियों ने 41 पदक जीते। दल की औसत आयु महज 25 वर्ष रही, जो भारतीय खेलों की उभरती युवा शक्ति का प्रमाण है। मांडविया ने कहा कि चयन प्रक्रिया अब खुले, ऑन-कैमरा और पर्यवेक्षक की उपस्थिति में होती है, जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी काबिलियत दिखाने का उचित अवसर मिल रहा है।
आगे की राह
खेल मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में सबसे अधिक खिलाड़ियों से मुलाकात की है, जिस कारण खिलाड़ी उन्हें अपना 'परम मित्र' मानते हैं। सरकार, राष्ट्रीय खेल महासंघ और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) मिलकर खेल विकास की दिशा में काम कर रहे हैं। ओलंपिक 2036 की मेजबानी की बोली भारत की अगली बड़ी खेल महत्वाकांक्षा बनी हुई है।