भारत के पैरा-एथलीट 2026 एशियन पैरा गेम्स में 30 गोल्ड सहित 114 पदक जीते, खेल मंत्री मांडविया ने मोदी के नेतृत्व को दिया श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में कहा कि भारत के खेल इकोसिस्टम में आया ऐतिहासिक बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहलों और नेतृत्व का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि 2010 के एशियन पैरा गेम्स में महज 1 स्वर्ण पदक जीतने वाला भारत 2026 के संस्करण में 30 गोल्ड सहित कुल 114 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुँच गया है।
मुख्य घटनाक्रम
यह कार्यक्रम पीएम मोदी द्वारा भारतीय पैरा एशियन गेम्स दल के साथ इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में की गई बातचीत के बाद आयोजित हुआ। मांडविया ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'साल 2010 में, भारत ने एशियन पैरा गेम्स में सिर्फ 1 गोल्ड जीता था और हम मेडल टैली में 15वें स्थान पर थे। वहाँ से अब हम 114 मेडल (जिनमें 30 गोल्ड शामिल हैं) के साथ चौथे स्थान पर पहुँच गए हैं।'
उन्होंने कहा कि 'पीएम मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है। एक नए भारत का निर्माण हो रहा है, और खेल क्षेत्र भी बदलाव के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में उभरा है।'
सरकार की प्रमुख खेल पहलें
मांडविया ने खेल इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने में 'फिट इंडिया मूवमेंट' और 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उनके अनुसार, 'खेलो इंडिया' योजना के अंतर्गत ₹36,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही 'राष्ट्रीय खेल नीति', 'खेल प्रशासन अधिनियम' और एक पाँच वर्षीय खेल विकास योजना को भी उन्होंने महत्वपूर्ण कदम बताया।
गौरतलब है कि खेलो इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत से ही ज़मीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
पैरा-एथलीट्स को समान सम्मान का संदेश
मांडविया ने यह भी बताया कि पीएम मोदी के साथ बातचीत के दौरान पैरा-एथलीट्स को अन्य खिलाड़ियों के बराबर सम्मान और प्रोत्साहन दिए जाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा, 'उन्हें समान सम्मान और समान प्रोत्साहन दिया गया। एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी भी मौजूद थे।'
युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा, 'हाल ही में हुए एशियन गेम्स में, हमारे राष्ट्रीय पैरा-एथलीट्स ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। वे लगभग 30 गोल्ड मेडल जीतकर लाए हैं। हमारे पैरा-एथलीट सिर्फ खेलते ही नहीं हैं, बल्कि वे युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत भी हैं।'
पैरालंपिक कमेटी का बयान
पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहा, 'जब भी खिलाड़ी किसी बड़े आयोजन — चाहे वह कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, पैरा एशियन गेम्स या पैरालंपिक हो — से पदक जीतकर लौटते हैं, तो प्रधानमंत्री खुद उनका स्वागत करते हैं।' झाझरिया ने यह भी उल्लेख किया कि पीएम ने अपने संबोधन में कोचों और प्रशिक्षकों के परिश्रम की भी सराहना की, जो पैरा-एथलीट्स को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देते हैं।
आगे का रास्ता
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक और पैरालंपिक की तैयारियों में जुटा है। पैरा-खेलों में इस प्रगति को खेल विशेषज्ञ एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं कि देश में दिव्यांग एथलीटों के लिए ढाँचागत सुविधाएँ और प्रशिक्षण का स्तर दोनों सुधरे हैं। आने वाले वर्षों में सरकार की पाँच वर्षीय खेल विकास योजना के तहत इस गति को बनाए रखना एक महत्वपूर्ण परीक्षा होगी।