खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बैंकॉक में वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज के विजेताओं को सम्मानित किया
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने 13 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण शामिल हैं।
- खेल मंत्री ने विजेताओं को सम्मानित किया।
- पायल नाग ने शीतल देवी को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
- भारत का प्रदर्शन खेल संस्कृति को मजबूत करता है।
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खेलों में प्रगति हो रही है।
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने बैंकॉक 2026 वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में कुल 13 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इनमें सात स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं, जिसमें सभी कंपाउंड टीम इवेंट्स में पूर्ण विजय भी शामिल है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को इन पदक विजेताओं को सम्मानित किया।
खेल मंत्री ने इस अवसर पर कहा, "मैं बैंकॉक 2026 वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज से लौटे भारतीय दल को बधाई देता हूं। आपने 13 पदकों के साथ भारत का गौरव बढ़ाया है। जब कोई एथलीट प्रतियोगिता में जीतता है, तो यह केवल उसकी व्यक्तिगत सफलता नहीं होती, बल्कि यह हमारे देश का मान भी बढ़ाता है। भविष्य में, जब कोई पूछेगा कि ये 13 पदक किसने जीते, तो वे गर्व से कहेंगे कि भारत ने।"
उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से बदल रहा है। हम एक नया भारत बना रहे हैं। आप सभी इस नए भारत की पहचान हैं। आपकी उपलब्धियाँ इस नए भारत की नींव को और मजबूत करती हैं। मुझे विश्वास है कि हमारा देश भविष्य में और भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगा और विकसित भारत एवं विकसित खेल की दिशा में आगे बढ़ेगा।"
महिलाओं के कंपाउंड ओपन व्यक्तिगत वर्ग में, पैरा-आर्चर पायल नाग ने मौजूदा विश्व चैंपियन शीतल देवी को हराकर सभी को आश्चर्यचकित किया।
पायल नाग ने 'राष्ट्र प्रेस' से बात करते हुए कहा, "मेडल जीतना अद्भुत है, खासकर यह जानकर कि भारत ने दो पदकों - स्वर्ण और रजत - जीते हैं।"
अपनी तैयारियों पर पायल ने कहा, "ट्रायल्स में मेरी तीसरी रैंक थी और मेरा स्कोर कम था, इसलिए मैंने उसी समय ठान लिया कि मुझे मेहनत करनी है और बैंकॉक में पदक जीतना है।"
बातचीत में शीतल देवी ने कहा, "मुझे बहुत खुशी हो रही है कि भारत ने 13 पदक जीते। आज हम खेल मंत्री से मिले और उन्होंने हमें सम्मानित किया। मुझे उम्मीद है कि हम भारत के लिए और भी कई पदक जीतेंगे और इसी तरह मिलते रहेंगे। जब भी हम पदक जीतते हैं, तो हमें प्रधानमंत्री से मिलने का अवसर मिलता है, जो हमें और प्रेरित करता है।"