खेलो इंडिया और खेल महासंघों के लिए ₹36,000 करोड़ आवंटित: PM मोदी ने एशियन गेम्स दल को किया सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के भारतीय दल से मुलाकात की और घोषणा की कि सरकार ने 'खेलो इंडिया' का विस्तार करने तथा खेल महासंघों को सुदृढ़ करने के लिए ₹36,000 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में भारत ने 85 मेडल जीतकर समग्र तालिका में चौथा स्थान हासिल किया — जो देश के खेल इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
सरकार की खेल नीति और निवेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'पिछले 12 वर्षों में देश ने एक दूरदर्शी सोच के साथ लगातार और समर्पित प्रयास किए हैं। हमने एक अधिक पारदर्शी और आधुनिक खेल इकोसिस्टम तैयार किया है।' उन्होंने बताया कि सरकार ने 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (TOPS) और 'खेलो इंडिया' की शुरुआत की थी, और अब इन पहलों को और व्यापक रूप दिया जा रहा है। आज पूरे देश में 1,000 से अधिक 'खेलो इंडिया केंद्र' स्थापित हो चुके हैं।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन
जापान में हुए एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य — कुल 85 पदक जीते, जिससे देश मेडल तालिका में चौथे स्थान पर रहा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक खेल मंच पर अपनी उपस्थिति को व्यापक रूप से बढ़ा रहा है।
किशोर खिलाड़ियों की सराहना
इस दल में कई किशोर खिलाड़ी भी शामिल रहे। 15 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मोदी ने इन युवा खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए कहा, 'टीम इंडिया के कई खिलाड़ी सिर्फ 15-17 साल के थे। इतनी कम उम्र में इन खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने देशवासियों का दिल जीत लिया है।' उन्होंने यह भी कहा कि यह साबित करता है कि सफलता की राह में उम्र कोई बाधा नहीं है, इसलिए प्रतिभाओं की पहचान जल्द से जल्द करने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
2036 ओलंपिक मेजबानी का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की दीर्घकालिक खेल महत्वाकांक्षाओं को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, '2028 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक होगा, 2030 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा, और 2036 में हम ओलंपिक की मेजबानी का लक्ष्य रखते हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि लाल किले की प्राचीर से शुरू की गई 'टैलेंट हंट' पहल के तहत देश के गाँव-गाँव तक पहुँचकर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जा रही है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने खेल बजट में बड़ी वृद्धि की है, लेकिन ₹36,000 करोड़ का यह आवंटन भारतीय खेल इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा एकल प्रतिबद्धता आँकड़ा बताया जा रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 की मेजबानी की दिशा में बुनियादी ढाँचे के विकास और खिलाड़ी-प्रशिक्षण तंत्र को और मज़बूत करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। मोदी ने विश्वास जताया, 'भारत में बड़े खेल आयोजन — हम इसे करके दिखाएंगे।'