15 अक्टूबर 2026
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खेलो इंडिया और खेल महासंघों के लिए ₹36,000 करोड़ आवंटित: PM मोदी ने एशियन गेम्स दल को किया सम्मानित

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खेलो इंडिया और खेल महासंघों के लिए ₹36,000 करोड़ आवंटित: PM मोदी ने एशियन गेम्स दल को किया सम्मानित

सारांश

₹36,000 करोड़ का खेल आवंटन, एशियन गेम्स में 85 पदक और 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी जैसे किशोर चैंपियन — PM मोदी का मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में दिया संदेश सिर्फ जश्न नहीं था, बल्कि 2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक मेजबानी की महत्वाकांक्षा का खुला ऐलान था।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 15 अक्टूबर 2026 को 'खेलो इंडिया' विस्तार और खेल महासंघों के लिए ₹36,000 करोड़ से अधिक के आवंटन की घोषणा की।
देश भर में 1,000 से अधिक 'खेलो इंडिया केंद्र' स्थापित, TOPS योजना का दायरा बढ़ाया गया।
एशियन गेम्स 2026 (आइची-नागोया, जापान) में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य — कुल 85 पदक जीते; मेडल तालिका में चौथा स्थान ।
15 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी सहित 15-17 आयु वर्ग के किशोर खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक में योगदान दिया।
भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा; 2036 ओलंपिक की मेजबानी का लक्ष्य।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के भारतीय दल से मुलाकात की और घोषणा की कि सरकार ने 'खेलो इंडिया' का विस्तार करने तथा खेल महासंघों को सुदृढ़ करने के लिए ₹36,000 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में भारत ने 85 मेडल जीतकर समग्र तालिका में चौथा स्थान हासिल किया — जो देश के खेल इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

सरकार की खेल नीति और निवेश

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'पिछले 12 वर्षों में देश ने एक दूरदर्शी सोच के साथ लगातार और समर्पित प्रयास किए हैं। हमने एक अधिक पारदर्शी और आधुनिक खेल इकोसिस्टम तैयार किया है।' उन्होंने बताया कि सरकार ने 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (TOPS) और 'खेलो इंडिया' की शुरुआत की थी, और अब इन पहलों को और व्यापक रूप दिया जा रहा है। आज पूरे देश में 1,000 से अधिक 'खेलो इंडिया केंद्र' स्थापित हो चुके हैं।

एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन

जापान में हुए एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य — कुल 85 पदक जीते, जिससे देश मेडल तालिका में चौथे स्थान पर रहा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक खेल मंच पर अपनी उपस्थिति को व्यापक रूप से बढ़ा रहा है।

किशोर खिलाड़ियों की सराहना

इस दल में कई किशोर खिलाड़ी भी शामिल रहे। 15 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मोदी ने इन युवा खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए कहा, 'टीम इंडिया के कई खिलाड़ी सिर्फ 15-17 साल के थे। इतनी कम उम्र में इन खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने देशवासियों का दिल जीत लिया है।' उन्होंने यह भी कहा कि यह साबित करता है कि सफलता की राह में उम्र कोई बाधा नहीं है, इसलिए प्रतिभाओं की पहचान जल्द से जल्द करने पर ज़ोर दिया जा रहा है।

2036 ओलंपिक मेजबानी का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की दीर्घकालिक खेल महत्वाकांक्षाओं को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, '2028 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक होगा, 2030 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा, और 2036 में हम ओलंपिक की मेजबानी का लक्ष्य रखते हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि लाल किले की प्राचीर से शुरू की गई 'टैलेंट हंट' पहल के तहत देश के गाँव-गाँव तक पहुँचकर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जा रही है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने खेल बजट में बड़ी वृद्धि की है, लेकिन ₹36,000 करोड़ का यह आवंटन भारतीय खेल इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा एकल प्रतिबद्धता आँकड़ा बताया जा रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 की मेजबानी की दिशा में बुनियादी ढाँचे के विकास और खिलाड़ी-प्रशिक्षण तंत्र को और मज़बूत करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। मोदी ने विश्वास जताया, 'भारत में बड़े खेल आयोजन — हम इसे करके दिखाएंगे।'

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का यह आवंटन भारतीय खेल नीति में बड़े वित्तीय संकल्प का संकेत देता है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि यह राशि ज़मीनी स्तर पर कितनी प्रभावी रूप से पहुँचती है — क्योंकि अतीत में बड़े खेल बजट के बावजूद ग्रामीण प्रतिभाओं तक ढाँचागत सुविधाएँ पहुँचाने में देरी देखी गई है। एशियन गेम्स में चौथा स्थान निस्संदेह ऐतिहासिक है, पर 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दौड़ में भारत को न केवल खिलाड़ी बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानक का बुनियादी ढाँचा भी खड़ा करना होगा। 'टैलेंट हंट' जैसी पहलें सही दिशा में हैं, लेकिन खोजे गए खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय कोचिंग और प्रतियोगिता का अनुभव देना उतना ही ज़रूरी है जितना उनकी पहचान करना।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खेलो इंडिया के लिए ₹36,000 करोड़ का आवंटन क्या है?
यह केंद्र सरकार द्वारा 'खेलो इंडिया' योजना के विस्तार और देश के खेल महासंघों को मज़बूत करने के लिए घोषित राशि है। PM मोदी ने 15 अक्टूबर 2026 को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एशियन गेम्स दल से मुलाकात के दौरान इसकी जानकारी दी।
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कितने पदक जीते?
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल 85 पदक जीते — 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य। इस प्रदर्शन के साथ भारत समग्र मेडल तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
वैभव सूर्यवंशी कौन हैं और एशियन गेम्स में उनका क्या योगदान रहा?
वैभव सूर्यवंशी 15 वर्षीय भारतीय क्रिकेटर हैं जो एशियन गेम्स 2026 के भारतीय दल का हिस्सा थे। उन्होंने क्रिकेट में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में योगदान दिया और PM मोदी ने उन्हें उनकी उम्र के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से सराहा।
भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 की मेजबानी कैसे करेगा?
भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है, जबकि 2036 ओलंपिक की मेजबानी हासिल करना देश का लक्ष्य है। PM मोदी ने इसी विज़न के तहत 'टैलेंट हंट' पहल और खेल बुनियादी ढाँचे में बड़े निवेश की बात कही है।
'खेलो इंडिया केंद्र' क्या हैं और देश में इनकी संख्या कितनी है?
'खेलो इंडिया केंद्र' सरकार द्वारा स्थापित खेल प्रशिक्षण केंद्र हैं जो ज़मीनी स्तर पर युवा प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए बनाए गए हैं। PM मोदी के अनुसार, अब तक पूरे देश में 1,000 से अधिक ऐसे केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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